Panchjanya

Panchjanya राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक पत्रिका :
www.panchjanya.com | https://twitter.com/epanchjanya

YouTube Channel : https://www.youtube.com//featured
(13)

स्वातंत्रयोत्तर हिन्दी पत्रकारिता के लिए यह कम गौरव की बात नहीं है कि किसी व्यक्तिगत स्वामित्व अथवा औद्योगिक घराने की छत्र छाया से बाहर रहकर भी "पाञ्चजन्य" साप्ताहिक अपनी हीरक जयंती मना रहा है। क्या यह आश्चर्य की बात नहीं है कि जब "धर्मयुग", "दिनमान", "साप्ताहिक हिन्दुस्तान", "रविवार" जैसे प्रतिष्ठित और साधन सम्पन्न साप्ताहिक असमय ही कालकलवित हो गए। ऐसे में साधनविहीन "पाञ्चजन्य" न केवल अपनी जीवन य

ात्रा को अखंड रख सका अपितु आज सर्वाधिक प्रसार संख्या वाले, साप्ताहिकों के बीच प्रथम पंक्ति में खड़ा है। "पाञ्चजन्य" की सफलता का एकमात्र रहस्य यही हो सकता है कि उसका जन्म मुनाफाखोर, व्यावसायिकता के बजाय समाजनिष्ठ ध्येयवादी पत्रकारिता से हुआ है। ध्येयवादी पत्रकारिता की यात्रा कभी सरल और सुगम नहीं हो सकती। इसलिए "पाञ्चजन्य" की यात्रा स्वातंत्रयोत्तर ध्येय समर्पित और आदर्शवादी पत्रकारिता के संघर्ष की यशोगाथा है।

18/08/2026

'सुशासन संवाद – राजस्थान' के मंच से शिक्षाविद् अवध ओझा ने भारतीय इतिहास, शिक्षा और समसामयिक विषयों से जुड़े विभिन्न प्रश्नों पर अपनी बात रखी। संवाद के दौरान पाञ्चजन्य के मंच से पूछे गए तीखे और तथ्यपरक सवालों ने चर्चा को और अधिक रोचक बना दिया। देखिए पूरा संवाद, जहाँ प्रश्न सीधे हैं, विमर्श गंभीर है और उत्तरों की कसौटी तथ्यों पर है।

17/08/2026

13 अगस्त 2026 को जयपुर के Hyatt Regency में आयोजित पाञ्चजन्य के 'सुशासन संवाद - राजस्थान' कार्यक्रम में आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव और उसके संभावित खतरों पर खुलकर अपने विचार रखे।
पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी के साथ संवाद करते हुए आचार्य जी ने कहा कि तकनीक और AI केवल एक साधन हैं, लेकिन यदि उनका उपयोग विवेक के साथ न किया जाए तो वे मनुष्य के लिए गंभीर संकट भी पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया और AI लोगों को उनकी वास्तविक जिंदगी से दूर ले जाकर एक आभासी दुनिया में स्थापित कर रहे हैं, जहां व्यक्ति धीरे-धीरे झूठी छवि और कृत्रिम संतुष्टि का आदी बनता जा रहा है।

आचार्य जी ने AI की तुलना एक तेज धार वाले उपकरण से करते हुए कहा, "सब्जी काटने वाली चाकू गलत तरीके से चलाएं तो उंगली कटती है, लेकिन AI जैसे टूल्स उससे कहीं अधिक खतरनाक हो सकते हैं।" उन्होंने युवाओं से तकनीक का उपयोग करने की अपील की, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता मनुष्य को उसकी वास्तविक पहचान और जीवन से दूर कर सकती है।

उन्होंने कहा कि "AI का इस्तेमाल कीजिए, लेकिन AI आपको इस्तेमाल न करने लगे, इसके लिए सावधान रहिए।"

