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आज दिल्ली के जंतर मंतर पर भाकपा (माले) समेत वामपंथी पार्टियों के संयुक्त आह्वान पर नोएडा, मानेसर, पानीपत, भिवानी, फरीदाब...
24/04/2026

आज दिल्ली के जंतर मंतर पर भाकपा (माले) समेत वामपंथी पार्टियों के संयुक्त आह्वान पर नोएडा, मानेसर, पानीपत, भिवानी, फरीदाबाद के मजदूरों की मांगों के समर्थन में संयुक्त विरोध प्रदर्शन हुआ।

दशकों से, सरकारों और कंपनी मालिकों की सांठगांठ से मज़दूरों पर हो रही हिंसा के खिलाफ जब देश भर में मज़दूर आवाज़ उठा रहे हैं, तो योगी-मोदी मज़दूरों को अपनी घिसीपिटी 'पाकिस्तानी-देशद्रोही' वाली टूल-किट का निशाना बना रहे हैं।

मालिकों के इशारे पर देश के मज़दूरों से गद्दारी करने वाली भाजपा सरकार मुर्दाबाद!!

📌 सभी प्रदर्शनकारी मजदूरों को तुरंत रिहा करो। फर्जी मुकदमे खत्म करो!!
📌 आठ घंटे का कार्यदिवस और जीने लायक वेतन सुनिश्चित करो!! ओवरटाइम का डबल रेट से भुगतान करो!!
📌 सभी के लिए कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करो!!
📌 मज़दूर विरोधी श्रम कोड कानून रद्द करो!!

मज़दूर एकता जिंदाबाद!!
इंकलाब जिंदाबाद!!

नोएडा, मानेसर, फरीदाबाद, भिवाड़ी समेत दिल्ली NCR के तमाम इलाकों में मज़दूर विरोधी भाजपा सरकारों द्वारा भयंकर दमन झेल रहे...
18/04/2026

नोएडा, मानेसर, फरीदाबाद, भिवाड़ी समेत दिल्ली NCR के तमाम इलाकों में मज़दूर विरोधी भाजपा सरकारों द्वारा भयंकर दमन झेल रहे प्रदर्शनकारी मज़दूरों के समर्थन में ऐक्टू के आह्वान पर देशभर में 17 अप्रैल 2026 को अखिल भारतीय विरोध दिवस मनाया गया।

दिल्ली NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिल नाडु समेत अनेक राज्यों में मज़दूरों ने दिल्ली NCR में भुखमरी के स्तर के वेतन के खिलाफ संघर्षरत मज़दूरों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए सरकारी तंत्र द्वारा किए जा रहे मज़दूरों के बर्बर दमन का विरोध किया।

👉 सभी गिरफ्तार प्रदर्शनकारी मज़दूरों और यूनियन कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करो, मज़दूरों के विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस–प्रशासन द्वारा किया जा रहा हिंसक दमन बंद करो!!

👉 भुखमरी के स्तर का वेतन नहीं चलेगा, वेतन बढ़ाकर 42,000 रुपये प्रति माह करो!!

👉 बारह घंटे का कार्यदिवस नहीं चलेगा!! ओवरटाइम काम के लिए दुगने दर से भुगतान सुनिश्चित करो!!

👉 सभी मज़दूरों के लिए कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करो!!

👉 चारों मज़दूर-विरोधी लेबर कोड कानून रद्द करो!!

👉 कॉन्ट्रैक्ट प्रथा खत्म करो, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट नहीं चलेगा!!

👉 मुनाफे की लालच में मजदूरों पर दमन नहीं चलेगा!!

मज़दूर एकता जिंदाबाद!!

