बुध विहार व अन्य जगह के मिथिलावासियों के मदद से तैयार इस संस्था का उदेश्य मैथिली संस्कृति को बचाना है |
सौभाग्य से फिर अवसर मिला है, संस्था से जुड़े आप सभी पाठकों से कुछ निवेदन करने का अंतः में चिरपोषित अभिलाषाएं, जो कुछ तो क्रियान्वित होकर हमारे सामने मुर्त रूप में अवस्थित है और वो कुछ अन्य अपूर्ण आकाक्षांए जो पूर्ण होने की कामना लिए समय के आगे नतमस्तक अपनी बारी की प्रतीक्षा में है।
याद आता है
संस्था की ओर बढ़ती हुई टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडिया, अनुभवहीन साथियों के साथ बढ़ते हुए निस्वार्थ कदम, अनिश्चित भविष्य के गर्भ से निश्चित लक्ष्य की चाह ....। कुछ मिला, कुछ मिलना शेष ... है। आशावादी हूँ नहीं कुछ होने से अच्छा है 'कुछ' का होना और यह कुछ संस्थारूपी विशाल वृक्ष का बीज भी तो हो सकता है, कामनाएं अनन्त है ! जितना मिलता जाए प्रभु को धन्यवाद देकर सहर्ष स्वीकार करना ही उचित है।
मैं युवाओं और किशोरों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि वे आगे आएं और संस्था के काम में मदद करें। यह संस्था आपके लिए स्थापित किया गया है। कल आपको इसे चलाना होगा। आप हमारा भविष्य हैं। आप शिक्षित हैं, आप शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, आप हमारी आशा हैं। हमने अपना फर्ज निभाया, अब आप अपना फर्ज निभाएं। ताकि मिथिला की लुप्तप्राय संस्कृति को संरक्षित किया जा सके।स्मरण करे , मंडन मिश्रा, अयाची मिश्र महाकवि विद्यापति प्रभुति, मिथिलाधिपति विदेह राज जनक मैथिलानी जगत जननी जानकी जैसी और भी महान विभूतियों को याद करें और मिथिला का गौरव बढ़ाएं।
ईश्वर में आस्था एवं समाज की बढती दूरियों को कम कर सबको एक मंच से जोड़ना है | समाज के उत्थान हेतु संस्था निश्चित अन्तराल पर सामाजिक कार्य जैसे की नेत्रजांच सिविर , फ्री हेल्थ कैंप , ब्लड डोनेशन कैंप आदि का भी आयोजन करती है