22/08/2026
DDU University News Gorakhpur:
शराब के बढ़ते गैर-जिम्मेदाराना सेवन और सड़क सुरक्षा को लेकर युवा जागरूकता अभियान
गोरखपुर, 21 अगस्त 2026। कंज्यूमर वॉयस एवं कंज्यूमर गिल्ड के सहयोग से फैकल्टी ऑफ लॉ, दीन दयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर द्वारा 21 अगस्त 2026 को शराब के बढ़ते गैर-जिम्मेदाराना सेवन की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा को लेकर युवा जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दीन दयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. चंद्रशेखर, डीन एवं विभागाध्यक्ष, फैकल्टी ऑफ लॉ, दीन दयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय ने की। उन्होंने कहा कि शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों का गैर-जिम्मेदाराना सेवन युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व, कानूनी जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रो. अनुभूति दुबे, डीन, छात्र कल्याण एवं विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान की वरिष्ठ प्रोफेसर, ने नशे के मानसिक एवं व्यवहारिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को तनाव से निपटने के लिए खेल, योग, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक सामाजिक सहभागिता अपनाने की सलाह दी।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज कुमार राय, गोरखपुर ने सड़क सुरक्षा पर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि शराब के प्रभाव में वाहन चलाने से निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिक्रिया समय और वाहन पर नियंत्रण प्रभावित होता है, जिससे दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि नशे की स्थिति में स्वयं वाहन न चलाएं और किसी ऐसे व्यक्ति को भी वाहन न चलाने दें जिसने शराब का सेवन किया हो।
अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव, कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ ने शराब पीकर वाहन चलाने के कानूनी एवं व्यावहारिक जोखिमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नशे में वाहन चलाना केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क पर अन्य लोगों के जीवन को गंभीर खतरे में डालने वाला कृत्य है। उन्होंने दुर्घटना की स्थिति में संभावित आपराधिक दायित्व, मुआवजे और अन्य कानूनी परिणामों के बारे में भी युवाओं को जानकारी दी।
अधिवक्ता अमजद सिद्दीकी ने भी अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए युवाओं से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, नशे से दूर रहने तथा सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का आह्वान किया।
सिद्धार्थ दयाल ने युवाओं के बीच जिम्मेदार व्यवहार, उपभोक्ता जागरूकता और सड़क सुरक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे तथा शराब के गैर-जिम्मेदाराना सेवन से होने वाले सामाजिक प्रभावों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
नीलांजना बोस, कंज्यूमर वॉयस ने कहा, “रिस्पॉन्सिबल ड्रिंकिंग का अर्थ केवल शराब की मात्रा को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि अपने स्वास्थ्य, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी को समझना है। खासकर युवाओं को यह निर्णय लेना होगा कि शराब उनके जीवन, स्वास्थ्य या सड़क सुरक्षा के लिए जोखिम का कारण न बने।” उन्होंने कहा कि जिम्मेदार व्यवहार और सही जानकारी के माध्यम से शराब के गैर-जिम्मेदाराना सेवन से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम में शराब के सेवन से होने वाले स्वास्थ्य, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी प्रभावों के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, नशे की स्थिति में वाहन न चलाने तथा सड़क पर दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखने के लिए जागरूक किया गया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में प्रति व्यक्ति शराब की खपत वर्ष 2005 में 2.4 लीटर से बढ़कर 2023 में 4.9 लीटर हो गई है। इस बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों, जिम्मेदार व्यवहार और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. वंदना सिंह, सहायक प्रोफेसर, फैकल्टी ऑफ लॉ, दीन दयाल गोरखपुर विश्वविद्यालय रहीं। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ समाजसेवी ओम प्रकाश मिश्रा ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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Deen Dayal Upadhyay University Gorakhpur DDU U.P India Poonam Tandon