📢 17 अप्रैल: अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाएं 📢नोएडा, मानेसर, फरीदाबाद समेत तमाम क्षेत्रों में मज़दूरों द्वारा सिलेसिलेवा...
16/04/2026

📢 17 अप्रैल: अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस मनाएं 📢

नोएडा, मानेसर, फरीदाबाद समेत तमाम क्षेत्रों में मज़दूरों द्वारा सिलेसिलेवार प्रदर्शन फूट रहे हैं उसका कारण केवल - मोदी सरकार की कॉरपोरेट-परास्त नीतियां और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के कारखाना मालिकों का मुनाफे का अथाह लालच है। मज़दूरों की लंबे समय से लंबित मांगों को न केवल नजरअंदाज किया गया है, बल्कि कारखाना मालिकों और संपूर्ण सरकारी तंत्र के नापाक गठजोड़ द्वारा प्रदर्शनकारी मज़दूरों को बार-बार दंडित किया गया है। एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि ने प्रवासी मज़दूरों को अपने अधिकारों और वेतन के लिए आवाज उठाने या भुखमरी का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है।

ऐक्टू दिल्ली-एनसीआर के प्रदर्शनकारी मज़दूरों के समर्थन में 17 अप्रैल को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान करता है।

👉 सभी प्रदर्शनकारी मज़दूरों और यूनियन कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा करो, मज़दूरों के विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस द्वारा हो रहा हिंसक दमन बंद करो!!

👉 भुखमरी के स्तर का वेतन नहीं चलेगा, वेतन बढ़ाकर 42,000 रुपये प्रति माह करो!!

👉 बारह घंटे का कार्यदिवस नहीं चलेगा!! ओवरटाइम काम के लिए दुगने दर से भुगतान सुनिश्चित करो!!

👉 सभी मज़दूरों के लिए कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करो!!

👉 चारों मज़दूर-विरोधी लेबर कोड कानून रद्द करो!!

👉 कॉन्ट्रैक्ट प्रथा खत्म करो, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट नहीं चलेगा!!

👉 जनहितों के ऊपर मुनाफाखोरी को प्राथमिकता देना नहीं चलेगा!!

Long Live the legacy of Dr. Babasaheb Bhimrao Ambedkar !!Stand firmly with the workers of the country rising against the...
14/04/2026

Long Live the legacy of Dr. Babasaheb Bhimrao Ambedkar !!

Stand firmly with the workers of the country rising against their severe exploitation by the State-Corporate Nexus !!

Roll back the anti-worker Labour Codes Now !!

Condemn the Brutal Repressive Actions of the BJP Government against the workers fighting for survival !!

Long Live Workers' Unity !!
Inquilab Zindabad !!

https://publicforum750.com/aicctu-says-jallianwala-bagh-is-being-repeated/
14/04/2026

https://publicforum750.com/aicctu-says-jallianwala-bagh-is-being-repeated/

नोएडा में मजदूरों का संघर्ष और सरकारी दमन: जब रोटी की माँग को बनाया गया “अपराध” नोएडा (पब्लिक फोरम)। देश में मजदूर प.....

डीटीसी प्रबंधन – दिल्ली सरकार होश में आओ, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ धोखेबाजी बंद करो !!इंकलाब जिंदाबाद !!मजदूर एकता...
28/03/2026

डीटीसी प्रबंधन – दिल्ली सरकार होश में आओ, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ धोखेबाजी बंद करो !!
इंकलाब जिंदाबाद !!
मजदूर एकता जिंदाबाद !!

23 मार्च, 2026: शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर ने डीटीसी मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में विभिन्न डिपो के चालक और संवाहकों के साथ डिम्ट्स/क्लस्टर के कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों ने भी हिस्सा लिया।

डीटीसी जैसे जन-परिवहन के महत्वपूर्ण संस्थान को लगातार डीटीसी प्रबंधन और दिल्ली सरकार निजीकरण की ओर धकेल रहे हैं। मेंटेनेंस-वर्कशॉप का पूरा काम, टाटा और लीलैंड जैसी निजी कंपनियों को पहले ही दिया जा चुका है जिसके कारण निगम को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ी है। अब नई इलेक्ट्रिक बसों में ड्राइविंग का कार्य निजी कंपनी को दिया जा रहा है - जिससे दिल्ली की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से निजी-कंपनियों के हाथों में चली जाएगी। यह न सिर्फ डीटीसी कर्मचारियों के साथ बल्कि दिल्ली की सारी मेहनतकश-गरीब जनता के साथ धोखाधड़ी है।

