Pandit Kaushal Pandey

Pandit Kaushal Pandey पंडित कौशल पाण्डेय
(ज्योतिष सलाहकार)
राष्ट्रीय अध्यक्ष: श्रीराम हर्षण शांति कुंज
www.astrokaushal.com
(1)

मेरे द्वारा किये बताये गए सभी उपाय रावण सहिता ,भृगु संहिता, लाल किताब एवं स्वयं आजमाए हुए सरल एवं सात्विक उपाय हैं।
इन सभी उपायों को हमारे प्राचीन ॠषि मुनियों और पुजनीय गुरुजनों द्वारा ज्योतिष ग्रंथों में बताये गए हैं।
इन उपायों के माध्यम से अनगिनत लोग लाभ प्राप्त कर चुके है और मैं ज्योतिष के क्षेत्र में कई वर्षों से शोध एवं कार्यरत हूँ।

मेरा ज्ञान सम्पूर्ण मानव समाज की सेवा के लिए समर्पित है अतः मै अपना अनुभव व् लेख अपने ब्लाक व सोसल साइटो पर लिखता रहता हूँ जिससे सभी लोग अपना कल्याण स्वयं कर सके।

ज्योतिष विद्या में जिस जातक को पूर्ण आस्था- विश्वास है ऐसे लोग ही मेरे से संपर्क करे अन्यथा अपना व् मेरा समय ख़राब न करे ,

आज हर कोइ परेशान है, समस्या है तो समाधान भी है, ज्योतिष विद्या ज्ञान का अपार भंडार है ,अपनी कार्यशक्ति व दक्षता के सर्वोतम उपयोग करने पर ही इस प्रतियोगिता में आगे बढने का साहस कर सकता है. आईये देखे की ज्योतिष शास्त्र के अनुसार----

जन्म पत्रिका के अनुसार कार्य करने से जीवन में प्रायः सफलता मिलती है…. कर्मो के अनुसार अच्छे – बुरे फल मिलते है….. जन्म पत्रिका से अनेक लाभ है …
जो इस प्रकार से है कुंडली में १२ भाव होते है प्रत्येक भाव का अपना फल है जैसे -
( तन, कोष , सहोदर. मातु , सुता , रिपु, नारी और मृत्यु ,भाग्य , सर्विश लाभ और हानी ये बारह भाव है ).

जो आपके जीवन को साथर्क बना सकते है….. जैसे -

1-आपके जीवन में कौन कौन सी परेशानियां हैं, और कब आएगी…? , शरीर क्यों और कब साथ नहीं देता इसका पता होना चाहिए।…? इन्शान के अन्दर सभी गुण होते हुए भी वो आखिर लाचार क्यों रहता है ….?

2- धन – सम्पति सम्बंधित जानकारी …?

3- आपकी कुण्डली में कहीं दोष तो नहीं जो आपके भाई बहन के साथ सम्बन्ध खराब कर दे और साझेदारी या व्यापर करने में आप को आपर में कलह करना पड़े.,…?

4- मकान , वाहन, जमीन-जायदाद लेने के बाद या अचानक काम में नुक्सान या लेने के बाद भी सुख- सुविधावो में कमी या आपके घर में क्लेश क्यों रहता है ?

5. किस विषय को चुने जो आप को नई उचाई पर ले जायेगा…? साथ ही संतान के बारे में जाने की हमारे बच्चे दुख का कारण तो नही बन रहें हैं और आगे साथ देगे भी या नहीं …..?

6- आपके जीवन में कौन सा बुरा वक्त कब और कैसे आएगा , कहीं आपके मित्र ही शत्रु न बन जाये , या आप का अपना ही शारीर आप का साथ न छोड़ दे .. दुर्घटना या बिमारी कैसे आ सकती है, कहीं ऐसा तो नहीं कि जिसके लिए आपने अपना पूरा जीवन अच्छा करें वही आपको धोखा दें .?,

7- आपकी कुण्डली में शादी के बाद जीवन साथी का सुख है या नहीं और होगा भी तो कब होगी , प्रेम विवाह करने के बाद भी तलाक की मुशीबत न आये …?