17/08/2026

13 अगस्त 2026 को जयपुर के Hyatt Regency में आयोजित पाञ्चजन्य के ‘सुशासन संवाद - राजस्थान’ कार्यक्रम में आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने धर्म, समाज और राजनीति के संबंधों पर विस्तार से अपने विचार रखे।

पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर के साथ संवाद करते हुए आचार्य जी ने कहा कि विश्व के इतिहास में यदि किसी विचार ने सबसे अधिक लोगों को प्रेरित किया है, एकत्रित किया है तो वह धर्म है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के जीवन में केवल रोटी, कपड़ा और मकान ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि जीवन के प्रति उसका विश्वास और आस्था उससे भी बड़ी शक्ति है।

उन्होंने तथाकथित सेकुलरिज्म की अवधारणा पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि धर्म को राजनीतिक चश्मे से देखने की प्रवृत्ति समाज को भ्रमित करती है।

संवाद के दौरान उन्होंने अयोध्या कारसेवकों पर हुई गोलीबारी और धार्मिक प्रतीकों के प्रति दृष्टिकोण जैसे विषयों का भी उल्लेख किया।

17/08/2026

13 अगस्त 2026 को जयपुर के Hyatt Regency में आयोजित पाञ्चजन्य के 'सुशासन संवाद - राजस्थान' कार्यक्रम में आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर के साथ संवाद करते हुए 'सेकुलरिज्म' की अवधारणा पर विस्तार से अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के मंच से आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने कहा कि "सेकुलर" शब्द भारतीय भाषा, भारतीय परंपरा और भारतीय जीवन-दृष्टि का शब्द नहीं है। उन्होंने कहा कि इसकी उत्पत्ति उन समाजों में हुई जहां ईश्वर, सत्ता और सामाजिक समानता को लेकर संघर्ष की परिस्थितियां थीं, जबकि भारत की संस्कृति प्राचीन काल से ही सभी के प्रति समभाव और समान दृष्टि की रही है।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के इतिहास, संस्कृति और विचार परंपरा को समझते समय पश्चिमी अवधारणाओं को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय उनके मूल संदर्भ को समझना आवश्यक है।

17/08/2026

पाञ्चजन्य के इस विशेषांक "विभाजन विभीषिका: पीड़ा और पाठ" में भारत विभाजन की त्रासदी, पाकिस्तान निर्माण की पृष्ठभूमि, विस्थापित परिवारों के अनुभव, सिंध और पूर्वोत्तर पर पड़े प्रभाव तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है।

संपादक हितेश शंकर की संपादकीय "स्मृतियां जो रुलाती हैं, स्मृतियां जो जगाती हैं" से लेकर बलबीर दत्त, वासुदेव देवनानी, पद्मश्री डॉ. हरमहेंद्र सिंह बेदी, नरेंद्र दत्त, दीपक द्विवेदी, संध्या जैन और अन्य लेखकों के विचारोत्तेजक लेख इस अंक को विशेष बनाते हैं।

इसके साथ ही अग्नि-4 मिसाइल, भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति, वीर सावरकर, सारनाथ और आज-कल स्तंभ की प्रमुख घटनाओं को भी इस अंक में स्थान दिया गया है। जानिए विभाजन की पीड़ा, इतिहास के अनकहे प्रसंग और नए भारत की सामरिक शक्ति की कहानी—पाञ्चजन्य इस सप्ताह में।

#भारतविभाजन #पाञ्चजन्य

17/08/2026

Social Media आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, लेकिन सवाल ये है कि क्या कम उम्र में इसका इस्तेमाल बच्चों के लिए सही है? हाल ही में सामने आए कुछ वायरल वीडियो और युवाओं की भाषा को लेकर हुई बहस ने Social Media के असर पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या Social Media बच्चों के Behaviour और Language को प्रभावित कर रहा है? क्या 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media पर Age Restriction होनी चाहिए? और क्या भारत को Australia जैसे देशों के मॉडल से सीखने की जरूरत है?

