30/09/2026
भाजपा सरकार की युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर जुटेंगे हजारों नौजवान-DYFI
2.0
नई दिल्ली, 30 सितंबर 2026
भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर सरकारी विभागों में लाखों रिक्त पदों को भरने बेरोजगारी भत्ते, रोजगार, शिक्षा, मजदूरी और आवास के सवालों को लेकर 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन और मार्च का आह्वान किया है। इसमें दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों नौजवान और छात्र शामिल होंगे।
DYFI दिल्ली राज्य अध्यक्ष मृत्युंजय पांडे और राज्य सचिव अमन सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां युवा विरोधी और रोजगार विरोधी हैं। सरकार GDP की 7.8% वृद्धि को अपनी उपलब्धि बता रही है, लेकिन युवाओं के लिए रोजगार का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8% रही। एक तरफ सरकार विकास के आंकड़ों का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी तरफ लाखों युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं और सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। युवाओं को रोजगार देने के बजाय भाजपा सरकार उन्हें असुरक्षित और कम अधिकारों वाले रोजगार की ओर धकेल रही है।
उन्होंने कहा कि चार लेबर कोड लागू कर सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों पर हमला किया है। केंद्र सरकार ने इन चारों कोड को 21 नवंबर 2025 से लागू किया है। DYFI इन्हें रद्द करने की मांग को लेकर संघर्ष तेज करेगी।
नेताओं ने कहा कि रोजगार कोई खैरात नहीं, युवाओं का अधिकार है। DYFI की मांग है कि सभी खाली सरकारी पद तत्काल भरे जाएं, युवाओं को ₹6,000 मासिक बेरोजगारी भत्ता, ₹42,000 न्यूनतम वेतन दिया जाए, चारों लेबर कोड रद्द किए जाएं और शिक्षा को आम युवाओं की पहुंच में रखा जाए। साथ ही “जहां झुग्गी, वहां मकान” की मांग को भी लागू किया जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले एक-दो महीनों से दिल्ली के विभिन्न इलाकों में बैठकों, जनसंपर्क, पर्चा वितरण और पोस्टर अभियान के माध्यम से 2 अक्टूबर के प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है।
मृत्युंजय पांडे और अमन सैनी ने कहा कि 2 अक्टूबर का प्रदर्शन सरकार को स्पष्ट संदेश देगा कि देश का नौजवान बेरोजगारी, महंगी शिक्षा और श्रमिक अधिकारों पर हमले को स्वीकार नहीं करेगा।