भारत स्वाभिमान दल

भारत स्वाभिमान दल स्वस्थ, समृद्ध, शक्तिशाली एवं संस्कारवान भारत का पुनर्निर्माण

भारत स्वाभिमान दल संक्षिप्त परिचय

भारतवर्ष एक ऐसा देश है जो कभी सोने का शेर था ।

हर व्यक्ति आनन्दित, हर परिवार संपन्न, सबके पास अपने काम और सब कामो में व्यस्त, सर्वोच्च स्तर का चरित्र, बौद्धिक स्तर पर भारत का कोई मुकाबला नहीं था, उच्च स्तरीय गुरुकुल शिक्षा पद्धति, आयुर्वेदिक और शल्य चिकित्सा, तकनीकि विज्ञान और खोज में सबसे आगे, सबसे पहले अंतरिक्ष विज्ञान का ज्ञाता, संस्कार और परम्परा में पूरे वि

श्व का गुरु और सिरमौर कहलाने वाला भारतवर्ष आज वासना, नशा, भ्रष्टाचार और व्याभिचार और आलस्य में डूबा हुआ है।

हर तरफ चोरी, दुश्मनी, हत्या, बलात्कार, धरना प्रदर्शन, मुफ्तखोरी, दलाली, घूसखोरी और अपराध अपने चरम पर है।

कोई संतुष्ट नहीं, सबके अंदर असुरक्षा की भावना घर कर चुकी है, कुछ भी निश्चित नहीं लगता।

जो समाज का नेतृत्व करते है, जिनके इशारे मात्र पर कुछ बदल सकता है, वो स्वाभिमान जागरण, विकास और राष्ट्रीय एकता के स्थान पर, विनाश और साम्प्रदायिक तुष्टिकरण कर विखण्डन की बात करते है, अपने राजनैतिक हित के लिए हमेशा धर्म के आधार पर भेदभाव करते है, जाति और सम्प्रदाय की बातो में उलझाकर, उकसाकर लड़वाया करते है, और वोट की राजनीति करते है, उनके लिए हम वोट बैंक के अलावा और कुछ नहीं।

जो विकास और जानकारी के स्रोत है, जो जन जन तक जानकारी पहुचाने के माध्यम है, वो अश्लीलता परोसकर विदेशी कम्पनियो का व्यापार बढ़ाकर, कमीशन के रूप में पैसा बटोर रहे है, भारत के नागरिकों को संविधानिक रूप से साम्प्रदायिक आधार पर बांटने वाले कानून लागू कर दिये गये है।

जिनके हाथ में देश का भविष्य है, जो पीढ़ियों का निर्माण करते है, जो अपने द्वारा बच्चों को चरित्र, व्यवहार, सामाजिक और भविष्य निर्माण की कला सिखाते है, उनको कानूनों में बांधकर अपंग बना दिया, और थोप दी विदेशी शिक्षा व्यवस्था।

आज सब व्यवस्थाओं में घुन लग गया है, न कुछ स्पष्ट है और न ही सापेक्ष, अपनी मूल प्रकृति को भूलकर दूसरो की व्यवस्था और गंदे संस्कारो से प्रभावित होकर हम विनाश की अंधी दौड़ में शामिल हो गए है जिसका अंजाम शायद एक दिन सीरिया जैसा हो सकता है।

क्या आप चाहते हो कि आप के बच्चे जिन्हें आप अपनी जान से ज्यादा प्यार करते हो, ऐसे माहौल में जिए, ऐसी व्यवस्थाये विनाशकारी है इनको बदलना होगा।

ऐसे में देश के कुछ युवाओ और बुद्धिजीवी लोगो ने मिलकर, अपने देश के स्वर्णिम इतिहास का अध्ययन कर क्रांतिकारी, योगियो और संतो के जीवन से प्रेरणा लेकर "भारत स्वाभिमान दल" संगठन की स्थापना की है, और उन सिद्धांतो पर कार्य करने का निर्णय लिया जिन पर चलकर यह देश खुशहाल, संपन्न, शक्तिशाली, संस्कारवान और विश्वगुरु था। आइये मिलकर संस्कारित, खुशहाल, समृद्ध, दिव्य और तेजस्वी भारत का निर्माण करे।

