Sardar Vallabhbhai Patel Foundation - SVPFIndia

Sardar Vallabhbhai Patel Foundation - SVPFIndia Non profit Organisation

20/08/2026

& के शासनकाल में हम संन्यासियों का शोषण किया जा रहा हैं, सहायता करना तों दूर की बात हैं वल्कि मेरा सब कुछ लूट लिया गया गया, क्या यही हिन्दूत्वाद का मूलभूत सिद्धांत हैं⁉️
#श्रीश्री1008
ब्रह्मर्षि स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
[email protected]
Mobile 9540666000

 #मक्का_में_शिवालय‼️मक्का में मकेश्वर शिव स्थित हैं, जिसकी स्थापना स्वयं सुपनखा द्वारा दैत्यगुरु शुक्राचार्य के दिशा निर...
19/08/2026

#मक्का_में_शिवालय‼️
मक्का में मकेश्वर शिव स्थित हैं, जिसकी स्थापना स्वयं सुपनखा द्वारा दैत्यगुरु शुक्राचार्य के दिशा निर्देश पर की गयी थीं‼️
#श्रीश्री1008 ब्रह्मर्षि स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
[email protected]
Mobile 9540666000

तुम और तुम्हारा अस्तित्व⁉️सुन्दर चर्म वस्त्र नहीं वल्कि आत्मा हैं, जोकि स्वयं कण-कण में व्याप्त हैं, उसे ही शिव कहते हैं...
19/08/2026

तुम और तुम्हारा अस्तित्व⁉️
सुन्दर चर्म वस्त्र नहीं वल्कि आत्मा हैं, जोकि स्वयं कण-कण में व्याप्त हैं, उसे ही शिव कहते हैं, लेकिन शिव से उर्जा शक्ति स्वरूप छोटी इ की मात्रा हटा देने पर शिव शव रुप में परिवर्तित हो जाता हैं, फिर उस शिव स्वरूप शव को घर से निकाल कर बाहर कर देते हैं... क्या यहीं तुम्हारा अस्तित्व हैं, जबकि सब कुछ तुम्हारे द्वारा एकत्रित किया गया हैं‼️
अपने अहंकार का परित्याग करें और सबके प्रति एकात्म मानव-वाद का व्यवहार करें, तुम्हारा कल्याण एवं होंगा‼️
#श्रीहरिशरणम्
#दिव्यदृष्टा_श्रीश्री1008
ब्रह्मऋषि स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
[email protected]
Mobile 9540666000

 ‼️ब्राह्मण कोई जाति नहीं बल्कि एक कर्म हैं और हम सभी जन्म से शूद्र: हैं, फिर आपस में भेद-भाव क्यों...⁉️क्या इसका कोई जव...
18/08/2026

‼️
ब्राह्मण कोई जाति नहीं बल्कि एक कर्म हैं और हम सभी जन्म से शूद्र: हैं, फिर आपस में भेद-भाव क्यों...⁉️
क्या इसका कोई जवाब हमारे प्रिय प्रधानमंत्री सर्वश्री ji याफ़िर उनके किसी मंत्रीमंडल के सहयोगी के पास हैं⁉️

श्रीश्री1008 Brahmrishi Swami Ramanand Sarswati ji Maharaj
(अन्न-परित्याग 78 बर्षिय संन्यासी)
[email protected]

स्वयं में स्वयं की खोज‼️ईश्वर कोई मूर्ति नहीं... वल्कि हमारी जीवात्मा ही पूर्ण ब्रह्म स्वरूप हैं, जोकि कण-कण में व्याप्त...
18/08/2026