8- विदेश यात्रा … कुंडली में जन्म स्थान से दूर जाने को ही विदेशा यात्रा कहते है ,,,,? अकस्मात दुर्घटना कही आप की जीवन में तो नहीं होगी….?

9- आप का भाग्य आप का साथ देगा या नहीं , कही आप अपना कीमती समय बस यूँ ही मौज मस्ती में गुजार रहे है, आपको बहुत ज्यादा सफलता क्यों नही मिलती या कब मिलेगी ?….?

10- व्यापर करे तो कौन सा करें , पिता से कितना सहयोग मिलेगा , पैत्रिक सम्पति मिलेगी या नहीं ,..

11- जीवन में लाभ होगा या नहीं और होगा भी तो कब होगा और कैसे या हमारे बड़े भाई – बहन या सगे सम्बन्धी साथ देगे या नहीं , ..?

12 भाव हमें हानी के बारे में बताता है जैसे किस कार्य को करे जिससे हमें हानी न हो या कही आपका बिज़नस पार्टनर ही आप को नुकसान न पहुंचा दे , या जिसे आप अपना समझते है वो सिर्फ आप की दौलत से प्यार करते है …..

घर बैठे जन्मपत्रिका बनवाए और अपने जीवन में जो अशुभ घटनाये घटने वाली है उनका समय रहते उपाय करे-लाल किताब के सरल और प्रभावकारी उपाय के साथ 10 चमत्कारिक उपाय जिसे अपनाकर आप अपने साथ पुरे परिवार को लाभ पंहुचा सकते है

जन्मपत्रिका बनवाने का शुल्क @501, @1100, @2100

जन्मकुंडली बनवाने या दिखाने के लिए परामर्श शुल्क @501, @1100, @2100 जमा करवाकर आप हमें अपना पूरा नाम, पता , जन्म की तारीख , समय और जन्म स्थान जिला सहित व्हाट्सप्प कर सकते है।
ऑनलाइन या व्हाट्सप्प पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते है

भारतीय ज्योतिष वास्तु, तंत्र-मंत्र यन्त्र आदि के विषयों में अगर आप रूचि रखते है तो जरुर अपना ज्ञान सभी लोगों के सामने रखे, और मानव कल्याण करने में बिना किसी जाती धर्मं के बिना निःस्वार्थ भाव से हमसे जुड़े....

पंडित के एन पाण्डेय (कौशल)
ज्योतिष,वास्तु व राशि रत्न विशेषज्ञ
राष्ट्रीय अध्यक्ष
श्री राम हर्षण शांति कुञ्ज, भारत
Astrology, Lal Kitab, Vastu Shastra Advisor
NO Free Service (Per Kundali Fees Rs.1100)
Our Social cause To Feed, Save & Treat Street Cows & NGO Work,
https://www.astrokaushal.com

भारत के प्रधान सेवक श्रीमान नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें।आपके नेतृत्व में राष्ट्र आत्मन...
17/09/2026

भारत के प्रधान सेवक श्रीमान नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनायें।
आपके नेतृत्व में राष्ट्र आत्मनिर्भरता, विकास और विश्व पटल पर गौरव के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
आपके जीवन की प्रत्येक घड़ी राष्ट्र और जनकल्याण को समर्पित है।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और निरंतर ऊर्जा प्रदान करें।

पंडित कौशल पाण्डेय
अध्यक्ष
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल,भारत

12/09/2026

🚩 **जय श्री राम** 🚩

सभी सनातनी भाई-बहनों से विनम्र निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में **राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल** संगठन से जुड़कर सनातन धर्म को सशक्त बनाने में अपना सहयोग दें।
याद रखिए, **एकता में ही शक्ति है।** आज हिन्दू समाज अनेक स्तरों पर बिखरा हुआ दिखाई देता है। जब समाज एक मंच पर संगठित होकर अपनी बात रखता है, तब उसकी आवाज़ अधिक प्रभावी ढंग से सुनी जाती है।
आइए, हम सब एक साथ मिलकर सनातन धर्म के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करें और संगठन से जुड़कर समाज के हित में अपनी सहभागिता निभाएँ।