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए संगठित होना अति आवश्यक है।

भारत स्वाभिमान दल देश के हर उम्र के विचारशील, प्रगतिशील और राष्ट्रभक्तों का इस महान कार्य में सहयोग के लिए आवाहन करता है।

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए भारत स्वाभिमान दल की ग्यारह सूत्री कार्य योजना:-

1. वर्तमान में चल रही समस्त गलत नीतियों व भ्रष्ट व्यवस्थाओं का राष्ट्र हित में पूर्ण परिवर्तन कराना। भ्रष्टाचार, बलात्कार, दहेज हत्या, गौहत्या, आतंकवाद व मिलावट करने वालों के विरूद्ध मृत्युदण्ड का कानून बनवाकर सम्पूर्ण भारतीयों को सुरक्षा प्रदान करवाना। शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून, अर्थ व कृषि व्यवस्था का पूर्ण भारतीयकरण व स्वदेशीकरण करना।

2. साम्प्रदायिक आधार पर भेदभाव करने वाले कानूनों को निरस्त कर समान नागरिक संहिता लागू करना।

वर्तमान भारतीय संविधान जाति व धर्म के आधार पर भारतीय नागरिकों में भेदभाव करता हैं, यह संविधान धर्म के आधार पर किसी नागरिक को सामान्य, तो किसी नागरिक को विशेषाधिकार देता हैं। इस संविधानिक साम्प्रदायिक भेदभाव के चलते देश में जातीय व साम्प्रदायिक तनाव बढ़ रहा हैं, जो राष्ट्रीय एकता व अखण्डता के लिए घातक हैं, और कालांतर में गृहयुद्ध का कारण भी बन सकता हैं।

राष्ट्र हित में साम्प्रदायिक आधार पर भारतीय नागरिकों में भेदभाव करने वाले कानूनों को निरस्त कर समान नागरिक संहिता लागू की जाए। देश में समानता का अधिकार लागू किया जाना चाहिए।

3. जातिवाद को असंवैधानिक घोषित करना, सरकारी महत्व के अभिलेख विद्यार्थी पंजीकरण, मूल निवास, जॉब पंजीकरण आदि परिपत्रों में जाति लिखने को प्रतिबंधित करना।

4. नौकरी हेतु किसी भी प्रकार के आरक्षण को अवैध घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगाना, केवल शिक्षा हेतु आर्थिक आधार पर गरीब विद्यार्थियों को सहायता दी जाए, नौकरी उन्हें उनकी योग्यता के आधार पर मिले।

5. भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना, काले धन को वापस मंगाना, भ्रष्टाचारियों की संपत्ति को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करना व भ्रष्टाचारियों को कठोर दंड का प्रावधान करना।

6. केन्द्रीय गौवंश मंत्रालय बनाकर स्वदेशी गौवंश को प्रोत्साहन की नीति बनाना। केन्द्रीय योजना बनाकर जिला स्तर पर एक एक लाख गौवंश की क्षमता वाली गौशालाएँ बनवाना, उनमें बेसहारा गाय, बैल व सांडों को रखकर गौवंश आधारित उद्योगों की शुरूआत कराना, गैस, बिजली, खाद, औषधि आदि गौवंश से उत्पन्न कर विदेशी मुद्रा बचाना, तथा गाँवों में गौवंश आधारित संयंत्र स्थापित करने के लिए गौवंश पालक किसानों को सबसिडी देने का प्रावधान करना, ग्रामीण भारतीयों को आत्मनिर्भर बनाना।

7. सभी धर्मों के भारतीय नागरिकों के लिए अधिकतम तीन संतान उत्पन्न करने का कठोर जनसंख्या कानून बनाना, इस कानून की अवमानना करने वाले को सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित कराना।

