SAKSHAM Inderprastha

SAKSHAM Inderprastha The organization has its head office in Nagpur, Maharashtra.

Samadrishti, Kshamata Vikas Evam Anusandhan Mandal (SAKSHAM) is a charitable national organization registered at Nagpur under registration number MAH/654/2008(N).

" गुरु गौरवोत्सव "सक्षम टीचर्स फोरम (STF)गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर के उपलक्षय पर सक्षम टीचर्स फोरम द्वारा "गुरु गौरवोत्...
03/08/2026

" गुरु गौरवोत्सव "
सक्षम टीचर्स फोरम (STF)
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर के उपलक्षय पर सक्षम टीचर्स फोरम द्वारा "गुरु गौरवोत्सव" का भव्य एवं गरिमामय आयोजन दिनांक 02 अगस्त, 2026 को दौलत राम महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों का पुनर्स्मरण, शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान प्रकट करना तथा भारतीय ज्ञान परंपरा, समावेशी शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण में गुरु की भूमिका को रेखांकित करना था। इस गरिमामय समारोह में लगभग 250 विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के शिक्षक, विद्यार्थी, शिक्षाविद् एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना एवं गुरु वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत के प्रांत प्रचारक माननीय श्री विशाल जी का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री विकास कलिया जी, अतिरिक्त निदेशक, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार रहे। मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर पवन शर्मा जी, कुलसचिव, श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संरक्षण प्रोफेसर सविता राय जी, प्राचार्या, दौलत राम महाविद्यालय द्वारा किया गया तथा अध्यक्षता प्रोफेसर दयाल सिंह पवार जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सक्षम ने की। डूटा अध्यक्ष प्रो वी एस नेगी की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।

माननीय श्री विशाल जी का उद्बोधन

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रांत के प्रांत प्रचारक माननीय श्री विशाल जी ने अपने प्रेरक एवं चिंतनपरक उद्बोधन में कहा कि भारत ज्ञान प्राप्त करने की भूमि है और गुरु वह है जो अज्ञान का अंधकार दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। उन्होंने कहा कि गुरु बनना अपने आप में एक कठिन तपस्या है। गुरु केवल शिक्षा नहीं देता, बल्कि शिष्य के जीवन की दिशा निर्धारित करता है तथा उसे सफल, सार्थक एवं राष्ट्रोपयोगी जीवन के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) ज्ञान और सूचना उपलब्ध करा सकते हैं, किन्तु वे कभी भी गुरु का स्थान नहीं ले सकते, क्योंकि गुरु व्यक्ति के व्यक्तित्व, संस्कार, चरित्र एवं जीवन-दृष्टि का निर्माण करता है। उन्होंने भारतीय संस्कृति के मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जीवन-दर्शन में हिंसा का कोई स्थान नहीं है तथा समाज को योग्य, संस्कारित एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित बनाना गुरु का परम दायित्व है।

उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य के आचरण का संचालन उसके अंतर्मन (Subconscious Mind) द्वारा होता है और उस अंतर्मन को संस्कारित एवं अनुशासित करना ही गुरु की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब अमेरिका में उनसे भारत के विषय में पूछा गया तो उन्होंने भारत को "सेवा और त्याग की भूमि" बताया। प्रत्येक भारतीय अपने माता-पिता, समाज एवं राष्ट्र का ऋणी है तथा इस ऋण का निर्वहन राष्ट्रहित में अपना योगदान देकर ही किया जा सकता है। उन्होंने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे आत्मचिंतन करें और भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

मुख्य अतिथि श्री विकास कलिया जी का उद्बोधन

मुख्य अतिथि श्री विकास कलिया जी, अतिरिक्त निदेशक, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार ने अपने संबोधन में भारत में दिव्यांगजन सशक्तिकरण की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय के साथ समाज एवं शासन की सोच में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज दिव्यांगता को दया का विषय न मानकर समान अवसर, सम्मान, गरिमा एवं अधिकारों के दृष्टिकोण से देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी एवं प्रौद्योगिकी-सक्षम बनाया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों का आह्वान किया कि वे ऐसा समावेशी शिक्षण वातावरण विकसित करें जहाँ प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता का पूर्ण विकास कर सके और शिक्षा वास्तव में सबके लिए सुलभ बन सके।