**पंडित कौशल पाण्डेय**
**संरक्षक एवं अध्यक्ष**
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल

#राष्ट्रीय_हिन्दू_रक्षा_दल


🌐 **[www.rashtriyahindurakshadal.org]
(http://www.rashtriyahindurakshadal.org)**

श्राद्ध 2026  :- पंडित कौशल पाण्डेय भाद्रपद (भादों मास) की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन मास की अमावस्या तक कुल सोलह त...
11/09/2026

श्राद्ध 2026 :- पंडित कौशल पाण्डेय
भाद्रपद (भादों मास) की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर आश्विन मास की अमावस्या तक कुल सोलह तिथियां श्राद्ध पक्ष की होती है। इस पक्ष में सूर्य कन्या राशि में होता है। इसीलिए इस पक्ष को कन्यागत अथवा कनागत भी कहा जाात है। श्राद्ध का ज्योतिषीय महत्त्व की अपेक्षा धार्मिक महत्व अधिक है क्योंकि यह हमारी धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। पितृलोक के स्वामी अर्यमा सभी मृत (आत्मा) प्राणियों को अपने-अपने स्थान पर श्राद्ध का अवसर प्रदान करते हैं।
आश्विन कृष्ण पक्ष में जब सूर्य कन्या राशि पर गोचर कर रहा हो, तब पितरों के निमित्त श्रद्धापूर्वक किया गया दान, तर्पण, भोजन पिण्ड आदि उन्हें मिलता है।
जिस तिथि में जिस पूर्वज का स्वर्गवास हुआ हो उसी तिथि को उनका श्राद्ध किया जाता है जिनकी परलोक गमन तिथि ज्ञान न हो, उन सबका श्राद्ध अमावस्या को किया जाता है।
पितृ पक्ष 2026 श्राद्ध की तिथियां
26 सितंबर 2026शनिवार पूर्णिमा श्राद्ध
27 सितंबर 2026रविवार प्रतिपदा श्राद्ध
28 सितंबर 2026सोमवार द्वितीया श्राद्ध
29 सितंबर 2026मंगलवार तृतीया श्राद्ध एवं महाभरणी श्राद्ध
30 सितंबर 2026बुधवार चतुर्थी एवं पंचमी श्राद्ध
1 अक्टूबर 2026गुरुवार षष्ठी श्राद्ध
2 अक्टूबर 2026शुक्रवार सप्तमी श्राद्ध
3 अक्टूबर 2026शनिवारअष्टमी श्राद्ध
4 अक्टूबर 2026रविवारनवमी श्राद्ध
5 अक्टूबर 2026सोमवार दशमी श्राद्ध
6 अक्टूबर 2026मंगलवार एकादशी श्राद्ध
7 अक्टूबर 2026बुधवार द्वादशी श्राद्ध (मघा श्राद्ध सहित)
8 अक्टूबर 2026गुरुवार त्रयोदशी श्राद्ध
9 अक्टूबर 2026शुक्रवार चतुर्दशी श्राद्ध
10 अक्टूबर 2026शनिवारसर्वपितृ अमावस्या / पितृ पक्ष समापन
पितृ पक्ष का अन्तिम दिन सर्वपित्रू अमावस्या या महालय अमावस्या के नाम से जाना जाता है। पितृ पक्ष में महालय अमावस्या सबसे मुख्य दिन होता है।
पुराण और स्मृतिग्रंथों के अनुसार श्राद्ध कौन कर सकता है :-
किसी भी मृतक के ‘अन्तिम संस्कार’ और श्राद्धकर्म की व्यवस्था के लिए प्राचीन वैदिक ग्रन्थ ‘गरुड़पुराण’ में कौन-कौन से सदस्य पुत्र के नहीं होने पर श्राद्ध कर सकते है, उसका उल्लेख अध्याय ग्यारह के श्लोक सख्या- 11, 12, 13 और 14 में विस्तार से किया गया है, जैसे-
पुत्राभावे वधु कूर्यात ..भार्याभावे च सोदनः।
शिष्यो वा ब्राह्मणः सपिण्डो वा समाचरेत॥
ज्येष्ठस्य वा कनिष्ठस्य भ्रातृःपुत्रश्चः पौत्रके।
श्राध्यामात्रदिकम कार्य पु.त्रहीनेत खगः॥