8. विद्यालयों में चरित्र निर्माण, व्यवसायिक शिक्षा व सैन्य शिक्षा अनिवार्य करना। तथ्यों के आलोक में भारतीय इतिहास का पुनर्लेखन कराना तथा ताजमहल, लालकिला आदि प्राचीन भवनों के वास्तविक निर्माताओं को श्रेय देकर भारत का सुप्त स्वाभिमान जगाना। काल गणना के लिए युगाब्ध को अपनाकर राष्ट्रीय पंचांग के रूप में लागू करना। केन्द्रिय परीक्षाओं में अंग्रेजी प्रश्नपत्र की अनिवार्यता समाप्त करना तथा संस्कृत, हिन्दी व क्षेत्रिय भाषाओं को वैकल्पिक आधार प्रदान करना।

9. स्वदेशी उत्पादनों को प्रोत्साहित करना। आयुर्वेद को राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करना।

10. उन्नत कृषि एवं पशुपालन को प्रोत्साहित करना तथा राष्ट्रीय किसान आयोग का पुनर्गठन करना।

11. बेरोजगारी, गरीबी, भूख, अभाव व अशिक्षा से मुक्त स्वस्थ, समृद्ध, संस्कारवान व शक्तिशाली भारत का पुनर्निर्माण करना और भारत को विश्व की महाशक्ति तथा विश्वगुरू के रूप में पुन: प्रतिष्ठित करना।

भारत स्वाभिमान दल - समर्पण निधि योजना

राष्ट्र हित व धर्म हित में धरातल पर कार्य करने की इच्छा रखने वाले राष्ट्रभक्तों का भारत स्वाभिमान दल की हित चिंतक योजना में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन हैं ।

जैसा कि आप सभी लोग जानते है कि देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा व संवर्धन के लिए कार्यरत क्रांतिकारी संगठन भारत स्वाभिमान दल एक राजनीतिक विचारों का गैर राजनीतिक संगठन हैं।

साथियों भ्रष्ट व आसुरी शक्तियों से धर्म और संस्कृति को सुरक्षित करने के लिए ही नहीं, देश की समूचीव्यवस्था को सही तरीके से चलाने के लिए भी अच्छे लोगों का राजनीति में आना जरूरी है। ऐसे ही लोग भ्रष्टाचारी व आसुरी शक्तियों के प्रभाव को दूर कर पाते हैं जो आम जन की अभिलाषाओं को पूरा कर पाने की दिशा में प्रयत्नशील रहते हैं।

हमारे जनतंत्र में चुने हुए लोगों का महत्व बहुत है। सरकार चलाने व व्यवस्था बनाने का काम इन्हीं के हाथ में होता है। लेकिन देखने में यह आता है कि किसी भी तरह चुनाव जीतने वाला इंसान आम जन की सेवा के भाव से नहीं आता। उसके निजी स्वार्थ होते हैं और वह समाज के हर तबके के बारे में प्राय : मानवीय दृष्टि से नहीं सोचना चाहता। यहीं से साम्प्रदायिक तुष्टिकरण का कारोबार शुरू हो जाता है। जो योजनाएं आम जनता के कल्याण के लिए बनाई जानी चाहिए, वे साम्प्रदायिक आधार पर बनाई जाती है, सभी भारतीयों को उनका लाभ मिल ही नहीं पाता।

इस स्थिति को समाप्त करने के लिए यह बहुत आवश्यक है कि राजनीति में समाज सेवा का भाव रखने वाले हिन्दुत्वनिष्ठ लोग अधिक से अधिक आएं। शुरुआत भले ही कम लोग करें , लेकिन उनके राजनीति में प्रवेश से और लोगों का हौसला भी बढ़ेगा। उनके सही जगह पहुंचते ही साधारण नागरिक को भी सरकार पर विश्वास होने लगेगा।

