29/07/2026
********** मजदूर-विरोधी, किसान-विरोधी, जन-विरोधी फासीवादी मोदी सरकार को शिकस्त दो !! **********
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा सेक्टोरल फेडरेशनों एवं एसोसिएशनों के मंच ने संयुक्त किसान मोर्चा के साथ मिलकर आज श्रमिकों और किसानों का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया।
पिछले छह वर्षों में केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के मंच द्वारा छह राष्ट्रीय आम/औद्योगिक हड़तालें तथा कई अवसरों पर जन-जुटान करने के बावजूद, सरकार ने गुलामी वाले चार लेबर कोड और उनके नियमों को अधिसूचित कर दिया।
दूसरी ओर, दिल्ली की सीमाओं पर ऐतिहासिक एवं लंबे आंदोलन के बाद तीन कृषि कानूनों को निरस्त करते समय किसानों को दिए गए सभी ग्यारह वादे आज तक अधूरे हैं। अब सरकार अमेरिका, यूरोपियन यूनियन और कुछ अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों की ओर बढ़ रही है, जो हमारे कृषि क्षेत्र और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए हानिकारक हैं – यह हमारे देश के किसानों, छोटे व्यवसायों, व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला के विनाश का रास्ता है।
भाजपा सरकार द्वारा देश की आवाम पर किए जा रहे इन तमाम हमलों के समय में, एकजुट होने और हर संभव तरीके से संघर्ष जारी रखने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है, साथ ही देश के व्यापक हित के लिए लोकतांत्रिक आंदोलनों को समर्थन देना भी आवश्यक है।
हमारी माँगें:
- चारों लेबर कोड एवं नियमों को निरस्त करो। फॉर्मल एवं इनफॉर्मल सेक्टर के सभी श्रमिकों के लिए – यूनियन बनाने, पंजीकरण, मान्यता, काम के घंटे, हड़ताल के अधिकार, सामूहिक सौदेबाजी का अधिकार सुनिश्चित करो तथा नियत अवधि की रोजगार प्रथा को समाप्त करो।
- सभी फसलों पर C2 + 50% के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करो।
- विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 को वापस लो।
- भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम (LARR Act) को सख्ती से लागू करो।
- उत्पादक सहकारी समितियों के तहत कृषि का आधुनिकीकरण करो तथा कृषि-आधारित उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSUs) और सहकारी क्षेत्र के अधीन विकसित करो।
- सभी के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹42,000 निर्धारित एवं सुनिश्चित करो।
- सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और सार्वजनिक सेवाओं का निजीकरण/विनिवेश और बिक्री, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, आउटसोर्सिंग और ठेकाकरण बंद करो।
- VB GRAM G अधिनियम को निरस्त करो और MGNREGA को 200 दिन के काम एवं ₹700 प्रतिदिन की मजदूरी के साथ बहाल करो।
- पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करो, EPS-95 में वृद्धि करो तथा सभी के लिए पेंशन सुनिश्चित करो।
- स्वीकृत पदों पर भर्तियाँ करो, नए पद/रोजगार/आजीविका सृजित करो।
- सभी ठेका/दैनिक-कैज़ुअल/गृह-आधारित पीस-रेट मज़दूरों/फेरीवालों-वेंडरों/स्व-नियोजित श्रमिकों आदि के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करो।
- बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करो, सभी के लिए PDS सुनिश्चित करो।
- प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकारी शिक्षा के बजट में वृद्धि करो, NEET तथा हाल के CBSE मामले जैसी अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित करो।
- स्वास्थ्य को अधिकार बनाओ, ESIC और अन्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में अधिक कवरेज दो, प्राथमिक/स्थानीय से लेकर जिला एवं शहरी अस्पतालों तक सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के बजट में वृद्धि करो।
- स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता एवं आवास/आश्रय आदि के लिए सरकारी सेवाएँ सुनिश्चित करो।
मज़दूर-किसान एकता जिंदाबाद!!
इंकलाब जिंदाबाद!!