अर्थात “ज्येष्ठ पुत्र या कनिष्ठ पुत्र के अभाव में बहू, पत्नी को श्राद्ध करने का अधिकार है। इसमें ज्येष्ठ पुत्री या एकमात्र पुत्री भी शामिल है। अगर पत्नी भी जीवित न हो तो सगा भाई अथवा भतीजा, भानजा, नाती, पोता आदि कोई भी यह कर सकता है। इन सबके अभाव में शिष्य, मित्र, कोई भी रिश्तेदार अथवा कुल पुरोहित मृतक का श्राद्ध कर सकता है। इस प्रकार परिवार के पुरुष सदस्य के अभाव में कोई भी महिला सदस्य व्रत लेकर पितरों का श्राद्ध व तर्पण और तिलांजली देकर मोक्ष कामना कर सकती है।
अन्य महत्त्वपूर्ण तथ्य :-
जिन व्यक्तियों की सामान्य मृत्यु चतुर्दशी तिथि को हुई हो, उनका श्राद्ध केवल पितृ पक्ष की त्रयोदशी अथवा अमावस्या को किया जाता है। जिन व्यक्तियों की अकाल-मृत्यु (दुर्घटना, सर्पदंश, हत्या, आत्महत्या आदि) हुई हो, उनका श्राद्ध केवल चतुर्दशी तिथि को ही किया जाता है। सुहागिन स्त्रियों का श्राद्ध केवल नवमी को ही किया जाता है।
नवमी तिथि माता के श्राद्ध के लिए भी उत्तम है।
संन्यासी पितृगणों का श्राद्ध केवल द्वादशी को किया जाता है।
पूर्णिमा को मृत्यु प्राप्त व्यक्ति का श्राद्ध केवल भाद्रपद शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा अथवा आश्विन में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को किया जाता है।
नाना-नानी का श्राद्ध केवल आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को किया जाता है।
पितरों के श्राद्ध के लिए ‘गया’ को सर्वोत्तम माना गया है, इसे “तीर्थों का प्राण” तथा “पाँचवा धाम” भी कहते है।
माता के श्राद्ध के लिए काठियावाड़ में ‘सिद्धपुर’ को अत्यन्त फलदायक माना गया है। इस स्थान को ‘मातृगया’ के नाम से भी जाना जाता है।
गया में पिता का श्राद्ध करने से पितृऋण से तथा सिद्धपुर में माता का श्राद्ध करने से मातृऋण से सदा-सर्वदा के लिए मुक्ति प्राप्त होती है।
श्राद्ध में आमंत्रित ब्राह्मण के पैर धोकर आदर सहित आसन पर बैठाना चाहिए तथा तर्जनी से चंदन-तिलक लगाना चाहिए। श्राद्धकर्म में अधिक से अधिक तीन ब्राह्मण पर्याप्त माने गये हैं।
श्राद्ध के लिए बने पकवान तैयार होने पर एक थाली में पाँच जगह थोड़े-थोड़े सभी पकवान परोसकर हाथ में जल, अक्षत, पुष्प, चन्दन, तिल ले कर पंचबलि (गाय, कुत्ता, कौआ, देवता, पिपीलिका) के लिए संकल्प करना चाहिए।
पंचबलि निकालकर कौआ के निमित्त निकाला गया अन्न कौआ को, कुत्ते का अन्न कुत्ते को तथा अन्य सभी अन्न गाय को देना चाहिए। तत्पश्चात् ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।
ब्राह्मण भोजन के पश्चात उन्हें अन्न, वस्त्र, ताम्बूल (पान का बीड़ा) एवं दक्षिणा आदि देकर तिलक कर चरणस्पर्श करना चाहिए। ब्राह्मणों के प्रस्थान उपरान्त परिवार सहित स्वयं भी भोजन करना चाहिए।
श्राद्ध के लिए शालीन, श्रेष्ठ गुणों से युक्त, शास्त्रों के ज्ञाता तथा तीन पीढि़यों से विख्यात ब्राह्मण का ही चयन करना चाहिए। योग्य ब्राह्मण के अभाव में भानजे, दौहित्र, दामाद, नाना, मामा, साले आदि को आमंत्रित किया जा सकता है।