मित्रों नेताओ को कोसने की प्राचीन परंपरा छोडकर अब नई पीढ़ी को राजनीति के शुद्धिकरण का बीड़ा उठाना चाहिए । इसके लिए अच्छे लोगो को राजनीति में आने की जरूरत है । पानी की गहराई किनारे पर बैठ कर नहीं आँकी जा सकती है । अब तो राजनीति में शुद्ध आचार-विचार वाले व्यक्तियों को आना ही होगा ।

भारत स्वाभिमान दल राष्ट्र को एक सशक्त राजनीतिक विकल्प देने जा रहा हैं, जिसके लिए देश भर से हमें समर्पण निधि योजना के तहत सदस्य व हितचिंतक चाहिए, जो भारत स्वाभिमान दल को 1100, 2100, 5100, 11000 रूपयों का आर्थिक अनुदान दे सके। न्यूनतम 1100 से 11000 रूपये तक का अनुदान देने वाले सदस्य संगठन के हितचिंतक कहलाएँगे, हितचिंतकों में से अथवा उनके सुझाव अनुसार ही प्रत्याशियों का चयन किया जायेगा।

सक्रीय राजनीति में उतरने के बाद "भारत स्वाभिमान दल जो घोषणा करेगा, वहीं कार्य करेगा", इसके लिए दल का चुनावी घोषणा पत्र भी नोटरी द्वारा प्रमाणित कराकर जारी किया जाएगा, ताकि अपने वचनों को पूरा न किये जाने की स्थिति में कोई भी भारतीय नागरिक भारत स्वाभिमान दल पर कोर्ट केस कर सकें। इसलिए अनावश्यक सोच विचार छोड़ कर छब्बीस सौ वर्षों की गलतियों को सुधारने के लिए भारत स्वाभिमान दल के हित चिंतक बनें, और व्यवस्था बदलें।

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन, राजनैतिक शुचिता तथा भारत के पुर्नोत्थान के लिए अधिक से अधिक संख्या में तन- मन- धन के साथ संगठन से जुड़ें।
भारत स्वाभिमान दल आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन करता हैं।

नोट :- दान व सहयोग कैसे करे

सम्पूर्ण व्यवस्था परिवर्तन, राजनैतिक शुचिता व राष्ट्र- धर्म रक्षा के लिए भारत स्वाभिमान दल की समर्पण निधि योजना में सहयोगी बनने के इच्छुक दानदाता बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थानीय सी0बी0एस0 शाखा में पहुंचकर

भारत स्वाभिमान दल
खाता संख्या A/C no :- 08840100020849
IFSC - BARB0FATEAS
Branch Code 0884
(भारत स्वाभिमान दल, बैंक ऑफ बड़ौदा, फतेहगंज पूर्वी, बरेली, उत्तर प्रदेश) के नाम अपना धन जमा कर उसकी जमा पर्ची व अपना नाम, आयु, पिता का नाम, शैक्षणिक योग्यता, पत्र व्यवहार का पता (पिन कोड सहित), व मोबाइल नम्बर हमें 08535004500 पर वाट्सएप्प कर दें।

खाते में धन जमा करवाते समय खाता धारक का नाम एवं शाखा का स्थान अवश्य जांच लें।
सभी प्रकार के दान व सदस्यता किसी भी स्थिति में पूर्णतया अप्रत्यवर्णीय (Not Refundable) हैं।
समर्पण निधि योजना के बारे में अधिक जानने के लिए 8535004500 पर कॉल करें।

वन्दे मातरम्
भारत माता की जय

04/06/2026

🚩जय श्रीकृष्ण जी🙏🏻

श्रीकृष्ण चरित मानस की पुस्तकें प्रकाशित होकर आ गई है, डाक खर्च सहित कुल रूपए 900 भेजकर श्रीकृष्ण चरित मानस ग्रंथ मंगा सकते हैं 🙏🏻

