Gau Raksha Helpline Trust

Gau Raksha Helpline Trust (NCR DELHI STATE) 24×365 Online Raksha Helpline (Reg.) : 18002000010 (Toll Free Missed Call) 011 d) To providing for their food, shelter and care.
(1)

All the activities of the objectives of the Trust are worked out in total agreement of the following considerations, and the basis of the formation of the Trust is aimed at : And the objectives, aims and goals of the Trust shall be carried out the following brief set of activities to "Save the Holy Cow"

a) To rescue stray, abandoned, and neglected cows, bring about their recovery as healthy, well

-treated companions, and to promote such care and compassion. b) To providing medical relief to bleeding, injured, pregnant cows and rehabilitating these cows to hospitals for treatment and then to the gaushalas in the vicinity. c) To provide the best possible care and attention given to cows prior to being taken to a shelter home and veterinary centre. e) To sensitizing people towards needs of animals and necessity to protect by spreading awareness and presenting facts. f) To propagate and promote love for the cow and its virtues. g) To make cow-protection a people's movement. h) To work for the protection and conservation of cow. i) To prevent cruelty and slaughter of cows through positive action. j) To promote cow centered organic agriculture. k) To restore love, dignity and respect to cows

l) To provide 24-hour emergency services van to save the crucial moments in saving an injured cow. m) To provide an animal ambulance service. n) To conduct activities aimed at protecting and caring for cows

o) To host of cow products are being manufactured and related training is being given at various centers Scientific research is being carried out in regard to applications of cow products, including medicines for various diseases. p) To right knowledge on the use of cow manure is being imparted at various centers, particularly keeping in view the increasing popularity of organic farming. q) To produce and promote media programs on animal related issues. r) The activities of the Trust shall be operated all over India....

Here is how you can help: Our welfare activities have sustained due to the financial assistance from individuals and organizations. Help us further this noble cause, enlist your support in our resolve to care for these animals. Support Scheme Amount

Support one animal daily feeds Rs. 250/-
Support ten animals daily feed Rs. 2,000/-
Support one animal yearly requirement Rs. 25,000/-
Support the gaushala facilities Rs. 1,00,000/-
Support Gaumata Seva (One month) Rs. 1100/-
Green Grass Seva Rs. 2100/-
One Gaumata Seva (One year) Rs. 11000/-
One truck of dry grass (small) Rs. 31000/-
One truck of dry grass (Big) Rs. 51000/-
Five gaumata Seva (One Year) Rs. 51000/-
Eleven Gaumata Seva (One Year) Rs. 111111/-

24*7 Onlin Gau Raksha Helpline : 18002000010 (टोल फ्री) 9999092304 9999092305
8800130057 011-65656464, 011-6565454

🚩🌸 ॥ श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् ॥ 🌸🚩प्रखर हिन्दुत्व एवं राष्ट्रभक्ति के सशक्त संवाहक, सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक पर...
16/06/2026

🚩🌸 ॥ श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् ॥ 🌸🚩

प्रखर हिन्दुत्व एवं राष्ट्रभक्ति के सशक्त संवाहक, सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के गौरवशाली रक्षक एवं पोषक, अपनी मधुर, ओजस्वी एवं प्रभावशाली वाणी से करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, संस्कार और धर्म का अलख जगाने वाले, युवा पीढ़ी के प्रेरणास्रोत, विलक्षण वक्तृत्व कला के धनी तथा सीहोर की पुण्यभूमि का गौरव—

अंतरराष्ट्रीय कथावाचक, भागवत भूषण, पूज्य पंडित श्री प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) को पावन जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं अनंत मंगलकामनाएँ।

भगवान शिव एवं श्री कुबेरेश्वर भंडारी की असीम कृपा से आपका जीवन सदैव स्वस्थ, सुखमय, यशस्वी एवं दीर्घायु रहे तथा आपके श्रीमुख से सनातन धर्म, शिवभक्ति और मानव कल्याण का यह दिव्य अमृत प्रवाह निरंतर समस्त विश्व को आलोकित करता रहे।