मुख्य वक्ता प्रोफेसर पवन शर्मा जी का व्याख्यान

मुख्य वक्ता प्रोफेसर पवन शर्मा जी ने "भारतीय ज्ञान परंपरा में दिव्यांगता और गुरु-शिष्य संबंध" विषय पर अत्यंत प्रेरणादायी एवं विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में दिव्यांगता को व्यक्ति की सीमा नहीं, बल्कि उसकी आंतरिक शक्ति, साधना एवं आत्मबोध के संदर्भ में देखा गया है।

उन्होंने दिव्यांगता के दो स्वरूपों—जन्मजात (प्राकृतिक) तथा दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से प्राप्त (अर्जित)—का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में मनुष्य अपने ज्ञान, संकल्प और पुरुषार्थ के बल पर असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने ऋग्वेद के महान ऋषि दीर्घतमा का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि दृष्टिबाधित होने के बावजूद उन्होंने वैदिक ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया तथा समाज को अमूल्य वैचारिक धरोहर प्रदान की। उन्होंने ऋग्वेद में वर्णित वीरांगना विश्पला का उल्लेख करते हुए कहा कि युद्ध में पैर खो देने के बाद भी कृत्रिम पैर के सहारे पुनः रणभूमि में उतरकर उन्होंने अदम्य साहस और आत्मविश्वास का परिचय दिया। यह उदाहरण सिद्ध करता है कि कोई भी दिव्यांगता व्यक्ति को उसके लक्ष्य तक पहुँचने से नहीं रोक सकती।

महर्षि अष्टावक्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि शारीरिक विकृतियों के बावजूद वे अद्वितीय ज्ञान के धनी बने। जब वे राजा जनक की सभा में पहुँचे तो उनके शरीर का उपहास किया गया, किन्तु उन्होंने अपने ज्ञान से सिद्ध कर दिया कि मनुष्य का वास्तविक मूल्य उसके शरीर से नहीं, बल्कि उसके ज्ञान, चरित्र और आत्मबोध से होता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय गुरु-शिष्य संबंध त्याग, समर्पण, श्रद्धा एवं आत्मीयता पर आधारित है; यह किसी प्रकार का लेन-देन या स्वार्थ का संबंध नहीं है। गुरु का वचन शिष्य के लिए मार्गदर्शन होता है। उन्होंने महाभारत के धृतराष्ट्र एवं शकुनि के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में त्याग, धर्म और लोककल्याण को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, जबकि ईर्ष्या, मोह और स्वार्थ समाज को पतन की ओर ले जाते हैं।

अपने व्याख्यान के अंत में उन्होंने कहा कि जिन व्यक्तियों में किसी प्रकार की दिव्यांगता होती है, वे प्रायः अपने अंतर्मन और संवेदनाओं से अधिक जुड़े होते हैं। यदि समाज उन्हें सम्मान, अवसर और सहयोग प्रदान करे तो वे राष्ट्र निर्माण में असाधारण योगदान दे सकते हैं।

अध्यक्षीय उद्बोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर दयाल सिंह पवार जी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, सक्षम ने भारतीय ज्ञान परंपरा, समावेशी शिक्षा तथा गुरु-शिष्य संबंधों के संरक्षण एवं संवर्धन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रसार नहीं करते, बल्कि संस्कारों, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रभावना का भी निर्माण करते हैं। समाज के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में गुरु की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

गुरु गौरव सम्मान

समारोह का एक विशेष आकर्षण "गुरु गौरव सम्मान" रहा। इस अवसर पर शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी योगदान के लिए श्री गोपाल सिंह राठौर जी तथा श्री प्रेम दत्त शर्मा जी को "गुरु गौरव सम्मान" से सम्मानित किया गया। माननीय अतिथियों द्वारा उन्हें सम्मान-पत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर उनके दीर्घकालीन समर्पण, उत्कृष्ट सेवाओं तथा गुरु-परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके अमूल्य योगदान का अभिनंदन किया गया। उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ दोनों सम्मानित विभूतियों का अभिनंदन किया। यह सम्मान समारोह समाज में गुरु के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का प्रेरणास्पद संदेश देने वाला रहा।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. दिव्या सिंह ने किया तथा अंत में डॉ राजेश शर्मा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

