Punjabi by roots

Punjabi by roots An effort to collect all Punjabis. Either belongs to any faith or cast. If your roots were in Punjab, you are a proud Punjabi. Proud of Punjabiyat .

पंजाबियत vs गोबरियत अपने ईरान प्रवास के दौरान हमे ये पुस्तक मिली थी और अचानक कल साफ सफाई करते हुए नजर आ गई।एक अजीम सभ्यत...
01/04/2026

पंजाबियत vs गोबरियत

अपने ईरान प्रवास के दौरान हमे ये पुस्तक मिली थी और अचानक कल साफ सफाई करते हुए नजर आ गई।

एक अजीम सभ्यता का अंतर समझने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि वर्तमान पंजाब ( अंबाला से पेशावर तक ) अपने अंदर इसी तहज़ीब के साथ खड़ा है।

आपदा में अवसर की तलाश करने की अपनी अपनी सोच होती हैं।

किसी का हाथ मदद के लिए उठता है तो किसी का लूट के लिए।

कमर्शियल सिलेंडर के रेट बढ़ने का दर्द उनसे पूछे जो सड़क पर ठेला लगा कर चाट, पकौड़ी या सस्ता खाना बेच कर अपने परिवार का खाना कमाते है।

डॉक्टर तहमीना इक़बाल फूड एंड सिक्योरिटी ऑफिसर इस्लामाबाद।लेकिन अपने कल्चर और पंजाबियत से जुड़ी हुई है इनकी एक वीडियो क्ल...
01/04/2026

डॉक्टर तहमीना इक़बाल

फूड एंड सिक्योरिटी ऑफिसर इस्लामाबाद।

लेकिन अपने कल्चर और पंजाबियत से जुड़ी हुई है इनकी एक वीडियो क्लिप कमेंट में सुने।

पंजाबी तो पंजाब से बाहर निकल सकता है लेकिन पंजाब की पंजाबियत किसी पंजाबी की आत्मा से बाहर नहीं निकल सकती।So many brave  ...
31/03/2026

पंजाबी तो पंजाब से बाहर निकल सकता है लेकिन पंजाब की पंजाबियत किसी पंजाबी की आत्मा से बाहर नहीं निकल सकती।

So many brave soldiers made incredible fighting in the First World War.

Grateful to UK Punjab Heritage Association, Commonwealth War Graves Commission, University of Greenwich and Royal British Legion for going through The Registers to connect people like me with the extraordinary of their ancestors.
British parlumenterian Tan Dhesi Sir

Fascinating preview of The Last Princesses of Punjab exhibition at Historic Royal Palaces, on 150th birthday of     and ...
25/03/2026

Fascinating preview of The Last Princesses of Punjab exhibition at Historic Royal Palaces, on 150th birthday of and icon Sophia Duleep-Singh, and spotlights who shaped her extraordinary life.

Please do see it until 8th November at Kensington Palace.
post of Tan Dhesi Sir

21/03/2026

अहले आलम को मीठी ईद मुबारक।
एक पैग़ाम सड़क पार से।

कहते हैं कि यदि महाभारत काल में थाना, दरोगा होते या पंजाब पुलिस होती तो युद्ध भी नहीं होता।क्योंकि दरोगा जी दोनों पक्षों...
19/03/2026

कहते हैं कि यदि महाभारत काल में थाना, दरोगा होते या पंजाब पुलिस होती तो युद्ध भी नहीं होता।

क्योंकि दरोगा जी दोनों पक्षों को थाने में लाकर दो चार फैंटिया लगाते और समझौता करा देते ( अपना ख्याल तो रखना ही था )

ऐसे ही अगर अंकल ट्रंप को पंजाबियों जैसी समझ होती तो ईरान युद्ध भी कभी का खत्म हो गया होता या शुरू ही नहीं होता।

वजह भाई ने कमेंट में दसि ( बताई ) है।

अहले हिंदुस्तान अर्थात अखंड भारत के दो हिस्सों से दो खबरें !लेकिन याद रखे कि सभ्यताएं नहीं टकराती, वहशियते टकराती हैं।गु...
17/03/2026

अहले हिंदुस्तान अर्थात अखंड भारत के दो हिस्सों से दो खबरें !

