मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU) मिथिला के क्षेत्र और छात्र के विकास हेतु कार्य करने करने वाली एक गैरराजनीतिक युवा संगठन है। इसका पंजीकरण भारतीय सोसाइटी अधिनियम, 1860 के अन्तर्गत 30-मार्च -2015 को तत्कालीन पंजिकार द्वारा पंजीकृत किया गया। पंजीयन संख्या – SOCIETY/WEST/2015/8901615 हैं. MSU का उद्देश्य मिथिला, मैथिल, मैथिली, मिथिलावाद के हितों की रक्षा, संरक्षण, संवर्धन, विकास एवं विस्तार है। हमारा ध्ये
य मिथिला के युवाओं को संगठित कर क्षेत्र की समस्याओं यथा बेरोजगारी, पलायन, अशिक्षा, कुव्यवस्था, बंद पड़े उद्योग धंधों समेत राज्य एवं केंद्रीय योजनाओं में मिथिला की हिस्सेदारी और हक़ के लिए लड़ना है।
अपने स्थापना के बाद से ही MSU मिथिला क्षेत्र के विश्वविद्यालयों, अस्पतालों, एयरपोर्ट, ऐम्स, चीनी मिल, पेपर मिल, बाढ़, चमकी समेत विभिन्न मुद्दों पर जनता को जागरूक, एकजुट कर विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से संघर्ष करता आया है। बाढ़, चमकी जैसे आपदाओं के समय अथवा देशभर में कहीं भी मैथिलों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जरुरत के समय MSU हमेशा मैथिल समाज के लिए खड़ा होता आया है।
पिछले 6 वर्षों में MSU ने संगठन विस्तार और प्रसार में अद्भुत सफलता और सहयोग हासिल किया है। मिथिला क्षेत्र के दर्जन भर जिलों में एक्टिव टीम के अलावा देशभर के 12 राज्यों में MSU की टीम है। पंचायत स्तर से लेकर प्रखंड, जिला, प्रमंडल, विश्वविद्यालय समेत अन्य राज्यों में रहने वाले सेनानियों को मिलाकर लगभग 4 लाख लोग MSU के सदस्य हैं। अपने स्थापना के 6 सालों के बाद आज MSU ना केवल मिथिला क्षेत्र बल्कि सम्पूर्ण बिहार का सबसे बड़ा स्थानीय छात्र संगठन है।