🕉️ महादेव की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।
🌺 हर हर महादेव। 🌺

🚩 माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🚩आज यह अवसर केवल जन्मदिवस का नहीं, बल्कि उ...
05/06/2026

🚩 माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 🚩
आज यह अवसर केवल जन्मदिवस का नहीं, बल्कि उस व्यक्तित्व को नमन करने का भी है, जिसने अपने तप, त्याग, अनुशासन और अटूट संकल्प से उत्तर प्रदेश की तक़दीर और तस्वीर दोनों बदल दीं।
माननीय मुख्यमंत्री जी,
आपके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने केवल प्रगति नहीं की, बल्कि आत्मविश्वास पाया है।
एक समय था जब इस प्रदेश का नाम भय, अराजकता, अपराध और पलायन से जोड़ा जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन, सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक बनकर देश के सामने खड़ा है।
यह बदलाव शब्दों का नहीं, कर्म का परिणाम है।
यह परिवर्तन केवल योजनाओं का नहीं, बल्कि एक ऐसे नेतृत्व का परिणाम है, जिसने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और हर निर्णय में जनकल्याण को प्राथमिकता दी।
आज जब एक्सप्रेसवे दौड़ रहे हैं, एयरपोर्ट बन रहे हैं, निवेश आ रहा है, युवा अपने सपनों को साकार कर रहे हैं, किसान सम्मान पा रहा है, और मातृशक्ति अधिक सुरक्षित और सशक्त महसूस कर रही है — तो मन से यही अनुभूति होती है कि उत्तर प्रदेश ने सचमुच एक नई उड़ान भरी है।
काशी का गौरव लौटा है, अयोध्या का वैभव पुनः स्थापित हुआ है, मथुरा और ब्रज की आस्था को सम्मान मिला है, और उत्तर प्रदेश ने दुनिया के सामने अपनी नई पहचान रख दी है।
राजनीति में बहुत लोग आते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो व्यवस्था में परिवर्तन की नींव रखते हैं।
आप उनमें से एक हैं।
आपका जीवन, आपका अनुशासन, आपका परिश्रम और आपकी राष्ट्रसेवा करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है।
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर ऊर्जा प्रदान करें, ताकि आपके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण की नई ऊँचाइयाँ छूता रहे।
🚩 उत्तर प्रदेश का गौरव — योगी आदित्यनाथ जी 🚩

शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति, महान योद्धा सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन🙏 #राजपूत_सम्राट_पृथ्वीर...
16/05/2026

शौर्य और पराक्रम की प्रतिमूर्ति, महान योद्धा सम्राट पृथ्वीराज चौहान जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन🙏

#राजपूत_सम्राट_पृथ्वीराज_चौहान

माननीय यशस्वी प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी आपने कल देश मै वैश्विक संकट को लेकर भारत की आम जनता से सात अपील करी है ...
11/05/2026