स्वयं में स्वयं की खोज‼️
ईश्वर कोई मूर्ति नहीं... वल्कि हमारी जीवात्मा ही पूर्ण ब्रह्म स्वरूप हैं, जोकि कण-कण में व्याप्त अर्थार्त विद्यमान हैं, जिसे तीसरे नेत्र द्वारा देखा व अनुभव किया जा सकता हैं, लेकिन गुरु दीक्षा द्वारा, लेकिन जिसकी प्रथा और व्यवस्था का समापन देश में सरकार आने के बाद से शनैं-शनैं समाप्त होती जा रहीं हैं याफिर समाप्त सी हो गई हैं और #आश्रमों पर आताताइयो का कब्जा हो गया हैं और अब वो भारत भारत नहीं रह गया हैं,जिसका मूल कारण अ-व्यवस्था हैं, क्योंकि मौजूदा हम संन्यासियों की शस्त्रु हैं, जिसके कारण #यज्ञहवन सब प्रतिबंधित हो गयें, जिसका मूल कारण अ-व्यवस्था ही कहा जायेगा और सरकारी-तन्त्र द्वारा अनुदान न मिलना‼️
#श्रीश्री1008 ब्रह्मऋषि स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
[email protected]
Mobile 9540666000

 #शिक्षा_व्यवस्था - दोहरा मापदंड क्यों⁉️शिक्षा व्यवस्था में -   #इस्लामिको के लिए  #क़ुरान जायज़  #लेकिन... हिन्दूओं के ...
16/08/2026

#शिक्षा_व्यवस्था - दोहरा मापदंड क्यों⁉️
शिक्षा व्यवस्था में - #इस्लामिको के लिए #क़ुरान जायज़ #लेकिन... हिन्दूओं के लिये #श्रीमद्भागवत गीता और #तुलसीदासकृत श्रीराम की #रामायण प्रतिबंधित क्यों⁉️
क्या इसका कोई-भी जबाब सरकार के पास हैं⁉️
#यदि मैं स्वयं देश का #प्रधानमंत्री होता तों विलम्ब नही करता वल्कि सत्ता में आते ही #अपने धर्मग्रंथों को लागू कर देता‼️🚩

अहम् ब्रह्मास्मि🙏🚩
धर्म की जय हो। अधर्म का नाश हो।
प्राणियों में सद्भावना हों। विश्व का कल्याण हो।।
#श्रीश्री1008 ब्रह्मर्षि स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
[email protected]

#फोटोग्राफ ब्रह्मलीन गुरुदेव भगवान् #स्वामी नारदानंद सरस्वती जी महाराज नैमिष व्यास पीठाधीश्वर - नैमिशारण, ज़िला सीतापुर (उत्तर प्रदेश)

08/08/2026

#दर्द_ए_दास्तां⁉️
जिनकी आस्था खत्म हो गई याफिर मर गई वो हिन्दू नहीं, ऐसा मेरा मत हैं लेकिन आज़ की युवा पीढ़ी आपने वयोवृद्ध माता पिता को छोड़कर चलें जाते हैं, फिर भी मां का दिल उनके लिए धड़कता हैं लेकिन कुछ स्वार्थी और मतलबी मां एवं संतानों का दिल उनके लिए नहीं धड़कता हैं, माता-पिता अपनी जमापूंजी लूटा देते, जोकि मेहनत मजदूरी करके कमाई गई थीं, लेकिन #सरकार भी इस मुद्दे पर गंभीर नहीं हैं... क्योंकि राजनैतिज्ञ के पास कोई दिल नहीं होता हैं... वो क्या जाने पीर पराई⁉️

07/08/2026

#ब्रह्माण_कौन⁉️
ब्रह्माण कोई जाति नहीं वल्कि कर्म हैं और ठीक उसी प्रकार से क्षत्रिय और वैश्य आदि हैं, लेकिन मैं माताश्री के गर्भगृह से जन्म लेने के कारण शुद्र हूं लेकिन जीवात्मा स्वरुप ब्रह्म अर्थात् ईश्वरीय अंश के रुप में शिव और शिव से ऊर्जा स्वरुप शिव से छोटी इ की मात्रा हटा देने पर मेरा अस्तित्व शिव से शव रुप में परिवर्तित हो जायेंगा, फिर हमारा याफिर तुम्हारा क्या अस्तित्व रह जायेंगा... जिस पर चिन्तन मनन करें🙏
तुम्हारा कल्याण हो, यहीं मेरा संकल्प हैं‼️
मैं ऋषि परम्परा अनुसार अन्न परित्याग संन्यासी के रुप में ईश्वरीय अंश स्वरुप ब्रह्मऋषि के पद से विभूषित अन्न परित्याग संन्यासी हूं,सबके मंगल और कल्याण की कामना करता हूं‼️
#श्रीश्री1008 ब्रह्मर्षि #स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
(अन्न परित्याग 78 बर्षिय संन्यासी)
[email protected]
Mobile 9540666000
#नोट: ब्रह्मऋषि मेरी पदवी हैं, कोई नाम नहीं हैं🙏