इस वीडियो में जानेंगे—

भारत में बच्चों के Social Media Use को लेकर मौजूदा नियम क्या हैं?
क्या भारत में Under-16 Social Media Ban लागू है?
Australia में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्या नियम हैं?
Social Media बच्चों के Behaviour और Language को कैसे प्रभावित कर सकता है?
क्या Age Verification जरूरी है?
बच्चों की Digital Safety में Parental Control कितना अहम है?
क्या भारत को Australia Model अपनाना चाहिए?
Social Media पर Age Restriction के पक्ष और विपक्ष में क्या तर्क हैं?
आखिर बच्चों के लिए Social Media कितना सुरक्षित है?

आपकी राय क्या है—क्या भारत में भी 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media पर Age Restriction होनी चाहिए? Comment करके जरूर बताइए।

बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह भगदड़ जैसी स्थिति के बाद बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब त...
17/08/2026

बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह भगदड़ जैसी स्थिति के बाद बड़ा हादसा हो गया। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 5-6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रही है।



Bihar news, Lakhisarai news, Ashokdham temple, Ashok Dham stampede, Lakhisarai stampede, Bihar temple accident, Ashok Dham temple accident, Bihar breaking news, Lakhisarai latest news,panchjanya

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में एनालॉग पनीर के साथ-साथ क्रीम और घी पर भी सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने साफ किया है कि खाद्य ...
17/08/2026

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में एनालॉग पनीर के साथ-साथ क्रीम और घी पर भी सख्ती बढ़ा दी है। सरकार ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले के बाद मिलावटी खाद्य उत्पादों पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।



Yogi Adityanath, Uttar Pradesh News, UP News, Analog Paneer Ban, Paneer Ban in UP, Cream Ban, Ghee Ban, Food Adulteration, Food Safety, Yogi Government, UP Government, panchjanya

बांग्लादेश ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान शेख हसीना के प्रत्यर्पण तक भारत की यात्रा नहीं करेंगे। 2024 के आंदो...
17/08/2026

बांग्लादेश ने साफ कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान शेख हसीना के प्रत्यर्पण तक भारत की यात्रा नहीं करेंगे। 2024 के आंदोलन के बाद शेख हसीना भारत आ गई थीं। अब उनके प्रत्यर्पण का मुद्दा भारत-बांग्लादेश संबंधों में अहम बना हुआ है।



Bangladesh, Tarique Rahman, Sheikh Hasina, India Bangladesh Relations, Sheikh Hasina Extradition, Bangladesh PM,, panchjanya

प्रदेश में गो संरक्षण अभियान को अब नई पीढ़ी यानी Gen-Z से जोड़ने की तैयारी है। गांव-गांव अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं क...
17/08/2026

प्रदेश में गो संरक्षण अभियान को अब नई पीढ़ी यानी Gen-Z से जोड़ने की तैयारी है। गांव-गांव अभियान चलाकर बच्चों और युवाओं को गोवंश की देखभाल, प्राकृतिक खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गाय की भूमिका के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके लिए करीब 10 हजार ‘गो मित्र’ तैयार किए जाएंगे, जिन्हें पहले मास्टर ट्रेनर के जरिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रदेश के 7,500 से अधिक गो आश्रय स्थलों में 12 लाख से ज्यादा गोवंश संरक्षित हैं। इनके भरण-पोषण के लिए मिलने वाली राशि भी 30 से बढ़ाकर 50 रुपये प्रतिदिन प्रति गोवंश की गई है।



Cow Protection Campaign, Gau Seva, Gen Z, Gau Mitra, Cow Care, Natural Farming, Rural Economy, Cattle Protection, Cow Shelters, Youth Participation, panchjanya

Address

6th Floor, Sadhna Tower, Keshav Kunj, 10196, Desh Bandhu Gupta Road, Jhandewalan
Delhi
110055

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Panchjanya posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Panchjanya:

Shortcuts

Share