माननीय यशस्वी प्रधान मंत्री
श्री नरेंद्र मोदी जी
आपने कल देश मै वैश्विक संकट को लेकर भारत की आम जनता से सात अपील करी है पढकर अच्छा लगा पर मै आपसे एक बात कहना चाहूंगा की सारी अपील जनता पर लागू कयो इन विधायक मंत्रियो पर क्यो नही आज राजस्थान का उदाहरण ले एक विधायक जिसे जनता चुनती है जनता का विश्वास उस पर होता है उनमे से कुछ मंत्री बनते है सोचा है उन पर कितना खर्च हम जनता की गाढी कमाई से होता है तनख्वाह पेंशन गाडी ड्राइवर सुरक्षा एक मंत्री का खर्च कितना ओर एक आम विधायक पर कितना इन पर रोक कयो नही लगती जब की जब देश पर संकट है तो इंधन की बचत केवल जनता ही कयो करे ये कयो नही सरकारी गाडी पुलिस की गाडी आगे पीछे कयो ये भी तो पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करे सोचिये कितना इंधन बचेगा ये सब गाडीया पुलिस की गाडीया प्रोटोकाल सब वापस लिया जाना चाहिए सभी से फिर भले विधायक हो या मंत्री
सोचिये पूरे देश मे कितने मंत्री विधायक है ओर एक दिन मे सरकार का कितना डीजल पेट्रोल उपयोग करतै है जो वेवजह खर्च होता है पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करे ताकि जनता मे एक अचछा मैसैज जाए उदाहरण देकर नही उदाहरण बनकर दिखाये तब सार्थकता आएगी
मोदी जी निकालिए एक आदेश पूरे देश मे विधायक हो या मंत्री पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करेगे फालतू सुरक्षा मे लगी गाडिया वापस होगी तब देखिये जनता कैसै आपकी बात मानेगी
ओर मै तो कहूगा इन विधायको मंत्रियो को आगे आकर इन सबका त्याग करना चाहिए ओर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग कर जनता मे उदाहरण बनना चाहिए
ठीक उसी तरह जब अमेरिका के दवाब मे लालबहादुर शास्त्री जी ने अन्न त्याग कर उदाहरण दिया वैसै इन जन प्रतिनिधीयो को गाडीया त्याग कर इधन बचत का उदाहरण देना चाहिए







माँ भारती के अमर सपूत, स्वाधीनता के कालजयी स्वर, त्याग व बलिदान की उज्ज्वल कीर्ति पताका, 'हिंदुआ सूर्य' वीर शिरोमणि महार...
09/05/2026

माँ भारती के अमर सपूत, स्वाधीनता के कालजयी स्वर, त्याग व बलिदान की उज्ज्वल कीर्ति पताका, 'हिंदुआ सूर्य' वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की पावन जयंती पर नमन।

मातृभूमि के गौरव और स्वाभिमान की रक्षा हेतु आपका अदम्य साहस एवं सर्वस्व समर्पण, युगों-युगों तक भारतीय जनमानस को अन्याय के विरुद्ध अडिग रहने और राष्ट्रनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा।

कालभोज बप्पा रावल 🙏🚩 :-  अरबों को ईरान तक खदेड़ने वाले महाराव, जिनसे 500 सालों तक काँपते रहे इस्लामी शासकजुनैद का इस युद्...
28/04/2026

कालभोज बप्पा रावल 🙏🚩 :- अरबों को ईरान तक खदेड़ने वाले महाराव, जिनसे 500 सालों तक काँपते रहे इस्लामी शासक
जुनैद का इस युद्ध में वध कर दिया गया और इस्लामी फ़ौज को खदेड़ कर अरब की उम्मैयद वंश को कड़ा सन्देश भी दे दिया गया। मध्य पूर्व, पर्शिया, मेसोपोटामिया, सीरिया और उत्तरी अफ्रीका में उन्होंने जो सफलता पाई थी, उसे वो भारत में नहीं दोहरा पाए।

बप्पा रावल, मेवाड़, राजस्थान, इतिहास, अरब
लोगों के प्यार ने कालभोज को 'बप्पा रावल' बना दिया (फाइल फोटो)
अगर आपने बप्पा रावल का नाम नहीं सुना है तो दोष आपका नहीं, उस व्यवस्था का है जिसके तहत हमने या आपने अपनी शिक्षा-दीक्षा पाई है। नागादित और कमलावती के पुत्र कालभोज को ही मेवाड़ के लोगों के प्यार और सम्मान ने बप्पा रावल बना दिया। उन्होंने इस्लामी आक्रांताओं को रोका और अरब तक पहुँच कर उन्हें धूल चटाई। उनका जन्म गुहिल वंश में हुआ था, जिसका इतिहास भगवान श्रीराम के पुत्र लव तक जाता है।