📘 श्रीकृष्ण चरित मानस
केवल पढ़ने की पुस्तक नहीं,
जीवन को दिशा देने वाला वैदिक ग्रंथ।
• 7 कांडों में श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन (अवतार से महासमाधि तक)
• धर्म, नीति, प्रेम, युद्ध, राष्ट्र और आत्मबोध का समन्वित दर्शन
• सरल, भावपूर्ण और हिन्दी भाषा - विद्वान और सामान्य पाठक दोनों के लिए
• भक्ति के साथ विवेक और युगबोध

✨ यह ग्रंथ उनके लिए है जो—
✔ श्रीकृष्ण को केवल पूजना नहीं, समझना चाहते हैं
✔ गीता को व्यवहार में उतारना चाहते हैं
✔ सनातन दृष्टि से जीवन और समाज को देखना चाहते हैं
🙏 यह कथा नहीं — चेतना और पथदर्शन है।

“इस ग्रंथ को पढ़कर पाठक श्रीकृष्ण को केवल पूजता नहीं, जीना सीखता है।”

🙏 ऑर्डर करने हेतु:

💰 शुल्क: ₹900/-
👉 PhonePe / Google Pay:
📲 9411421355

भुगतान के बाद कृपया भेजें:
✔ भुगतान Screenshot
✔ पूरा नाम
✔ पूरा पता (पिनकोड सहित)

ग्रंथ आपके पते पर 📦 स्पीड पोस्ट द्वारा भेज दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान महाराजा बिजली पासी जी के किले की लगभग 100 बीघा भूमि पर जबरन कब्ज़...
03/06/2026

उत्तर प्रदेश में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान महाराजा बिजली पासी जी के किले की लगभग 100 बीघा भूमि पर जबरन कब्ज़ा कर वहाँ कांशीराम स्मृति उपवन का निर्माण किया गया, जिसे लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर असंतोष और चर्चा बनी हुई है।

राष्ट्रीय सनातन पार्टी का मानना है कि ऐतिहासिक धरोहरों और वीर महाराजाओं की स्मृतियों का संरक्षण और सम्मान सर्वोपरि है। यदि भविष्य में उत्तर प्रदेश में हमारी सरकार का गठन होता है, तो इस विषय की पुनर्समीक्षा की जाएगी। पार्टी का संकल्प है कि कांशीराम स्मृति उपवन के स्थान पर महाराजा बिजली पासी जी की स्मृति में एक भव्य स्मृति उपवन विकसित किया जाएगा, जो उनके योगदान और गौरवशाली इतिहास को समर्पित होगा।

इसके साथ ही, महाराजा बिजली पासी जी के नाम पर लखनऊ में एक तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा जाएगा, ताकि उनके नाम को शिक्षा और आधुनिक विकास से जोड़ा जा सके और आने वाली पीढ़ियाँ उनके योगदान से प्रेरणा ले सकें।

https://www.rashtriyasanatanparty.org





#महाराजा_बिजली_पासी

हर चुनाव में जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही घोषणापत्र भूल जाते हैं।राष्ट्रीय सनातन पार्टी कहत...
31/05/2026

हर चुनाव में जनता से बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता मिलते ही घोषणापत्र भूल जाते हैं।

राष्ट्रीय सनातन पार्टी कहती है —
“जो वादा पूरा न करे, उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं।”

घोषणापत्र को कानूनी बाध्यता बनाया जाए ताकि देश में झूठ और राजनीतिक धोखाधड़ी पर रोक लग सके।

अब वोट नहीं, विश्वास की रक्षा होगी।
#राजनीतिक_जवाबदेही #राष्ट्रीय_सनातन_पार्टी

18 अप्रैल 2022 को राष्ट्रीय सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दायित्व से हमने भारत के मान्य गृहमंत्री श्री अमित शाह क...
31/05/2026