श्राद्ध के लिए आमंत्रित ब्राह्मण की जगह किसी अन्य को नहीं खिलाना चाहिए। श्राद्धभोक्ता को भी प्रथम निमंत्रण को त्यागकर किसी अन्य जगह नहीं जाना चाहिए। भोजन करते समय ब्राह्मण को मौन धारण कर भोजन करना चाहिए तथा हाथ के संकेत द्वारा अपनी इच्छा व्यक्त करनी चाहिए।
विकलांग अथवा अधिक अंगों वाला ब्राह्मण श्राद्ध के लिए वर्जित है। श्राद्धकर्ता को सम्पूर्ण पितृ पक्ष में दातौन करना, पान खाना, तेल लगाना, औषध-सेवन, क्षौरकर्म (मुण्ड़न एवं हजामत) मैथुन-क्रिया (स्त्री-प्रसंग), पराये का अन्न खाना, यात्रा करना, क्रोध करना एवं श्राद्धकर्म में शीघ्रता वर्जित है। माना जाता है कि पितृ पक्ष में मैथुन (रति-क्रीड़ा) करने से पितरों को वीर्यपान करना पड़ता है।
श्राद्धकर्ता को प्रतिदिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए स्नान के बाद तर्पण करना चाहिए। श्राद्धकर्म में दौहित्र (पुत्री का पुत्र), कुतप (मध्यान्हः का समय), काले तिल एवं कुश अत्यन्त पवित्र माने गये है। संध्या और रात्रि के समय श्राद्ध नहीं करना चाहिए, किंतु ग्रहण काल में रात्रि को भी श्राद्ध किया जा सकता है। गया, गंगा, प्रयाग, कुरुक्षेत्र तथा अन्य प्रमुख तीर्थों में श्राद्ध करने से पितर सर्वदा सन्तुष्ट रहते हैं। श्राद्धकर्म में श्रद्धा, शुद्धता, स्वच्छता एवं पवित्रता पर विशेष ध्यान देना चाहिए, इनके अभाव में श्राद्ध निष्फल हो जाता है। श्राद्धकर्म से पितरों को शांति एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है तथा प्रसन्न एवं तृप्त पितरों के आर्शीवाद से हमें सुख, समृद्धि, सौभाग्य, आरोग्य तथा आनन्द की प्राप्ति होती है
ध्यान रखने योग्य तथ्य :-
श्राद्धकर्म में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है, जैसे-
श्राद्ध के दिन पवित्र भाव से पितरों के लिए भोजन बनवाएँ और श्राद्ध कर्म सम्पन्न करें।
मध्याह्न में कुश के आसन पर स्वयं बैठें और ब्राह्मण को भी बिठाएँ। एक थाली में गाय, कुत्ता और कौवे के लिए भोजन रखें। दूसरी थाली में पितरों के लिये भोजन रखें। इन दोनों थाली में भोजन समान ही रहेगा। सबसे पहले एक-एक करके गौ, कुत्ता और कौवे के लिए अंशदान करें और उसके बाद अपने पितरों का
स्मरण करते हुए निम्न मंत्र का तीन बार जाप करें-
“ॐ देवाभ्य: पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च।
नम: स्वधायै स्वाहायै नित्यमेव भवन्तु ते।।”
यदि उक्त विधि को करना किसी के लिए संभव न हो, तब वह जल को पात्र में काले तिल डालकर दक्षिण दिशा की ओर मुँह करके तर्पण कर सकता है।
यदि घर में कोई भोजन बनाने वाला न हो, तो फल और मिष्ठान आदि का दान कर सकते हैं.
पंडित कौशल पाण्डेय
(ज्योतिष सलाहकार)
अध्यक्ष
राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल (भारत)
#श्राद्ध2026
#पितृ_पक्ष_2026