पिछले कुछ सालों से दिल्ली सरकार और डीटीसी प्रबंधन की गलत नीतियों के चलते दिल्ली परिवहन निगम के सभी कर्मचारी परेशान हैं। निगम का तेजी से निजीकरण किया जा रहा है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की मांगों पर प्रबंधन बिल्कुल चुप है। दिल्ली सरकार और डीटीसी प्रबंधन ये भूल चुके हैं कि कभी दिल्ली की सड़कों पर दौड़ने वाली ब्लू-लाइन बसों से बढ़ती दुर्घटनाओं के चलते उन्हें बंद करना पड़ा था। 2012 में हुए ‘निर्भया’ हादसे ने भी सरकारी जन-परिवहन व्यवस्था के महत्त्व को सबके सामने लाया था। बढ़ते प्रदूषण और नई आबादी वाले क्षेत्रों को देखते हुए डीटीसी के विस्तार की बहुत ज्यादा ज़रुरत है। परंतु यह बहुत दुखद है कि अब डीटीसी बसों के संचालन को पूर्ण रूप से प्राइवेट ऑपरेटरों के माध्यम से करने की पूरी तैयारी हो चुकी है।

23 मार्च को हुए विरोध प्रदर्शन के माध्यम से डीटीसी प्रबंधन और दिल्ली सरकार के समक्ष हाल ही में कॉन्ट्रैक्ट चालकों के साथ किए जा रहे अन्याय के खिलाफ ज़बरदस्त तरीके से आवाज उठाई गई। बीस साल से भी लम्बे समय से चालक की ड्यूटी करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को नंद नगरी में ट्रेनिंग पूरी होने के बावजूद चालक की ड्यूटी नहीं दी जा रही है। इलेक्ट्रिक बसों में थर्ड पार्टी के माध्यम से चालक भर्ती किये जा रहे हैं और डीटीसी प्रबंधन हमें यह बता रहा है कि ड्राइवर ‘सरप्लस’- यानि एक्स्ट्रा हो गए हैं। यह कर्मचारियों के साथ सरासर धोखा नहीं तो क्या है – डीटीसी के पास अब डिम्ट्स की भी बसें हैं, दिल्ली सरकार ने और इलेक्ट्रिक बसों को लाने की बात कही है – फिर चालक ‘सरप्लस’ कैसे हो गए और उन्हें संवाहक बनाने की ज़रुरत क्या है? डीटीसी के तेज़ी से हो रहे निजीकरण को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि आज चालकों के साथ अन्याय हो रहा है, कल संवाहकों की बारी आएगी।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की लंबे समय से समान काम समान वेतन और पक्का करने की मांग के ऊपर दिल्ली परिवहन निगम और दिल्ली सरकार दोनों चुप हैं। 23 मार्च के विरोध प्रदर्शन में इन दोनों मांगों को प्रमुखता से डीटीसी प्रबंधन के समक्ष रखा गया। इसके अलावा डिम्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों को डीटीसी में नियुक्ति देने के साथ-साथ, स्टाफ बस पुनः चालू करने, डीटीसी कॉलोनी को खाली करने का नोटिस वापस लेने इत्यादि मांगों पर यूनियन के द्वारा डीटीसी प्रबंधन और दिल्ली सरकार को मांग-पत्र भी सौंपा गया।

कार्यक्रम के दौरान यूनियन के द्वारा निम्नलिखित मांगों के साथ मांग-पत्र सौंपा गया –

1. डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट चालकों की नंदनगरी में इलेक्ट्रिक व्हीकल के सम्बन्ध में हुई ट्रेनिंग के बावजूद, डीटीसी उन्हें इलेक्ट्रिक बसों में चालक के रूप में ड्यूटी नहीं दे रही। इसके विपरीत डीटीसी प्रबंधन द्वारा कॉन्ट्रैक्ट चालकों को अब संवाहक की ट्रेनिंग देने की बात कही जा रही है। अतः इलेक्ट्रिक बसों के संचालन में आउटसोर्स/बाहर से चालक लाना बंद किया जाए और डीटीसी के अनुभवी चालकों से ही इलेक्ट्रिक बस में चालक की ड्यूटी ली जाए।