कौन थे मेवाड़ के बप्पा रावल
बाद में ये सिसोदिया राजवंश कहलाया, जिसने 1400 वर्षों तक मेवाड़ की गद्दी को सुशोभित रखा और आज भी ये वहाँ के मानद राजा कहलाते हैं। बप्पा रावल का बचपन संघर्षों में गुजरा। उनकी माँ ने भीण्डर के जंगलों में भाग कर बेटे की जान बचाई, जहाँ यदु वंश के भील राजा मांडलिक ने उनकी रक्षा की। भीलों का मेवाड़ के राजपूत राजाओं के साथ तभी से गठबंधन है। महाराणा प्रताप की अकबर के खिलाफ लड़ाई में भीलों की वीरता की गाथा आज भी राजस्थान में गाई जाती है।

बप्पा रावल का जीवन ऐसा था कि उनकी कहानी में बहादुरी के साथ-साथ चमत्कार भी हैं। कहते हैं हरित साधु नाम के एक ऋषि से उनकी मुलाकात हुई थी, जिन्होंने उन्हें ‘शैव तंत्र’ का शिक्षण दिया। इसके तहत उन्हें युद्धकला से लेकर जीवन के हर पहलू सिखाए गए। फिर उक्त साधु ने उन्हें इस्लामी आक्रांताओं से मेवाड़ को मुक्त करने को कहा। उन्हें स्वप्न में माँ भवानी ने चित्तौर के मोरी राजवंश की मदद करने का आदेश दिया। बप्पा रावल ने इस्लामी फ़ौज को ऐसा खदेड़ा था कि अगले 200 वर्षों तक उनकी भारत पर बड़े आक्रमण की हिम्मत नहीं हुई।

‘शैव तंत्र’ का ही प्रभाव था कि बप्पा रावल ने भगवान एकलिंग को अपना इष्ट बनाया और तब से मेवाड़ की सेना ‘जय एकलिंग’ के उद्घोष के साथ ही युद्ध में उतरती रही। आज भी मेवाड़ राजवंश के इष्ट एकलिंग ही हैं। जब इधर राजा मान मोरी वीर बप्पा रावल को ‘सामंत’ की उपाधि से नवाज कर उनके हिस्से की जागीर उन्हें दे रहे थे, उसी दौर में एक तरफ सिंध में मुहम्मद कासिम के रूप में पहली बार इस्लामी आक्रांता भारतवर्ष में घुसे।

राजा दाहिर की हार और हत्या के साथ भारत ने पहली बार युद्ध के बाद बलात्कार और सिर कलम करने जैसी घटनाओं को देखा, वो भी थोक में। भारतीय राजा हार-जीत के बाद भी एक-दूसरे की प्रजा और परिवार का सम्मान करते थे, लेकिन अरब के इस्लामी आक्रांताओं के साथ ऐसा नहीं था। ब्राह्मण राजा दाहिर और उनके बहादुर भाई ने कई बार मुहम्मद बिन कासिम को पीछे धकेला। लेकिन, सन् 712 में सब कुछ बदल गया।

अरब के खलीफा की फ़ौज को खदेड़ने वाला बप्पा रावल
अपनी पुस्तक ‘MAHARANAS: A Thousand Year War for Dharma (महाराणा: सहस्त्र वर्षों का धर्मयुद्ध)’ में ओमेंद्र रतनु लिखते हैं कि सिंध के बौद्ध समुदाय ने इस्लामी आक्रांताओं का साथ दिया और सिंध के नेरून शहर (अब पाकिस्तान का हैदराबाद) के बौद्ध मुखिया भंडारकर समाणी ने न सिर्फ सिंधु नदी पार करने में मुहम्मद बिन कासिम की मदद की, बल्कि उसकी फ़ौज के लिए रसद-पानी व अन्य ज़रूरी वस्तुओं का भी प्रबंध किया।