#राष्ट्रीयहिन्दूरक्षादल

🏵️🏵️रक्षा-बन्धन के पावन- पर्व की  हार्दिक शुभकामनायें🏵️🏵️रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्न...
28/08/2026

🏵️🏵️रक्षा-बन्धन के पावन- पर्व की हार्दिक शुभकामनायें🏵️🏵️
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह के इस पवित्र बंधन को नमन।
यह पावन पर्व आपके जीवन में खुशियां, प्रेम और समृद्धि लेकर आए।

राखी केवल एक धागा नहीं,यह अपने भीतर के संस्कारों को जागृत करने का अवसर है।

रक्षा का अर्थ केवल किसी को संकट से बचाना नहीं,
बल्कि उसके जीवन में विश्वास बनकर खड़े रहना भी है।

कभी भाई बहन की रक्षा करता है,तो कभी बहन की एक प्रार्थना भाई को भीतर से संभाल लेती है।

शायद इसलिए राखी का धागा इतना पवित्र है—
यह अधिकार नहीं, अपनापन सिखाता है।

आप सभी को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ।

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं! ❤️
पंडित कौशल पाण्डेय
अध्यक्ष :- राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल,भारत

🎀 रक्षाबंधन 2026रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह के इस पवित्र बंधन को नमन। यह पावन पर्व...
27/08/2026

🎀 रक्षाबंधन 2026
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह के इस पवित्र बंधन को नमन।
यह पावन पर्व आपके जीवन में खुशियां, प्रेम और समृद्धि लेकर आए। रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं! ❤️🙏

जानिए राखी बाँधने का शुभ मुहूर्त
कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर तरह-तरह की जानकारियाँ और अफवाहें तेजी से फैलती हैं। ऐसे में कई बार त्योहारों को लेकर भ्रम की स्थिति बन जाती है। हमारा संदेश यही है कि रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व को प्रेम, विश्वास और प्रसन्नता के साथ मनाएँ। ईश्वर ने हमें मानव जीवन दिया है, इसका सदुपयोग करें और भाई-बहन के अटूट रिश्ते को और मजबूत बनाएँ। 🙏

रक्षाबंधन कब है?
श्रावण पूर्णिमा, शुक्रवार — 28 अगस्त 2026
क्या रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण का साया रहेगा?
नहीं। 28 अगस्त 2026 को पूरे भारत में चंद्र ग्रहण का प्रभाव नहीं रहेगा और सूतक भी मान्य नहीं होगा।

क्या भद्रा में राखी नहीं बाँधनी चाहिए?
इस वर्ष भद्राकाल 27 अगस्त 2026 को रहेगा। इसलिए 28 अगस्त 2026 को पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा सकता है।
राहुकाल : प्रातः 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक, इस अवधि में शुभ कार्यों से बचना उचित माना गया है।

राखी बाँधने के शुभ मुहूर्त
प्रातः: 5:45 बजे से 9:45 बजे तक
दोपहर: 1:40 बजे से 4:15 बजे तक
सायंकाल: 6:30 बजे से रात्रि 9:15 बजे तक
पंडित कौशल पाण्डेय ज्योतिष व राशि रत्न सलाहकार 🌺

https://www.instagram.com/p/DciZjDuvmny/
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#रक्षाबंधन2026
#राखी
#रक्षाबंधनकाशुभमुहूर्त