निष्कर्ष

"गुरु गौरवोत्सव" केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, समावेशी शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, सेवा, त्याग एवं राष्ट्रनिर्माण के मूल्यों का जीवंत उत्सव सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में व्यक्त विचारों ने उपस्थित सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं समाजजनों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने की दिशा में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा प्रदान की।

सक्षम भारत, समर्थ भारतसक्षम स्थापना दिवस-2026 का आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्ननई दिल्ली, 4 जुलाई 2026 सक्षम इंद्रप्रस्थ दक्...
09/07/2026

सक्षम भारत, समर्थ भारत

सक्षम स्थापना दिवस-2026 का आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न

नई दिल्ली, 4 जुलाई 2026 सक्षम इंद्रप्रस्थ दक्षिणी ज़िला द्वारा सक्षम स्थापना दिवस-2026 का आयोजन शनिवार, 4 जुलाई 2026 को सायं 5:00 बजे पेजावर मठ (वेदव्यास गुरुकुलम), वसंत कुंज, नई दिल्ली में गरिमापूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में समाजसेवियों, शिक्षाविदों, दिव्यांगजनों एवं सक्षम कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री नरेश यादव जी, पूर्व विधायक, महरौली तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. आर. विट्ठोबाचार्य जी रहे। मुख्य वक्ता के रूप में श्री संदीप सक्सेना जी, राष्ट्रीय सह-संचार प्रमुख, सक्षम ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रांत उपाध्यक्ष श्री गोपाल परिहार जी एवं जिला संरक्षक श्री मोहिंदर आर्य जी की भी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता सक्षम इंद्रप्रस्थ दक्षिणी ज़िला अध्यक्ष श्री रामदास जी ने की तथा

कार्यक्रम का शुभारम्भ श्री हरीश सोनी जी के स्वागत एवं परिचयात्मक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने सक्षम संगठन की स्थापना, उद्देश्यों एवं सेवा कार्यों का संक्षिप्त परिचय देते हुए दिव्यांगजन अधिकारों के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण विधिक परिवर्तनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि *दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act, 2016) के अंतर्गत दिव्यांगताओं की मान्यता 7 से बढ़ाकर 21 किए जाने से अधिकाधिक दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं एवं कानूनी अधिकारों के दायरे में आए हैं।

मुख्य वक्ता श्री संदीप सक्सेना जी ने सक्षम की 18 वर्षों की सेवा-यात्रा, संगठन की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता का मापदंड नहीं है। यदि समाज संवेदनशील एवं सहयोगी बने तो प्रत्येक दिव्यांगजन सम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन व्यतीत कर सकता है। उन्होंने सक्षम द्वारा संचालित विभिन्न सेवा परियोजनाओं, जैसे प्रयागराज नेत्र कुम्भ, दिव्यांग सेवा केन्द्रों की स्थापना, व्हीलचेयर वितरण*, स्वास्थ्य सेवाओं तथा जन-जागरूकता अभियानों का उल्लेख करते हुए इन्हें समाज के समग्र उत्थान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

मुख्य अतिथि श्री नरेश यादव जी ने अपने संबोधन में सक्षम इंद्रप्रस्थ दक्षिणी ज़िला एवं वेदव्यास गुरुकुलम के विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए सरकार और समाज, दोनों की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सक्षम के सेवा कार्यों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संगठन भविष्य में भी इसी प्रकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुँचाने का कार्य करता रहेगा।

प्रांत उपाध्यक्ष श्री गोपाल परिहार जी ने अपने उद्बोधन में सक्षम की संगठनात्मक गतिविधियों एवं सेवा-कार्यों का उल्लेख करते हुए वेदव्यास गुरुकुलम के विद्यार्थियों के अनुशासन, ज्ञान एवं संस्कारों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कारयुक्त विद्यार्थी समाज के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला हैं।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर ज़िला अध्यक्ष श्री रामदास जी ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित जनों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी से सक्षम के सेवा कार्यों से जुड़कर दिव्यांगजन सशक्तिकरण के इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने का आह्वान किया।