इसके अलावा मातृभूमि से गद्दारी करने वालों में वो स्थानीय ‘मेड़’ कबीले का नाम भी लेते हैं। बौद्धों और मेड़ की मदद से इस्लामी फ़ौज राजा दाहिर के गढ़ में घुसी और अरोड़ के युद्ध में उनकी हार हुई। राजा दाहिर और उनके भाई का सिर कलम कर दिया गया, उनकी बेटियों को खलीफा हज्जाज बिन युसूफ को भेंट के रूप में भेजा गया, कई महिलाओं को सेक्स स्लेव बना लिया गया और सिंध के अमीरों को लूट कर मुहम्मद बिन कासिम मेवाड़ की तरफ बढ़ा।

राजा दाहिर के बेटे ने भाग कर मेवाड़ में शरण ली और बप्पा रावल को पूरी स्थिति के बारे में बताया। महिलाओं के साथ इस अत्याचार ने बप्पा रावल को क्रोधित कर दिया, लेकिन वो एक लंबे युद्ध के लिए गठबंधन तैयार करने में लग गए। उनका मानना था कि ये ‘म्लेच्छ’ आसानी से नहीं मानेंगे और बार-बार भारत पर आक्रमण करेंगे। बप्पा रावल ने मालवा (मध्य प्रदेश) के शासक गुर्जर-प्रतिहार राजवंश के नागभट्ट I के साथ गठबंधन किया।

इसके बाद उन्होंने गुजरात के पुलकेशीराजा और जयभट्ट को भी अपने साथ लिया। नागभट्ट के आग्रह पर चालुक्य राजा जय सिम्हा वर्मन ने अपने पुत्र पुलकेशीराजा को इस्लामी फ़ौज के खिलाफ इस युद्ध में भेजा। तब तक अरब सेना का नेतृत्व कर रहे जुनैद अल मर्री ने दक्षिणी गुजरात, मालवा और दक्षिणी राजस्थान के कुछ इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया था। सन् 738 में हिन्दुओं की 6000 की सेना ने 60,000 की अरब फ़ौज के साथ जोधपुर के नजदीक युद्ध किया।

जुनैद का इस युद्ध में वध कर दिया गया और इस्लामी फ़ौज को खदेड़ कर अरब की उम्मैयद वंश को कड़ा सन्देश भी दे दिया गया। मध्य पूर्व, पर्शिया, मेसोपोटामिया, सीरिया और उत्तरी अफ्रीका में उन्होंने जो सफलता पाई थी, उसे वो भारत में नहीं दोहरा पाए। बप्पा रावल की रणनीति ने पश्चिमी भारत का गणित ऐसा बदला कि इसकी चर्चा दुनिया भर में होने लगी। सोचिए, भारत पर खलीफा का राज हो जाता तो यहाँ के हिन्दुओं, खासकर महिलाओं की क्या स्थिति होती।

जेम्स टॉड ने लिखा है कि हिन्दू सेना ने ईरान तक अरबों को खदेड़ा और उन्हें कहीं शरण नहीं मिल रही थी। बप्पा रावल मानवीय मस्तिष्क को समझने वाले व्यक्ति थे। बप्पा रावल जब अफगानिस्तान पहुँचे तो गजनी नामक शहर पर उन्होंने किसी सलीम को शासन करते हुए पाया। बप्पा रावल ने सलीम को हरा कर अपने भतीजे को वहाँ बिठाया, जिससे अगले कई शताब्दियों तक वहाँ हिन्दुओं का शासन रहा। बप्पा रावल ने सलीम की बेटी से शादी भी की।