प्रकृति के प्रति श्रद्धा, सह-अस्तित्व और शिवत्व का संदेश देने वाले पावन पर्व 'नाग पंचमी' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।...
17/08/2026

प्रकृति के प्रति श्रद्धा, सह-अस्तित्व और शिवत्व का संदेश देने वाले पावन पर्व 'नाग पंचमी' की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
आज के इस पुण्य अवसर पर भगवान भोलेनाथ से प्रार्थना है कि उनकी कृपा से प्रत्येक घर-आंगन आनंद, शांति और खुशहाली से आलोकित रहे।
#नागपंचमी

🇮🇳 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳आप सभी भारतवासियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ।यह स्वतंत्रत...
15/08/2026

🇮🇳 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🇮🇳

आप सभी भारतवासियों को स्वतंत्रता दिवस की ढेरों शुभकामनाएँ।
यह स्वतंत्रता उन असंख्य वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्र एवं स्वाभिमानी बनाने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

इस पावन अवसर पर उन सभी अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन। 🙏

आइए, हम सब मिलकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लें।

भारत माता की जय! 🇮🇳

11/08/2026
 # # # 🕊️ समस्त मानव समाज की रक्षा के लिए जनहित संदेश⚠️ सावधान रहें — सुरक्षित रहें ⚠️स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन के आ...
11/08/2026

# # # 🕊️ समस्त मानव समाज की रक्षा के लिए जनहित संदेश
⚠️ सावधान रहें — सुरक्षित रहें ⚠️

स्वतंत्रता दिवस एवं रक्षाबंधन के आसपास पतंगबाजी बढ़ने के कारण **चीनी मांझे एवं अन्य धारदार मांझे से आम नागरिकों, राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को गंभीर खतरा हो सकता है।**

🙏 **समस्त मानव समाज से विनम्र अपील है—**

* 🚫 **चीनी मांझे का प्रयोग न करें और न ही किसी को करने दें।**
* 🪖 दोपहिया वाहन चलाते समय **हेलमेट एवं गर्दन की उचित सुरक्षा** रखें।
* 🏍️ वाहन **नियंत्रित गति** से चलाएं और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें।
* 👀 रास्ते में दिखाई देने वाले मांझे से दूरी बनाए रखें और बच्चों को भी जागरूक करें।
* 🐦 पक्षियों एवं पशुओं की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
* 📢 खतरनाक मांझे की बिक्री या उपयोग की जानकारी मिलने पर **स्थानीय प्रशासन/पुलिस को सूचित करें।**

# # # ❤️ एक छोटी-सी सावधानी, किसी की पूरी जिंदगी बचा सकती है।

**“मानव जीवन अनमोल है — अपनी सुरक्षा के साथ दूसरों की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है।”**

🙏 **जागरूक बनें • सुरक्षित चलें • मानव जीवन की रक्षा करें**

**पंडित कौशल पाण्डेय**
**राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल, भारत**

🔱🚩 **हर हर महादेव** 🚩🔱🌺 **समस्त सनातनी समाज को पावन सावन शिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।** 🌺भगवान **भोल...
11/08/2026

🔱🚩 **हर हर महादेव** 🚩🔱
🌺 **समस्त सनातनी समाज को पावन सावन शिवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।** 🌺
भगवान **भोलेनाथ** की कृपा से आप सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं आरोग्य का वास हो।
महादेव सभी भक्तों की मनोकामनाएँ पूर्ण करें और समस्त मानव समाज पर अपनी कृपा बनाए रखें। 🙏

🕉️ **ॐ नमः शिवाय** 🕉️
🔱 **हर हर महादेव** 🔱

**पंडित कौशल पाण्डेय**
*ज्योतिष सलाहकार एवं महंत*
🚩 **राष्ट्रीय हिन्दू रक्षा दल, भारत** 🚩
#ॐनमःशिवाय
#हरहरमहादेव

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Shri Shiv Shakti Mandir C-8 Yamuna Vihar Delhi/53
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