2. डीटीसी के निजीकरण पर रोक लगाई जाए। डीटीसी प्रबंधन, प्राइवेट कंपनियों के ऊपर सरकारी पैसा बहाना बंद करे। डीटीसी की अपनी बसों की संख्या कम से कम 11,000 की जाए।

3. सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का किया जाए और समान काम का समान वेतन लागू हो। लम्बे समय से कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की इन दो मांगों को यूनियन द्वारा उठाया जाता रहा है – परन्तु डीटीसी प्रबंधन ने हमेशा कोई न कोई बहाना बनाकर इन मांगों को मानने से इनकार किया है। यह सरासर गलत है। अतः डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर डीटीसी प्रबंधन और दिल्ली सरकार को जल्द से जल्द कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने और पक्का होने तक समान काम समान वेतन देने की मांग करती है।

4. डिम्ट्स के संवाहकों की जगह डीटीसी के चालकों को संवाहक बनाना सरासर गलत है। एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की जगह दूसरे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को काम पर रखना कानून के हिसाब से भी ठीक नहीं है। अतः हम ये मांग करते हैं कि किसी भी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी की नौकरी नहीं छीनी जाए और डिम्ट्स के सभी कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों को डीटीसी में नियुक्ति दी जाए।

5. टर्मिनेट किये हुए कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बिना किसी इन्क्वायरी के काम से निकाला जा रहा है। ज़्यादातर कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों द्वारा दिए जा रहे स्पष्टीकरण को ‘असंतोषजनक’ बताकर सीधे खारिज कर दिया जा रहा है। यह न सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है बल्कि गैरकानूनी भी है। अतः किसी भी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी को बिना निष्पक्ष इन्क्वायरी का मौका दिए किसी प्रकार की सज़ा नहीं दी जानी चाहिए।

6. सभी सेवानिवृत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

7. स्टाफ बसों के सम्बन्ध में भी प्रबंधन द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद स्टाफ बसों को चालू नहीं किया गया है। अतः स्टाफ बसों को जल्द से जल्द पुनः चलाया जाए। डीटीसी में सफाई का काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पूरी दिहाड़ी का भी भुगतान नहीं किया जा रहा – सफाई कर्मचारियों को पूरे वेतन का भुगतान किया जाए।

8. डीटीसी कॉलोनी को खाली करने का नोटिस वापस लिया जाए। कर्मचारियों से उनके आवास के अधिकार को छीनना बंद किया जाए।

आम आदमी पार्टी के सत्ता में रहने के दौरान दिल्ली सरकार के मौजूदा श्रम मंत्री कपिल मिश्रा और फ़िलहाल उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी दोनों ही डीटीसी कर्मचारियों के मुद्दों के ऊपर तरह-तरह की बयानबाजी करते थे। आज जब दिल्ली में ट्रिपल-इंजन की सरकार विराजमान है – तो दोनों ही भाजपा नेता डीटीसी कर्मचारियों पूरी तरह से भूल गए हैं। अब जब सरकार में रहते हुए इन नेताओं को कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करने का पूरा अधिकार है, तब भाजपा के नेता ऐसे ही गायब हो गए हैं जैसे कभी केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज डीटीसी कर्मचारियों को बेवक़ूफ़ बनाकर गायब हो गए थे।

धर्म-संप्रदाय के नाम पर लोगों के बीच ज़हर घोलकर राज करने के अलावा, शायद ही भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र और दिल्ली की सरकारें मजदूरों के बारे में सोचती हैं। बहुत समझाने के बाद भी जो कॉन्ट्रैक्ट और पक्के कर्मचारी इनसे उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें समझ लेना होगा कि 29 अत्यंत ज़रूरी श्रम कानूनों को ख़त्म करके 4 मजदूर-विरोधी लेबर कोड लाने वाली भाजपा सरकार कम से कम मजदूर के हित की बात तो नहीं कर सकती है।