“सक्षम भारत, समर्थ भारत” के संकल्प के साथ सम्पन्न यह आयोजन सेवा, समर्पण, सामाजिक समावेशन एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण के प्रति सक्षम की निरंतर प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण रहा।

स्नेही
श्री हैरी सिंह
सचिव, दक्षिणी जिला, सक्षम

सक्षम स्थापना दिवस के  उपलक्ष्य में पूर्वी  दिल्ली जिले में 28 जून 2026 को सक्षम स्थापना दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया...
07/07/2026

सक्षम स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में पूर्वी दिल्ली जिले में 28 जून 2026 को सक्षम स्थापना दिवस के कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. राजेश्वरी ( असिस्टेंट प्रोफेसर , अंग्रेजी विभाग , दौलतराम कॉलेज ) को आमंत्रित किया गया था l त्दिल्ली प्रांत की ओर से रिभुवन रावत जी (दिल्ली प्रांत उपाध्यक्ष ) , रेखा रावत जी (महिला आयाम प्रमुख ) , हरीश सोनी जी (दिल्ली प्रांत सह - सचिव ) , पंकज गोयल जी ( दृष्टि प्रकोष्ठ प्रमुख ) आदि की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी । साथ ही पूर्वी जिला के सभी कार्यकर्ता - विनोद कुमार जी ( पूर्वी दिल्ली जिला संरक्षक) ,नीतू गुप्ता जी (पूर्वी दिल्ली जिला अध्यक्षा ) , राकेश जी (पूर्वी दिल्ली जिला उपाध्यक्ष ) , पंकज जी ( पूर्वी दिल्ली जिला सचिव ) , सुमन जी ( पूर्वी दिल्ली जिला महिला प्रमुख ) , आरती पाण्डे जी ( गांधी नगर जिले की उपाध्यक्ष ) , मनोरमा गौतम जी ( गांधी नगर जिले की सचिव ) आदि सम्मिलित रहें l कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से तथा सुमन बहिन जी के सुंदर भजन से हुआ l उसके बाद पूर्वी दिल्ली जिला के सभी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित अतिथिगणों का स्वागत किया l कार्यक्रम का संचालन मनोरमा जी ने किया l आरती जी ने बहुत ही सुन्दर सक्षम गीत गाया l उसके बाद डॉ. राजेश्वरी जी ने अतिथि वक्तव्य दिया तथा अपने जीवन का अनुभव बताया और साथ ही साथ दिव्यांग लोगों को जीवन में कभी भी हार न मानने की प्रेरणा दी l एक दृष्टि बाधित बालिका रामेश्वरी ने बहुत ही मधुर गीत प्रस्तुत किया l रेखा रावत बहिन जी ने महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देते हुए शुद्ध भोजन और स्वस्थ शरीर का महत्व बताया l उसके बाद दृष्टिबाधित एक बालक मुन्ना कुमार ने बहुत ही सुन्दर गीत गाया l कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए पंकज गोयल जी ने नेत्रदान जागरूकता के संबंध में अपना विचार प्रस्तुत किया तथा लोगों को नेत्रदान , रक्तदान , अंगदान के संबंध में जानकारी दी l उसके बाद बालक शाश्वत ने गिटार को बजाते हुए बहुत ही सुन्दर गीत गाया तथा समां बांध दिया l कार्यक्रम के अंतिम चरण में मुख्य वक्ता त्रिभुवन रावत जी ने सक्षम के इतिहास की जानकारी दी और लोगों में सक्षम के प्रति उनकी जिम्मेदारियों तथा सेवाभाव को जगाने का प्रयास किया l कार्यक्रम के दौरान दिव्यांग भाई - बहिनों को सक्षम इंद्रप्रस्थ पूर्वी दिल्ली जिला की ओर से भेंट स्वरूप उपहार दिया गया l कार्यक्रम के दौरान DPMI के चेयरमैन विनोद बच्छेती जी जिनके सहयोग से हमें वह हॉल प्राप्त हुआ था उनका स्वागत किया गया l कार्यक्रम के अंत में नीतू बहिन जी ने सभी अतिथिगण तथा कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया l और अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया l फिर सभी ने जलपान किया l इस प्रकार सक्षम स्थापना दिवस बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया l कार्यक्रम में उपस्थित कुल संख्या 57 थी जिसमे 14 दिव्यांग बंधु एवं 4 दिव्यांग भगिनी थीं

