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With Dainik Jagran – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
26/08/2024

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ! जय श्रीकृष्ण!त्यौहारों की रौनक जब मंदिरों में बिखरती है, तो बच्चों की आंखों ...
26/08/2024

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ! जय श्रीकृष्ण!

त्यौहारों की रौनक जब मंदिरों में बिखरती है, तो बच्चों की आंखों में भगवान का रूप नजर आता है। ये देखकर दिल को तसल्ली होती है कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था हर पीढ़ी में आत्मसात हो रही है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का ये पावन पर्व हमें याद दिलाता है कि धर्म की रक्षा ही हमारा सबसे बड़ा कर्तव्य है। जब धर्म की रक्षा के मार्ग में बाधाएँ आती हैं, तो हमें दृढ़ और निडर होकर उनका सामना करना चाहिए, जैसे श्रीकृष्ण ने किया था। उन्होंने धर्म की स्थापना के लिए अपने वचनों से भी बढ़कर सोचा और कर्म किया।

हमें भी अपने जीवन में ये संकल्प लेना चाहिए कि हम धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहेंगे, चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। युद्ध और संघर्ष कभी-कभी आवश्यक होते हैं, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि इनका उद्देश्य हमेशा एक लंबी और स्थायी शांति को पाना होना चाहिए।

इस जन्माष्टमी, आइए हम श्रीकृष्ण की नीतियों को अपने जीवन में अपनाएं और अपने कर्तव्यों को निभाने का प्रण लें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ! जय श्रीकृष्ण!

With Aji Haan (अजी हाँ) – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
26/08/2024

With Aji Haan (अजी हाँ) – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

17/08/2024

यह सोचना बिल्कुल गलत है कि एक महिला, महिलाओं के हितों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होगी। पश्चिम बंगाल में हुए बलात्कार और हत्या के मामले पर ममता बनर्जी की चुप्पी इस सोच को झूठा साबित करती है। जब न्याय की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, तब ये राजनीति कर रही हैं।

   : Deepender Hooda, leader from a party more known for political drama than actual work, is now coaching Vinesh Phogat...
17/08/2024

: Deepender Hooda, leader from a party more known for political drama than actual work, is now coaching Vinesh Phogat. Seems like wrestling isn't the only thing on Vinesh's mind these days. Is it about winning matches or winning votes?

हर्ष वर्धन त्रिपाठी

Many of those who joined the so-called people's march against the r**e and murder of the young   doctor are the same one...
17/08/2024

Many of those who joined the so-called people's march against the r**e and murder of the young doctor are the same ones who’ve been loyally voting for Mamata Banerjee's party for over a decade. They’re out there not because they care, but to wash off their own and . There’s no real intent to bring this corrupt government down. These spineless cowards will cry today but will shamelessly vote for Mamata again in the next elections, ensuring her victory once more.

And let's get one thing straight: Mamata isn’t winning because of Muslims. Mamata is winning because of these same " , Hindus" who refuse to stand up for what's right.

Wake Up 🥲

"भारत का वर्तमान सिविल कोड एक कम्युनल सिविल कोड है।" -  #प्रधानमंत्री मोदी, लाल किले से, 15 अगस्त 2024, स्वतंत्रता दिवस1...
17/08/2024

"भारत का वर्तमान सिविल कोड एक कम्युनल सिविल कोड है।"
- #प्रधानमंत्री मोदी, लाल किले से, 15 अगस्त 2024, स्वतंत्रता दिवस

1947 में जब #भारत का बंटवारा हुआ, तो वो मजहब के आधार पर हुआ था। #मुस्लिम लीग ने 1946 के प्रांतीय चुनावों में अलग मुल्क की मांग की थी और उन्हें मुसलमानों का जबरदस्त समर्थन भी मिला। नतीजा? भारत के दो टुकड़े हुए और पाकिस्तान बना। मतलब, #पाकिस्तान उन लोगों के लिए था, जो मानते थे कि #हिंदू और मुस्लिम एक साथ बराबरी से नहीं रह सकते। जिन्हें कुरान और शरिया के हिसाब से चलने वाला देश चाहिए था।

तो ठीक है, उन्हें उनका देश मिल गया।

लेकिन सवाल ये उठता है कि जब 87% मुसलमानों ने पाकिस्तान के लिए वोट दिया, तो वे खुद पाकिस्तान क्यों नहीं गए? मद्रास प्रेसीडेंसी की सभी सीटें मुस्लिम लीग ने जीतीं, पर एक भी मुसलमान पाकिस्तान नहीं गया। आज के पाकिस्तान या बांग्लादेश में एक भी तमिल, तेलुगु, कन्नड़, या मलयालम बोलने वाला मुसलमान नहीं मिलेगा। क्योंकि वे यहीं रुक गए।

हिंदुओं ने तो इसका कोई ऐतराज नहीं किया। उन्होंने कहा, "हमने तो नहीं कहा था कि तुम अलग हो जाओ, पर अब यदि यहीं रहना चाहते हो, तो रहो। मिल-जुल कर रहो, पर संविधान के हिसाब से चलना होगा, शरिया के हिसाब से नहीं।"

फिर भी, उस समय एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) क्यों नहीं लागू की गई, यह मेरी समझ से परे है। जो मुसलमान भारत में रुके, उन्हें तो पता था कि इस देश में सबके लिए एक समान कानून बनेगा। जो इस्लामिक कानूनों के हिसाब से चलना चाहते थे, वो तो पाकिस्तान चले गए थे। फिर भी, संविधान निर्माताओं ने यह सोच कर इसे टाल दिया कि मुसलमान अभी तैयार नहीं हैं।

यह उनकी अदूरदर्शिता थी। अगर उसी समय Uniform Civil Code लागू किया गया होता, तो यह काम आसानी से हो जाता।

अब, जब प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से Communal Civil Code का ज़िक्र किया, तो उन्होंने सच का सही नामकरण किया। जब तक हम Uniform Civil Code की बात करते रहे, असली मुद्दा लोगों तक पहुंच नहीं पाया। पर Communal Civil Code कहने से बात सीधी समझ में आती है। अब देश और दुनिया दोनों समझेंगे कि जो लोग की बात करते हैं, उन्होंने इस देश पर Communal Civil Code थोप रखा है।

अब वक्त आ गया है कि हम Secular Civil Code की मांग करें और इस देश में सही मायनों में समानता लाएं।

भारत का वर्तमान सिविल कोड एक कम्युनल सिविल कोड है।

जब लाल किले पर  #राष्ट्रगान हो रहा था, सब लोग सीधे खड़े थे और सम्मान के साथ सामने देख रहे थे, लेकिन राहुल गांधी को छोड़क...
17/08/2024

जब लाल किले पर #राष्ट्रगान हो रहा था, सब लोग सीधे खड़े थे और सम्मान के साथ सामने देख रहे थे, लेकिन राहुल गांधी को छोड़कर। 52 सेकंड भी सीधा खड़ा नहीं रह सकता ये आदमी, और खुद को विपक्ष का नेता कहता है! Respect तो छोड़ो, basic courtesy भी नहीं है।

17/08/2024

#ममता #बनर्जी ने बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर मुद्दे का मजाक बना दिया है। ये सोचकर दुख होता है कि राज्य की मुख्यमंत्री होते हुए भी, वे इतनी असंवेदनशील हो सकती हैं। क्या पश्चिम बंगाल के युवक और युवतियों की ज़िंदगी और सुरक्षा का कोई महत्व नहीं है?

Palki S Upadhyay **e

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