इन लेबर कोड कानूनों के आने के बाद ‘फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट’ कानूनी होगा – मतलब की कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी जीवन भर कॉन्ट्रैक्ट प्रथा के चलते गुलामी जैसे हालातों में ड्यूटी करने को मजबूर होंगे। केंद्र सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट लेबर ऐक्ट, मिनिमम वेजेस ऐक्ट, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट ऐक्ट समेत 29 जरूरी श्रम कानूनों को खत्म करके चार नए कानून लागू करने की घोषणा कर दी है। इन चार नए लेबर कोड कानूनों के लागू होने के बाद कच्चे कर्मचारियों के लिए कोर्ट/ट्रिब्यूनल से राहत मिल पाना और कठिन हो जाएगा। हड़ताल करना और यूनियन बनाना - दोनों ही चीजें कानूनी रूप से मुश्किल हो जाएंगी।

आये दिन कभी बस मार्शल, कभी मोहल्ला क्लीनिक के कर्मचारी तो कभी डिम्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों की छटनी की खबरें आप सभी ने सुनी होगी। डिम्ट्स के कॉन्ट्रैक्ट संवाहक लगातार अवैध छटनी के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं – इससे पहले मोहल्ला क्लिनिक के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी और बस मार्शल उठा रहे थे। आनेवाले दिनों में जब नए लेबर कोड क़ानून लागू हो जाएंगे तो ऐसी छटनी की घटनाएं और ज्यादा घटित होने लगेंगी। ऐसे में डीटीसी के सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को कमर कस लेने की ज़रुरत है – आने वाला कल काफी मुश्किल होने वाला है परंतु यदि हम एकता बनाकर संघर्ष करेंगे तो निश्चित रूप से हमारी जीत होगी।

पानीपत से लेकर सूरत और सिंगरौली इत्यादि जगहों पर जिस तरह से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे कर्मचारियों ने 12 घंटे के काम, कम मजदूरी और हर रोज़ होनेवाले शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई है, वो भविष्य के संघर्षों की एक झलक मात्र है। भारी महंगाई और बेरोज़गारी के डर के बीच काम करने वाले कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी निश्चित तौर पर पूरी डीटीसी के अन्दर एक सशक्त आन्दोलन खड़ा करेंगे। कार्यक्रम में आनेवाले सभी डीटीसी और डिम्ट्स कर्मचारियों का धन्यवाद।

अमरीकी साम्राज्यवाद, हो बर्बाद!!अमेरिका के इशारे पर देश के मज़दूरों-किसानों के ख़िलाफ़ नीतियां बनाना नहीं चलेगा!!मज़दूरो...
24/03/2026

अमरीकी साम्राज्यवाद, हो बर्बाद!!
अमेरिका के इशारे पर देश के मज़दूरों-किसानों के ख़िलाफ़ नीतियां बनाना नहीं चलेगा!!
मज़दूरों को गुलाम बनाने वाले श्रम कोड कानून रद्द करो!!
देश की संपत्ति को निजी हाथों में सौंपना बंद करो!!
मज़दूर-किसान एकता जिंदाबाद!!
इंकलाब जिंदाबाद!!

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 23 मार्च 2026 को देशभर में साम्राज्यवाद विरोधी दिवस मनाया गया।

अमरीकी साम्राज्यवादी ताकतें भारत की जनता पर अपने पंजे कसने की लगातार तैयारी कर रहीं हैं। जनता के अधिकारों को खत्म करने वाले कानून बनाने वाली और अमेरिकी कंपनियों को ज़ीरो टैरिफ का न्यौता देने वाली भाजपा सरकार इसमें पूरी तरह से लिप्त है। संसद में बैठकर देश के मज़दूरों और किसानों के खिलाफ लगातार कानून बनाए जा रहे हैं। मज़दूरों को गुलाम बनाने वाले श्रम कोड कानून, वीबी ग्रामजी एक्ट, बीज विधेयक, बिजली संशोधन विधेयक, इसके कुछ उदाहरण हैं। शहीद भगत सिंह के सपने को साकार करने के लिए सबसे ज़रूरी है कि संघ-भाजपा को इस देश से उखाड़ फेंका जाए।

