09/04/2025
*ए एस वी जे स्कूल*
19वीं सदी में दिल्ली पर मुगल वंश का शासन रहा और 1857 में हुई क्रांति को आज़ादी का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम माना गया और जिसके चलते दिल्ली शहर के अधिकांश भवनों पर उसका प्रभाव पड़ा और जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो चला।
उस काल की दिल्ली में आम जन द्वारा शिक्षा के महत्व को प्रायः अंगीकार नहीं किया जाता रहा।
दिल्ली शहर के नागरिकों के बीच शिक्षा के प्रति जागरूकता का भी अभाव रहा।
ऐसी विचित्र पीड़ादायक सामाजिक स्थिति में दूरदर्शी, जन-हितैषी एवं मानवतावादी प्रबुद्ध जन के एक प्रतिष्ठित छोटे से समूह ने दिल्ली की चारदीवारी में किशोर छात्रों के लिए एक विद्यालय खोलने का प्रण लिया।
लाला रोम्मीमल, रायसाहब लाला चुन्नामल, लाला रामकृष्ण दास, रायबहादुर लाला अम्बा प्रसाद, रायसाहब लाला ईश्वरी प्रसाद, रायबहादुर लाला श्यो प्रसाद, रायबहादुर धर्म सुधाकर और लाला वज़ीर सिंह, पुरानी दिल्ली के निवासी इन आठ संभ्रांत-जन ने संस्था का नाम "एंग्लो संस्कृत विद्यालय" रखा।
भारतीय संस्कृति के साथ-साथ समय की आवश्यकता, आंग्ल भाषा और तदनुसार उनके समन्वय के उद्देश्य को रखकर दिल्ली शहर में अपनी तरह के पहले स्कूल का शुभारंभ बसंत पंचमी के पावस दिवस, फरवरी 1869 में रायसाहब लाला चुन्नामल की चांदनी चौक के निकट कटरा नील में बनी हवेली में 3 अध्यापक और 62 छात्रों के साथ किया गया, जिसके हेड मास्टर, लाला रामजस राय बने।
सौ वर्षों से अधिक के समय में विद्यालय ने अपनी पहचान दिल्ली शहर में एक प्रतिष्ठित विद्यालय के रूप में अंकित की, जिस के कुछेक छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्ता का प्रदर्शन करके युगीन शिक्षा-मंदिर के गौरव को स्वर्णिम अक्षरों में स्थापित किया।
*ए एस वी जे स्कूल के चंद पूर्व दिग्गज छात्र-*
दिल्ली शहर में कन्याओं की शिक्षा के लिए स्थापित पहले स्कूल, इंद्रप्रस्थ हिन्दू गर्ल्स स्कूल और इंद्रप्रस्थ कॉलेज फॉर वूमन के प्रणेता, जुगल किशोर
कॉमर्शियल स्कूल, दरियागंज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स और लेडी श्रीराम कॉलेज के संस्थापक, श्रीराम
कार्ड पंचिंग सिस्टम तकनीक का शुभारंभ करने वाले और 2011 की जनगणना में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यवसायी, दीपक चिरिमार
हिन्दी सिने-जगत के प्रसिद्ध गायक, मुकेश
भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख सदस्य रहे, अनिल जैन
पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा जनक वैज्ञानिक, डॉ. अब्दुल क़ादिर
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के निदेशक, डॉ. पी. के. दवे
वरिष्ठ हृदय- रोग विशेषज्ञ, पद्मश्री के. के. अग्रवाल
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन रहे, डॉ. सी. के. खन्ना
प्रतिष्ठित प्रकाशन समूह, एस चांद एंड कंपनी के स्वामी, सुल्तान चंद
वरिष्ठ हिन्दी कवि, विष्णु प्रभाकर
दिल्ली सरकार में विधानसभा अध्यक्ष के पद पर आसीन रहे, चौधरी प्रेम सिंह
प्रसिद्ध शिक्षण संस्था, रामजस फाउंडेशन के सचिव, आत्मप्रकाश अग्रवाल
वरिष्ठ जन-नायक एवं पूर्व सांसद, जय प्रकाश अग्रवाल
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री रहे, डॉ. अशोक कुमार वालिया
दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं पूर्व सांसद रहे, डॉ. हर्षवर्धन
एन सी आर अंचल के प्रतिष्ठित अस्पताल समूह, कैलाश के संस्थापक सांसद, डॉ. महेश शर्मा@