 #आत्मदर्शन शिव कोई कायारुपी चर्मवस्त्र नही वल्कि वो एक जीवात्मा हैं, जोकि जन्म और मृत्यु से परे हैं। भोग-विलास में रति ...
01/08/2026

#आत्मदर्शन
शिव कोई कायारुपी चर्मवस्त्र नही वल्कि वो एक जीवात्मा हैं, जोकि जन्म और मृत्यु से परे हैं। भोग-विलास में रति रहने वाले स्वयं के वास्तविक स्वरूप से अनभिज्ञ हैं, इसीलिए वो नाना प्रकार की यातनाओं को भोगते हुए, स्वयं के वास्तविक स्वरूप से दूर हैं‼️
अपने वास्तविक स्वरूप को जानने और उसकी अनुभूति को प्राप्त करने के लिये गुरुदीक्षा का पौराणिक काल से सिद्धान्त रहा हैं - जो खोजा ते पाईया गहरे पानी पैठ‼️
तुम्हारा गुरु कोई भी हो सकता हैं, लेकिन यह तुम्हारे अपने विश्वास पर निर्भर करता हैं और समय से पूर्व नहीं कुछ-भी सम्भव नही हैं‼️
#अहं_ब्रह्मास्मि

#दिव्यदृष्टा_श्रीश्री1008
ब्रह्मर्षि #स्वामी रामानन्द सरस्वती जी महाराज
address
[email protected]
+91- 9540666000

 #आत्मबोध अर्थात  #आत्मज्ञानसमस्त जीव-जंतु पशु-पक्षि मानव आदि हम सभी एक ही ब्रह्म की साधना उपासना विपासना आदि करते हैं, ...
31/07/2026

#आत्मबोध अर्थात #आत्मज्ञान
समस्त जीव-जंतु पशु-पक्षि मानव आदि हम सभी एक ही ब्रह्म की साधना उपासना विपासना आदि करते हैं, फिर एक-दूसरे के साथ युद्ध क्यों करते हैं और घृणा का भाव क्यों रखते हैं‼️
यदि कोई अन्तर हैं, तो वो अलग-अलग भाषाओं का हैं और एक-दूसरे के खान-पान पर आधारित हैं और भाषाओं पर आधारित पर विष्लेषण करने की क्षमता एक-दूसरे में नहीं हैं... यही युद्ध और द्वंद्व का मूलभूत कारण हैं‼️
संन्यासी पीर फकीर मौलाना - इन सबका लक्ष्य याफिर उद्देश्य एक-ही हैं, लेकिन सब के सब भटके हुए पशु तुल्य हैं, यह सभी एक अवोध वालक की भांति अपने वास्तविक स्वरूप से भटके हैं, इन्होंने स्वयं में स्वयं की खोज नहीं की... जिसके लिए जरूरी हैं #गुरुदीक्षा और #गुरु के प्रति #समर्पण का भाव‼️
मैं उसे ही अपना शिष्य बनाऊंगा जिसमे त्याग और समर्पण का भाव मौजूद होंगा‼️
#श्रीहरिशरणम्
शिष्य #ब्रह्मलीन स्वामी नारदानंद सरस्वती जी महाराज, नैमिष व्यास पीठाधीश्वर, नैमिषारणय, ज़िला सीतापुर - उत्तर प्रदेश।
#राजधानी लखनऊ
दिव्यदृष्टा_श्रीश्री1008
Brahmrishi Swami Ramanand Sarswati ji Maharaj
[email protected]
(अन्न परित्याग 78-79 वर्षिय संन्यासी)
Mobile +91- 9540666000

Address

Whatsop No. +91/7428402909
Delhi
110019

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Sardar Vallabhbhai Patel Foundation - SVPFIndia posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Sardar Vallabhbhai Patel Foundation - SVPFIndia:

Shortcuts

Share