मातृशक्ति सम्मेलन (महिला आयाम द्वारा)5 जुलाई, 2026 सक्षम इंद्रप्रस्थ (महिला आयाम) द्वारा मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया...
07/07/2026

मातृशक्ति सम्मेलन (महिला आयाम द्वारा)
5 जुलाई, 2026
सक्षम इंद्रप्रस्थ (महिला आयाम) द्वारा मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया गया । यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद सभागार किरोड़ीमल कॉलेज दिल्ली विश्वविद्यालय में 5 जुलाई सन् 2026 को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 180 प्रतिभागियों (130 महिलाओं ) की उपस्थिति रही, जिसमें समाज सेवकों, गणमान्य व्यक्तियों, सक्षम सेवा केंद्र के लाभार्थियों उनके परिजन एवं लगभग 40 दिव्यांगजनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों केi अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। तत्पश्चात् कुमारी चेतना पन्त ने माँ सरस्वती की वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत कर समस्त वातावरण को भक्तिमय एवं सरस बना दिया। इसके उपरांत डॉ. पूजा शर्मा जी, प्रांत कला आयाम प्रमुख, ने सभी उपस्थित जनों के साथ सामूहिक रूप से सक्षम गीत का गायन कराया। कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में श्रीमती रेखा रावत जी (महिला आयाम प्रमुख, सक्षम दिल्ली प्रांत) ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत करते हुए स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। स्वामी विश्वनाथन जी (क्षेत्रीय संगठन मंत्री, सक्षम) द्वारा उद्बोधन किया गया । सक्षम इंद्रप्रस्थ प्रांत की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ. दयाल सिंह पवार जी, प्रांत अध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा जी, प्रांत उपाध्यक्ष श्री त्रिभुवन रावत जी, प्रांत सचिव डॉ. मामचंद शर्मा जी तथा प्रांत सह-सचिव डॉ. अमोद कुमार जी एवं श्री बलीराम यादव जी कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति के साथ सहभागी रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुषी डबास (IAS, सचिव, दिल्ली कृषि और विपणन बोर्ड एवं सचिव, कृषि उपज मंडी समिति, आजादपुर) डॉ. तरु गुप्ता जी (एसोसिएट प्रोफेसर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ईएसआईसी पीजीआईएमएसआर, बसईदारापुर, नई दिल्ली) , डॉ सुमित राणा (प्रोफेसर, मनोचिकित्सा विभाग बाल एवं किशोर मनोचिकित्सक लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज), उपस्थित रहे । डॉ. सविता जी (प्रांत सह-प्रचार प्रमुख) द्वारा "सक्षम परिचय" विषय पर अत्यंत प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक प्रस्तुति दी गई। योग सत्र में पूजा मिश्रा द्वारा योगाभ्यास कराया गया। नृत्य प्रस्तुति चेतना पन्त, आर्यन, सक्षम, रौनक, कार्तिक, इकरा, आरती जी द्वारा प्रस्तुत किया गया । दिव्यांग सेवा केंद्र के विशेष शिक्षकों का सम्मान, स्वयंसेवक सेविकाओं का सम्मान नृत्य प्रस्तुति देने वाले बच्चों का सम्मान किया गया । इसके पश्चात् सक्षम के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय डॉ. दयाल सिंह पवार जी का प्रेरणादायी उद्बोधन हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने सक्षम के उद्देश्य, कार्यदृष्टि एवं सेवा-संकल्प पर प्रकाश डालते हुए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे समदृष्टि, संवेदनशीलता और समर्पण के भाव से दिव्यांगजन के सशक्तिकरण हेतु सतत कार्य करें। इंद्रप्रस्थ प्रांत के सभी जिलों से दायित्ववान बहनों की उत्साहपूर्ण एवं सक्रिय सहभागिता रही।कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुचारु संचालन डॉ. साधना जी एवं श्रीमती आशा जी द्वारा अत्यंत कुशलतापूर्वक किया गया। रितु त्रिपाठी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया । कल्याण मंत्र का सामूहिक वचन के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई। इसके उपरांत सभी उपस्थित जनों ने प्रसाद स्वरूप भोजन का आनंद लिया।
। सक्षम भारत समर्थ भारत ।

