24/08/2026
💰 RTI (सूचना का अधिकार) की फीस कितनी है?
2026 में पूरा सच — ₹10 से लेकर अतिरिक्त फीस और जुर्माने तक 🇮🇳
RTI लगाने में सबसे पहला सवाल यही आता है—फीस कितनी लगेगी? 🤔
कई लोग सोचते हैं कि RTI के लिए वकील करना पड़ेगा या हजारों रुपये खर्च होंगे। लेकिन सच्चाई यह है कि RTI आम नागरिक के लिए बेहद कम लागत में सरकारी जानकारी प्राप्त करने का अधिकार देता है। 💪
📌 1. बेसिक फीस — सिर्फ ₹10 💰
केंद्र सरकार के अधीन RTI आवेदन की सामान्य आवेदन फीस ₹10 है। कई राज्यों में भी ₹10 फीस है, हालांकि राज्यवार नियम और फीस अलग हो सकती है।
👉 इसलिए संबंधित राज्य के RTI नियम जरूर जांचें।
💳 2. RTI फीस जमा करने के आसान तरीके
🔹 तरीका 1 — कोर्ट फीस स्टाम्प 🎟️
जहाँ संबंधित नियम इसकी अनुमति देते हैं, वहाँ ₹10 का कोर्ट फीस स्टाम्प आवेदन के साथ लगाया जा सकता है।
🔹 तरीका 2 — IPO 📮
पोस्ट ऑफिस से Indian Postal Order (IPO) बनवाकर संबंधित विभाग के निर्धारित अधिकारी के नाम से जमा किया जा सकता है।
🔹 तरीका 3 — DD / Bankers Cheque 🏦
संबंधित सरकारी विभाग के नियमों के अनुसार Demand Draft या Bankers Cheque भी स्वीकार किया जा सकता है।
🔹 तरीका 4 — Online Payment 🌐
केंद्रीय मंत्रालय/विभागों के लिए ऑनलाइन RTI आवेदन और भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
rtionline.gov.in
🆓 3. BPL आवेदकों के लिए RTI फीस में छूट
यदि आवेदक गरीबी रेखा से नीचे (BPL) की श्रेणी में आता है, तो RTI Act के तहत आवेदन फीस और निर्धारित अतिरिक्त फीस से छूट मिल सकती है।
📌 आवेदन के साथ संबंधित BPL प्रमाण/कार्ड की प्रति लगाना आवश्यक हो सकता है।
👉 संबंधित कार्यालय के नियमों के अनुसार प्रमाण प्रस्तुत करें।
📄 4. अतिरिक्त फीस कब लग सकती है?
RTI आवेदन की शुरुआती फीस और सूचना उपलब्ध कराने की फीस अलग-अलग हो सकती हैं।
आमतौर पर शुल्क इन चीजों के लिए हो सकता है:
🔹 फोटोकॉपी/प्रिंट — निर्धारित प्रति-पृष्ठ शुल्क
🔹 CD/इलेक्ट्रॉनिक माध्यम — निर्धारित शुल्क
🔹 रिकॉर्ड का निरीक्षण — निर्धारित नियमों के अनुसार
🔹 नक्शा/बड़ा प्रिंट — वास्तविक या निर्धारित लागत
⚠️ ध्यान रखें: अतिरिक्त शुल्क की दरें केंद्र और अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती हैं। इसलिए अपने मामले में लागू RTI Rules देखना जरूरी है।
⏰ 5. 30 दिन में जवाब नहीं मिला तो?
RTI Act की धारा 7(6) बेहद महत्वपूर्ण है।
यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाती, तो सूचना निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
💡 यानी देरी होने की स्थिति में अतिरिक्त शुल्क वसूलने पर आप धारा 7(6) का हवाला दे सकते हैं।
📝 6. PIO मनमानी फीस मांग सकता है?
❌ नहीं।
यदि अतिरिक्त शुल्क मांगा जाता है, तो शुल्क की गणना और आधार स्पष्ट होना चाहिए।
👉 Demand/fee intimation मिलने पर यह देखें कि:
✔ कितने पेज हैं?
✔ प्रति पेज कितनी दर लगाई गई है?
✔ कौन-सा माध्यम उपलब्ध कराया जा रहा है?
✔ शुल्क किस नियम के तहत मांगा गया है?
⚠️ 7. सबसे बड़ी गलती — जरूरत से ज्यादा फीस पहले ही जमा करना
कई लोग आवेदन के साथ ₹100–₹200 या उससे ज्यादा भेज देते हैं।
❌ ऐसा करने से पहले अपने संबंधित RTI Rules जरूर जांचें।
✅ सामान्य आवेदन फीस उतनी ही जमा करें जितनी संबंधित केंद्र/राज्य के नियमों में निर्धारित है।
✅ अतिरिक्त सूचना शुल्क मांगे जाने पर उसकी गणना और नियम देखें।
🇮🇳 RTI का असली उद्देश्य
RTI सिर्फ ₹10 की फीस का मामला नहीं है—यह पारदर्शिता और जवाबदेही का नागरिक अधिकार है।
एक छोटा-सा RTI आवेदन सरकारी रिकॉर्ड, निर्णय प्रक्रिया और सार्वजनिक धन के उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने ला सकता है।
✊ सवाल पूछिए।
📢 जानकारी पाइए।
🇮🇳 जवाबदेही मजबूत कीजिए।
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