राजा दाहिर की बेटियों ने लिया बदला, चित्तौड़ की कमान बप्पा रावल के हाथों में
अरब से लौटते समय दूरदर्शी बप्पा रावल ने कई चेक पोस्ट्स स्थापित किए। राजा दाहिर सेन की बेटियों प्रेमला और सूर्या ने खलीफा से झूठ बोला कि मुहम्मद बिन कासिम ने खलीफा के पास भेजने से पहले उन दोनों को ‘अपवित्र’ कर दिया है। इसे सुनते क्रोशित खलीफा ने कासिम को तलब किया। उसे बाँध कर बंद कर के लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही वो कुत्ते की मौत मर गया। बाद में राजा दाहिर की बहादुर बेटियों ने खलीफा को बता दिया कि उन्होंने झूठ बोला था, जिसके बाद क्रूर इस्लामी शासक ने दोनों को दीवार में ज़िंदा दफनाने का हुक्म जारी कर दिया।

पर्शियन पुस्तक ‘चचनामा’ में इस घटना का जिक्र है। बप्पा रावल की इस जीत के बाद चित्तौर की कमान भी मोरी राजवंश से उनके हाथ में आ गई। उन्हें ‘महाराव’ की उपाधि मिली। उन्हें ‘हिन्द सूरज’ भी कहा गया। उन्हें ‘राजगुरु’ की उपाधि भी मिली। बप्पा को भील समाज ने ‘रावल (रा – राज्य, व – वर्वत/आशीर्वाद, ल – लक्ष्मी/धन)’। पाकिस्तान का ‘रावलपिंडी’ कभी बप्पा रावल का एक बड़ा चेकपोस्ट हुआ करता था, जिस पर उस जगह का ये नाम पड़ा।

बप्पा रावल ने दर्जनों छोट-बड़े मुस्लिम शासकों को हराया और हिन्दू साम्राज्य का पुनः विस्तार किया। कई ऐसे शासकों की बेटियों से उन्होंने शादियाँ की। इन महिलाओं से उन्हें 130 बेटे हुए, जिनके वंशजों को आज ‘नौशेरा पठान’ कहा जाता है। 8वीं शताब्दी के इस महायोद्धा का नाम शायद ही हमारे पाठ्य पुस्तकों में मिलता हो, जबकि अरबी आक्रांताओं के नाम सभी को बताए जाते हैं। एक गौपालक परिवार से मेवाड़ पर देश हजार वर्ष शासन करने वाले परिवार की स्थापना तक, बप्पा रावल ने हिंदुत्व के लिए बड़ा योगदान दिया।


दिल्ली के रोहिणी,  — जापानी पार्क स्थित कथा स्थल पर आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री  श्रीमत...
23/04/2026

दिल्ली के रोहिणी, — जापानी पार्क स्थित कथा स्थल पर आयोजित श्री शिवमहापुराण कथा में दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता जी पधारी । इस पावन अवसर पर उन्होंने पूज्य गुरुदेव श्री पंडित प्रदीप मिश्रा जी (सीहोर वाले) के श्रीमुख से शिवमहापुराण कथा का श्रवण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। 🙏🔱

भगवान श्री विष्णु के छठवें अवतार, तप एवं पराक्रम के पावन प्रतीक, भगवान श्री परशुराम की जयंती की देश वासियों को हार्दिक ब...
19/04/2026

भगवान श्री विष्णु के छठवें अवतार, तप एवं पराक्रम के पावन प्रतीक, भगवान श्री परशुराम की जयंती की देश वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

'आवेशावतार' भगवान श्री परशुराम से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से सभी के जीवन में साहस, सद्बुद्धि और धर्मनिष्ठा का संचार हो तथा समाज में सत्य, न्याय और धर्म की स्थापना सुदृढ़ हो।

आस्था और भक्ति का जनसैलाब प्रथम दिवस दिल्ली श्री शिवमहापुराण कथा 🚩
18/04/2026

आस्था और भक्ति का जनसैलाब प्रथम दिवस दिल्ली श्री शिवमहापुराण कथा 🚩

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