दिव्यांगों के सशक्तिकरण हेतु समर्पित राष्ट्रीय संगठनसक्षम इंद्रप्रस्थ -  समदृष्टि, क्षमताविकास एवं अनुसंधान मण्डल सक्षम ...
27/06/2026

दिव्यांगों के सशक्तिकरण हेतु समर्पित राष्ट्रीय संगठन

सक्षम इंद्रप्रस्थ - समदृष्टि, क्षमताविकास एवं अनुसंधान मण्डल

सक्षम स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर - सक्षम स्टूडेंट्स फोरम (SSF) एवं सक्षम टीचर्स फोरम (STF)

प्रांत कार्यालय उदघाटन

दिनांक: 30 जून 2026, मंगलवार

समय: प्रातः 10:00

स्थान: House No. 221, Gali No. 7, Hakikat Nagar, GTB Nagar, New Delhi 110009

आइए! हम सब मिलकर एक समावेशी, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दें।

!! सक्षम भारत - समर्थ भारत !!

दिव्यांग सेवा केंद्र का शुभारंभ............        20 जून 2026 को स्वामी श्रद्धानंद महाविद्यालय (पुरानी बिल्डिंग) में दि...
26/06/2026

दिव्यांग सेवा केंद्र का शुभारंभ............
20 जून 2026 को स्वामी श्रद्धानंद महाविद्यालय (पुरानी बिल्डिंग) में दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में समर्पित संस्था सक्षम इन्द्रप्रस्थ द्वारा दिव्यांग सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया।
इस पहल के लिए माननीय प्रधानाचार्य प्रो. प्रवीण गर्ग जी की दूरदर्शिता, संवेदनशील सोच एवं समाज के प्रति समर्पित दृष्टिकोण का हृदय से अभिनंदन है।

महाविद्यालय के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले समाज के वंचित दिव्यांगजनों के लिए इस सेवा केंद्र की स्थापना एक अत्यंत सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल है। यह केंद्र न केवल उन्हें आवश्यक सेवाएँ उपलब्ध कराएगा, बल्कि उनके सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, प्रगति एवं सम्मानजनक जीवन की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस शुभ अवसर पर सक्षम के प्रांत अध्यक्ष प्रो. अमित जी, संगठन मंत्री श्री देवेंद्र जी तथा महाविद्यालय के सम्मानित शिक्षकगण अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने हेतु उपस्थित रहे। आप की स्नेहिल एवं प्रेरणादायी उपस्थिति के लिए आप सभी का सादर अभिनंदन एवं हार्दिक आभार।
साथ ही, महाविद्यालय के A.O. भारद्वाज सर के सहयोग के लिए विशेष आभार।

महाविद्यालय के Non-Teaching staff के योगदान के लिए भी धन्यवाद।
सादर अभिनंदन।

🚩सक्षम भारत  समर्थ भारत🚩बाहरी उत्तर दिल्ली, सक्षम दिल्ली आज दिनांक 20 जून 2026 को सक्षम स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली क...
22/06/2026

🚩सक्षम भारत समर्थ भारत🚩

बाहरी उत्तर दिल्ली, सक्षम दिल्ली

आज दिनांक 20 जून 2026 को सक्षम स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली का 11वा सक्षम दिव्यांग सेवा केंद्र का शुभारंभ जिला- बाहरी उत्तर दिल्ली मे स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज (दिल्ली विश्वविद्यालय) अलीपुर मे किया गया । इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर प्रवीन गर्ग जी , सक्षम दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष श्रीमान अमित जी, दिल्ली ,हरियाणा के संघठनमंत्री श्रीमान देवेंद्र जी भाई साहब, दिल्ली प्रांत के सह सचिव श्री मान बलिराम जी , श्री मान सुरेश जी, श्रीमती लक्षणा जी, श्रीमती अंजली जी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।