दिल्ली में ऐतिहासिक शहीदी पार्क में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ऐक्टू दिल्ली राज्य सचिव, कॉमरेड श्वेता राज ने सभा को संबोधित किया।

बिल्डिंग वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने इस मौके पर संत नगर इलाके में एक जनसभा का आयोजन किया। ईरानी कवि और पेशे से निर्माण का काम करने वाले सबीर हाका की कविता पढ़ी गई। चारों लेबर कोड, ग्रामजी एक्ट, गैस की भारी किल्लत, दिल्ली सरकार द्वारा वेलफेयर बोर्ड खत्म करने की चल रही साज़िश जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सभी साथियों ने अपने संगठन और संघर्ष को मज़बूत करने का संकल्प लिया।

📢  23 मार्च: चलो डीटीसी मुख्यालय!! 📢समय : सुबह 10:30 बजे से, स्थान : डीटीसी मुख्यालय, आई पी एस्टेटसाम्राज्यवाद से लड़ते ...
19/03/2026

📢 23 मार्च: चलो डीटीसी मुख्यालय!! 📢

समय : सुबह 10:30 बजे से, स्थान : डीटीसी मुख्यालय, आई पी एस्टेट

साम्राज्यवाद से लड़ते हुए शहीद होनेवाले सभी क्रांतिकारियों की विरासत अमर रहे!!
अमर शहीदों का पैगाम, जारी रखना है संग्राम!!

डीटीसी के निजीकरण पर रोक लगाओ!!
प्राइवेट कंपनियों के ऊपर सरकारी पैसा बहाना बंद करो, डीटीसी की अपनी बसों की संख्या 11,000 करो!!

सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का करो, समान काम का समान वेतन लागू करो!!

डीटीसी के कॉन्ट्रैक्ट चालकों को संवाहक बनाना नहीं चलेगा!! थर्ड पार्टी से कॉन्ट्रैक्ट चालकों की बहाली नहीं चलेगी, इलेक्ट्रिक बसों में डीटीसी के चालकों को ड्यूटी दो!!

डिम्ट्स के संवाहकों की जगह डीटीसी के चालकों को संवाहक बनाना बंद करो!!
डिम्ट्स के सभी कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों को डीटीसी में नियुक्ति दो!!

डीटीसी प्रबंधन - दिल्ली सरकार होश में आओ, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ धोखेबाज़ी नहीं चलेगी!!

डीटीसी कॉलोनी को खाली करने का नोटिस वापस लो,
कर्मचारियों के आवास को छीनना बंद करो!!

परिवहन कर्मचारियों की एकता जिंदाबाद!!

08/03/2026

हर मुश्किल परिस्थिति में भी ईमानदारी से ड्यूटी करने वाली महिला संवाहकों के साथ इतना बड़ा धोखा क्यों?

DIMTS के हजारों कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों की नौकरी पर हमला नहीं सहेंगे!!

सभी डिम्ट्स संवाहकों के लिए DTC में बिना सर्विस ब्रेक रोजगार की गारंटी करो!!

महिला कामगारों के अधिकारों पर हमला बंद करो!!
मज़दूर-विरोधी, महिला-विरोधी, जनता-विरोधी भाजपा सरकार मुर्दाबाद!!

27/02/2026

होली और ईद जैसे त्योहारों के मौसम के दौरान हुई इतनी बड़ी छटनी, भाजपा की दिल्ली सरकार का मजदूर–विरोधी चेहरा बेनकाब!!

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और श्रम मंत्री के समक्ष कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों ने रखी अपनी मांगें - वादाखिलाफी से आक्रोशित हुए मजदूर!!

दिल्ली सरकार की गलत नीतियों के चलते सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और उसमें लगे कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हो रहे हैं बदहाली के शिकार!!