18 अप्रैल 2022 को राष्ट्रीय सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के दायित्व से हमने भारत के मान्य गृहमंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिखकर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मदरसा व मस्जिद जाने तथा कुरआन पढने पर कठोर प्रतिबंध लगाने तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग समाप्त करने की मांग की थी।
~
काश भारत सरकार और केन्द्रीय गृहमंत्री ने राष्ट्रीय सनातन पार्टी की मांग पर गंभीरता पूर्वक ध्यान देकर सकारात्मक पहल की होती और 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मस्जिद जाने पर तथा देशभर में मदरसा शिक्षा को प्रतिबंधित कर दिया होता तो योगी आदित्यनाथ के शासन में ईद के अवसर पर हिन्दू युवक की कुर्बानी न दी गई होती।
~
कम से कम सरकारें अब तो ईद के अवसर पर दी गई हिन्दू युवक की कुर्बानी के इस घृणित कार्ये से शिक्षा लें और छोटे छोटे बच्चों को मजहब के नाम पर छूरा पकड़ाने की परंपरा पर कठोर प्रतिबंध लगाएं।
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मस्जिद जाने पर तथा मदरसा शिक्षा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएं।
~
गृहमंत्री को सौंपा गया पत्र यहां प्रस्तुत हैं -
~
सेवा में,
श्रीमान अमित शाह जी
गृहमंत्री, भारत सरकार

विषय : 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मदरसा व मस्जिद जाने तथा कुरआन पढने पर कठोर प्रतिबंध लगाने तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग समाप्त करने हेतु।

महोदय,
विषयान्तर्गत सविनय निवेदन हैं कि जिस समस्या के निवारण के लिए भारत – विभाजन हुआ था, आज वो समस्या फिर से खडी हो गई हैं। अरब के मुहम्मदी साम्राज्यवाद से प्रेरित चरमपंथी शक्तियां देशभर में साम्प्रदायिक उन्माद फ़ैलाने में लगी हुई हैं। भारत के संविधान में उल्लेखित अल्पसंख्यक की अपरिभाषित अवधारणा के चलते सभी राजनीतिक पार्टियाँ साम्प्रदायिक आधार पर मुसलमानों, बौद्धों व ईसाईयों का तुष्टीकरण करने में लगी हुई हैं। साम्प्रदायिक आधार पर अल्पसंख्यक आयोग व अल्पसंख्यक मंत्रालय का गठन कर दिया गया हैं। देश के नागरिकों को मत के आधार पर बांट दिया गया है जोकि सम - विधान के विरुद्ध हैं।

सरकारों द्वारा जनता के टैक्स के पैसों से अल्पसंख्यक सशक्तिकरण की अनेकों योजनाएं चलाई जा रही है। कुरआन व इस्लामिक हदीसों पर सार्वजनिक चर्चा कराये बिना ही मदरसा शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा हैं, जबकि मदरसों में अन्य विषयों के साथ कुरआन व हदीसों की शिक्षा भी दी जाती है, जो मानवता के लिए हानिकारक हैं,इससे बच्चों में मजहबी कट्टरवाद बढ़ता हैं, यह राष्ट्रीय एकता के लिए बहुत घातक हैं। दिन में पांच बार लाउडस्पीकरों पर उच्च आवाज में नमाज पढ़ी जा रही है, जिससे ना केवल ध्वनी प्रदूषण फैलता हैं बल्कि यह संवैधानिक व सामाजिक नियमों के विरुद्ध भी हैं। साथ ही अजान में केवल अल्लाह को ही पूजनीय बताया जाता है, जो गैर मुहम्मदी मतों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली बात हैं। लाउडस्पीकर पर नमाज मुहम्मदवाद के भी विरुद्ध है, क्योंकि कुरआन में लाउडस्पीकर का कोई उल्लेख नहीं हैं। इसलिए राष्ट्रीय सनातन पार्टी मांग करती है कि सभी मस्जिदों से लाउडस्पीकर उतरवाए जायें, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मदरसा व मस्जिद जाने तथा कुरआन पढने पर कठोर प्रतिबंध लगाया जायें।

