11/05/2026
📣 10 मई 2026 : ऐक्टू ने 1857 के महान संग्राम को याद करते हुए, नोएडा में चल रहे मजदूरों के दमन के खिलाफ, लखनऊ में निकाला विरोध मार्च 📣
नोएडा और उत्तर प्रदेश के तमाम इलाकों में मजदूरों का दमन करने वाली योगी सरकार मुर्दाबाद!!
नोएडा में गिरफ्तार सभी मजदूरों और ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं को अविलंब बिना शर्त रिहा करो!!
मजदूर अधिकारों पर हमला नहीं चलेगा – मजदूर विरोधी लेबर कोड कानूनों को रद्द करो!!
नोएडा में चल रहे मजदूर आंदोलन के दमन के खिलाफ, दिनांक 10 मई 2026 को लखनऊ में ऐक्टू द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। 1857 के महान संग्राम के शुरू होने के दिन आहूत, इस विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले ही उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ऐक्टू उत्तर प्रदेश राज्य कमिटी अध्यक्ष, कॉमरेड विजय विद्रोही समेत दर्जनों नेताओं को घरों से निकलने नहीं दिया गया।
नोएडा में योगी सरकार के इशारों पर आंदोलनकारी मजदूरों और ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं को जेलों में भरे जाने और मजदूर–आंदोलनों के दमन की कोशिश के खिलाफ निकाले गए इस विरोध मार्च से योगी सरकार इतना भयभीत हो गई कि भारी पुलिस बल लगाकर अवरुद्ध करने की सारी कोशिशें की।
नोएडा में ऐक्टू नेता अमर सिंह, सीतापुर में अर्जुन लाल, लखीमपुर में कमलेश राय, पीलीभीत में देवाशीष, सोनभद्र में कलीम, वाराणसी में अमर नाथ राजभर, फैजाबाद में अतीक जी, बस्ती में राम लौट जी, महराजगंज में संजय निषाद, इत्यादि को घरों पर पुलिस–प्रशासन द्वारा बंदी बना लिया गया।
इस के बावजूद बड़ी संख्या में मजदूर लखनऊ पहुंचे, और चारबाग से कालिदास मार्ग के लिए जुलूस लेकर चले, जिन्हें स्टेशन परिसर से बाहर निकलने से रोक दिया गया। साथ ही नोएडा सहित प्रदेश भर में मजदूरों के साथ किए जा रहे व्यवहार को भी सरकार ढक और छिपाकर रखना चाहती है, जिससे उसके रंगे पुते चेहरे के पीछे का भयानक मजदूर विरोधी चेहरा जनता के सामने न आ जाए।
ऐक्टू ने नोएडा में गिरफ्तार सभी श्रमिकों ,सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्काल बिना शर्त रिहाई, प्रदेश भर में समान न्यूनतम वेतन 27000/माह, 4 श्रम कोड वापस लेने ,स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन के दायरे में लाने आदि मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया।
कार्यक्रम में कामरेड राम सिंह, डॉक्टर राजेश सिंह, देवानंद जी, एस एम जैदी, कमला गौतम, भाकपा माले राज्य स्थाई समिति सदस्य रमेश सेंगर और राधे श्याम मौर्य, ऐपवा जिला संयोजक कामरेड सरोजिनी विष्ट प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इंकलाब जिंदाबाद!!
मजदूर एकता जिंदाबाद!!
ऐक्टू जिंदाबाद!!