सभी DIMTS कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बिना सर्विस ब्रेक DTC में बहाल करो!!
कॉन्ट्रैक्ट प्रथा की गुलामी नहीं सहेंगे!!
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की एकता जिंदाबाद!!
ऐक्टू जिंदाबाद!!

27 फ़रवरी 2026: DIMTS/क्लस्टर बस सेवा में 10-15 साल से कार्यरत हजारों कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों की छटनी करने के फ़रमान के खिल...
27/02/2026

27 फ़रवरी 2026: DIMTS/क्लस्टर बस सेवा में 10-15 साल से कार्यरत हजारों कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों की छटनी करने के फ़रमान के खिलाफ दिल्ली श्रमायुक्त कार्यालय पर कर्मचारियों ने ऐक्टू के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में विशाल जुलूस निकल कर प्रदर्शन किया।

भाजपा के विभिन्न नेता, चाहें संसद में बैठे मनोज तिवारी हों, या दिल्ली में श्रम मंत्री के पद पर बैठे कपिल मिश्रा, सभी ने अलग-अलग समय पर अपनी राजनीति चमकाने के लिए DIMTS (क्लस्टर बस सेवा) के भोले-भाले कर्मचारियों का कई बार इस्तमाल किया है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री ने DIMTS कर्मचारियों को जनवरी में झूठा वादा किया कि DIMTS खत्म होगा पर किसी की नौकरी नहीं जाएगी। लेकिन दिल्ली सरकार ने हजारों कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों के पेट पर लात मारकर उनकी होली और ईद खराब करने से पहले एक बार भी नहीं सोचा!

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के पास जब कर्मचारी अपनी नौकरी की गुहार लगाने गए, तो उन्होंने हजारों परिवहन कर्मचारियों को सीधा बोल दिया, "हमारा तुमसे कोई लेना देना नहीं!"

भाजपा सरकार का परिवहन सेवाओं के निजीकरण से लेना देना है, दिल्ली की जनता के सुरक्षित सफर के अधिकार को निजी कंपनियों की पॉकेटों के हवाले करने से लेना देना है, पर कोविड महामारी से लेकर गर्मी-सर्दी-बरसात जैसे हर मौसम में दिल्ली की जनता की सेवा करने वाले कर्मचारी से दिल्ली सरकार का कोई लेना देना नहीं है!

इतना ही नहीं, सरकार की बेशर्मी हर सीमा तोड़ रही है। जो संवाहक पिछले कई दिनों से अपने डिपो में शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे, वहां से पुलिस प्रशासन ने उन्हें बाहर खदेड़ दिया। आज भी श्रमायुक्त कार्यालय और श्रम मंत्री आवास तक भी कर्मचारियों को जाने नहीं दिया गया।

इसके बावजूद सैंकड़ों कर्मचारी अपनी एकता की ताकत से डटे रहे। चाहें केंद्र में बैठ कर मज़दूरों को गुलाम बनाने वाले लेबर कोड पास करने वाली मोदी सरकार हो या दिल्ली में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ धोखाधड़ी कर रही, रेखा गुप्ता की सरकार हो, कर्मचारियों ने इस मज़दूर विरोधी भाजपा सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त किया।

DTC समेत अन्य कई संस्थानों के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने प्रदर्शन में हिस्सेदारी कर DIMTS के कॉन्ट्रैक्ट संवाहकों की मांगों को दिया पुरजोर समर्थन। दिल्ली संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच के नेतागण ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया और कर्मचारियों के प्रदर्शन के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की।

कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल ने दिल्ली श्रमायुक्त को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों की मांग पर दिल्ली श्रमायुक्त ने कहा कि DTC, DIMTS और ठेका कंपनी पेरीग्रीन के बीच समझौता कार्यवाही तत्काल शुरू की जाएगी।

हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे!!
दिल्ली सरकार होश में आओ!!
सभी DIMTS कर्मचारियों को DTC के अंतर्गत बिना सर्विस ब्रेक लेना होगा!!
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की एकता जिंदाबाद!!

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Delhi
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