अरब साम्राज्यवादी विचारधारा के कट्टरपंथी मुसलमान मजहबी मौलाना देश के बहुसंख्यक हिन्दुओं को डरा रहे हैं, खुलेआम साम्प्रदायिक दंगे कराने की धमकी दे रहे हैं। हिन्दुओं की शोभायात्राओं पर आक्रमण किये जा रहे है, पत्थर फैंके जा रहे हैं, तलवारों से हमला किया जा रहा हैं। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड तो साम्प्रदायिक आधार पर भारत का पुन: विभाजन करने की मांग तक कर चुका हैं। देश में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के नाम पर समान्तर सरकार चलाया जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड व वक्फ बोर्ड के कार्यों से देश में साम्प्रदायिक तनाव बढ़ रहा हैं, जो राष्ट्रीय एकता व अखंडता के लिए घातक हैं, और कालांतर में गृहयुद्ध का कारण भी बन सकता हैं।

महोदय जी ! आप राष्ट्र के मान्य गृहमंत्री जी हैं, अत: हम आपसे राष्ट्र हित में करबद्ध निवेदन करते है कि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड व वक्फ बोर्ड को समाप्त किया जायें. वक्फ संपत्ति व शत्रु संपत्ति का राष्ट्रीयकरण किया जाये और जो लोग देश में साम्प्रदायिक विद्वेष का जहर घोल रहे है, ऐसे असामाजिक तत्वों को देशद्रोह के अपराध में दण्डित किया जाये।

हमें आपसे आशा है कि आप हमारे आग्रह पर स्नेहपूर्वक ध्यान देंगे, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मदरसा व मस्जिद जाने तथा कुरआन पढने पर कठोर प्रतिबंध लगाएगे तथा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक आयोग समाप्त करके देश में साम्प्रदायिक विद्वेष का जहर घोल रहे असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्यवाही करेगे।

प्रार्थी

- विश्वजीत सिंह अनंत
राष्ट्रीय अध्यक्ष
राष्ट्रीय सनातन पार्टी

24/05/2026

भारतीय राजनीति में नई क्रांति | राष्ट्रीय सनातन पार्टी का जवाबदेह लोकतंत्र मॉडल | राजनैतिक शुद्धिकरण

भारतीय राजनीति में पहली बार चुनावी घोषणापत्र को केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि जनता के प्रति कानूनी और नैतिक प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत करने की पहल राष्ट्रीय सनातन पार्टी ने की है।

लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद अब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भी राष्ट्रीय सनातन पार्टी अपना चुनावी घोषणापत्र नोटरी करवाकर जारी करेगी।

पार्टी का स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र केवल वोट लेने का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही निभाने की व्यवस्था है। इसी सोच के साथ पार्टी ने राजनीति में पारदर्शिता, जनविश्वास और उत्तरदायित्व की नई परंपरा शुरू करने का संकल्प लिया है।

इस वीडियो में जानिए — • नोटरी घोषणापत्र क्या होता है

• राष्ट्रीय सनातन पार्टी ने यह कदम क्यों उठाया

• भारतीय राजनीति पर इसका क्या प्रभाव पड़ सकता है

• जनता और लोकतंत्र के लिए यह मॉडल कितना महत्वपूर्ण है

राष्ट्रीय सनातन पार्टी का संदेश — “जो घोषणा करेंगे, वही कार्य करेंगे; जनता के विश्वास के साथ कोई समझौता नहीं होगा।”

वीडियो को Like, Share और चैनल को Subscribe अवश्य करें।

राष्ट्रीय सनातन पार्टी
“राष्ट्रहित सर्वोपरि”

चैनल का लिंक कमेंट बॉक्स में पोस्ट कर दिया है क्योंकि यूट्यूब का लिंक ऊपर डालने से जुकरबर्ग फेसबुक की रीच कम कर देता है।

#राष्ट्रीय_सनातन_पार्टी

#विश्वजीत_सिंह_अनंत




#जवाबदेह_लोकतंत्र


#उत्तरप्रदेश_चुनाव_2027

#लोकतंत्र

#राष्ट्रहित_सर्वोपरि

Address

Bharat
Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when भारत स्वाभिमान दल posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share