स्थान : स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज (ओल्ड बिल्डिंग) दिल्ली विश्वविद्यालय, अलीपुर

समय :- 11:30 बजे दिनांक 20.06.2026
दिन- शनिवार

सादर
जिला- बाहरी उत्तर दिल्ली

🚩सक्षम भारत - समर्थ भारत🚩 दक्षिण पूर्व दिल्ली, सक्षम दिल्ली प्रांतसक्षम स्थापना दिवसदिनांक*: 20 जून, 2026स्थान: दिव्यांग...
22/06/2026

🚩सक्षम भारत - समर्थ भारत🚩

दक्षिण पूर्व दिल्ली, सक्षम दिल्ली प्रांत

सक्षम स्थापना दिवस
दिनांक*: 20 जून, 2026
स्थान: दिव्यांग सेवा केंद्र, कालकाजी
समय: प्रातः 10:30 बजे

आज दिनांक 20 जून, 2026, दिन शनिवार को दक्षिण - पूर्व जिला, (सक्षम इन्द्रप्रस्थ) के द्वारा दिव्यांग सेवा केंद्र, कालकाजी में सक्षम स्थापना दिवस को हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया ।

इस कार्यक्रम का शुभारंभ चित्रों पर पुष्पांजलि के साथ हुआ। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ संतोष (सचिव, दक्षिण पूर्व जिला) ने किया। उन्होंने जिले के द्वारा किये जा रहे कार्यों का वृत्त रखा।

इस मौके पर मुख्य अतिथि डॉ गोपाल परिहार जी (प्रांत, उपाध्यक्ष) ने सक्षम के उद्देश्यों और इसके द्वारा किये जा रहे कार्यों को विस्तृत पूर्वक अपनी बात रखी। इसी के साथ उन्होंने सक्षम के विभिन्न आयाम एवं प्रकोष्ठों की परिकल्पना एवं उद्देश्यों के बारे में भी जानकारी दी। इसके साथ-साथ उन्होंने सक्षम के द्वारा किए जाने वाले पूरे *भारत में कार्यक्रम के रूपरेखा का भी विस्तृत* से वर्णन किया। इसमें उन्होंने नेत्र कुंभ की भी बात रखी। किसी के अंतर्गत उन्होंने वर्ष भर में मनाया जाने वाले *सात अनिवार्य कार्यक्रम* की रूपरेखा के बारे में भी विस्तृत से जानकारी दी।

इस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जिसके अंतर्गत डांस और गीत गया।

इस कार्यक्रम में श्री संतोष अग्रवाल जी, (कालकाजी सेवा केंद्र, अध्यक्ष) जी ने सेवा केंद्र के कार्यों की भूमिका विस्तार पूर्वक बात रखी। असके साथ साथ डॉ अवधेश जी अपने जीवन की प्रेरणा स्रोत और अन्य चीजों के संबंधित बात रखी । इस अवसर पर डॉ मुनीश जी (उपाध्यक्ष, दिव्यांग सेवा केंद्र) और अन्य विद्यार्थी, अभिवावक और आसपास के लोग शामिल हुए।

इस कार्यक्रम कुल उपस्थिति निम्न रही।
• सहभागिता
पुरुष -07
महिला -17
कुल संख्या -24

दिव्यांगजन
पुरुष -07
महिलाएं -11
कुल दिव्यांग संख्या -18

सादर
जिला सचिव
दक्षिण पूर्व दिल्ली

सक्षम दिव्यांग सेवा केंद्र, दक्षिण-पश्चिम नजफगढ़ (खैरा गांव केंद्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस का...
22/06/2026

सक्षम दिव्यांग सेवा केंद्र, दक्षिण-पश्चिम नजफगढ़ (खैरा गांव केंद्र) में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में 15 विद्यार्थियों तथा 5 अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

गोल मार्केट दिव्यांग सेवा केंद्र पर आज योग दिवस के अवसर पर बच्चों एवं अभिभावकों के  साथ मनाया गया।
22/06/2026

गोल मार्केट दिव्यांग सेवा केंद्र पर आज योग दिवस के अवसर पर बच्चों एवं अभिभावकों के साथ मनाया गया।

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