लेकिन याद रखे कि सभ्यताएं नहीं टकराती, वहशियते टकराती हैं।

गुरुद्वारा जन्मस्थान ननकाना साहिब वर्तमान पाकिस्तान और प्रधान जी का संसदीय क्षेत्र जो भोले बाबा की बसाई नगरी कहलाती हैं।

गुरुद्वारा साहिब में मुस्लिम बिदारदान के लिए दावत ए इफ्तार का आयोजन किया गया और उनके मजहबी एहतराम से प्रबंध किया गया।

बनारस में कुछ मुस्लिम युवकों द्वारा गंगा नदी में या किनारे पर अफ्तारी की गई जिसकी वजह से उनके विरुद्ध FIR दर्ज किए जाने की खबर है।

समाचार समाप्त हुए, गैस की जगह उपले इस्तेमाल करने वाले सावधान !
किसी के भोजन को ईंधन बनाना अपराध बताया जा सकता हैं।
( वीडियो कमेंट में )

17/03/2026

दुनिया सुधर सकती हैं लेकिन सिख समुदाय को बदलना मुश्किल ही नहीं ना मुमकिन है।

ब्रिटेन में 25 मिलियन पाउंड्स से एक कम्युनिटी सेंटर बनवाया गया है जिसमें सीटी स्कैन, MRI सहित सभी जांच बिना किसी भेदभाव के उपलब्ध है।
Thanks to Tan Dhesi Sir

यदि अहले हिंदुस्तान और इसकी रियासतों के दौर में चले तो असली विश्वगुरु पंजाब ही होगा।गोबर से उपले बनाने वाली संस्कृति को ...
13/03/2026

यदि अहले हिंदुस्तान और इसकी रियासतों के दौर में चले तो असली विश्वगुरु पंजाब ही होगा।

गोबर से उपले बनाने वाली संस्कृति को पंजाब ने एक दिशा दिखाई ( वो अलग बात है कि इन्होंने अपने नहीं ) वो था

*तंदूर*
या दूसरे शब्दों में साझा चूल्हा।

इस विषय पर पहले एक पोस्ट की थी ( लिंक कमेंट में )

गटर दिमाग की उपज वाली नाली की गैस तो वापिस घुस गई लेकिन पंजाबी संस्कृति दा तंदूर आज फिर वक्त जरूरत बन गया है।

proud of our culture and ancestors.

सो को मंदा आखिये जिन उपजे राजान 🙏कल्पना करे उस काल की जब बेटी का जन्म घर में अकल्पनीय संशय और दुख का कारण समझा जाता होगा...
08/03/2026

सो को मंदा आखिये जिन उपजे राजान 🙏
कल्पना करे उस काल की जब बेटी का जन्म घर में अकल्पनीय संशय और दुख का कारण समझा जाता होगा।

अरब में तो बेटी को जन्म पर ही जिंदा दफन कर दिया जाता था।

हिंदुस्तान में भी बहुत से क्षेत्रों में पति की मौत के बाद या तो साथ ही जिंदा जला देते थे या सिर मूंड कर घर से निकाल देते थे ( दुर्भाग्य से आज भी वृंदावन में विधवा आश्रम देखा जा सकता है)

ऐसे हालात में अरेबियन संस्कृति में पैगम्बर मोहम्मद साहब ने बेटियों को सम्मान दिलाने के लिए बड़ा सामाजिक परिवर्तन किया और हिन्द में धन गुरु नानक देव जी ने महिलाओं को पाखंड और अत्याचार से बचाने का बीड़ा उठाया।

उसी का नतीजा है कि हमारे पंजाब की धरती पर माता भागो जैसी वीरांगनाएं हुई।जिस सामाजिक परिवर्तन और तरक्की के नाम पर आज फौज में महिलाओं को स्थान देकर सरकारें अपनी पीठ ठोकती है वो तो सिख गुरुओं ने शताब्दियों पहले कर दिखाया था।

04/03/2026

इसके बाद भी हिंदी टीबी रोड की हवेलियों के बारे में अगर आपकी राय घर में टीवी न्यूज चैनल देखने की है तो आपको किसी अच्छे मनोचिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

Address

Delhi

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Punjabi by roots posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share