26/07/2026
प्रेस विज्ञप्ति • 25 जुलाई 2025
*धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा! छात्र-युवा आंदोलन की एक जीत*
आज, 25 जुलाई को, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में हुए कुप्रबंधन को लेकर देशभर में चल रहे व्यापक छात्र-युवा आंदोलन के बीच अपना इस्तीफा दे दिया। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) दिल्ली राज्य समिति इस इस्तीफे का स्वागत करती है और इसे सभी के लिए समावेशी, सुलभ और न्यायपूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में पहला कदम मानती है।
इस्तीफा देने पर मजबूर होने के बावजूद, प्रधान उस आंदोलन पर ही संदेह जताने से खुद को नहीं रोक पाए, जिसने उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर किया। अपने इस्तीफे के पत्र में उन्होंने "राष्ट्र-विरोधी ताकतों" के खतरे का ज़िक्र किया। यह एक जनतांत्रिक छात्र-युवा आंदोलन को बदनाम करने की कुटिल कोशिश है, जो केवल जवाबदेही, पारदर्शिता और उन लाखों छात्रों के लिए न्याय की मांग कर रहा था, जिनका भविष्य पेपर लीक और संस्थागत विफलताओं के कारण दाँव पर लग गया था।
DYFI दिल्ली इस युवा-नेतृत्व वाले संघर्ष को "राष्ट्र-विरोधी" करार देने की इस कोशिश की कड़ी निंदा करती है। सरकार से जवाबदेही मांगना राष्ट्र-विरोधी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक नागरिकता का मूल सार है।
यह इस्तीफा दिखाता है कि तानाशाही भाजपा सरकार को भी अंततः जनता के सामने झुकना पड़ा। यह जीत तभी संभव हो सकी क्योंकि देशभर के छात्रों और युवाओं ने साहस के साथ संघर्ष किया और दमनकारी प्रशासन के सामने झुकने से इनकार कर दिया। जब सरकार ने सुनने से इनकार किया, तब छात्रों ने सड़कों पर उतरकर अपनी सामूहिक ताकत का परिचय दिया।
यह हमारी जीत का जश्न मनाने का समय है, लेकिन साथ ही अपने संघर्ष को और मज़बूत करने का भी। हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
- NTA और NEP को समाप्त करो!
- KG से PG तक सभी के लिए मुफ़्त शिक्षा सुनिश्चित करो!
- शिक्षा का निजीकरण बंद करो!
- लाखों रिक्त सरकारी पद तुरंत भरो!
जारीकर्ता
अमन सैनी, सचिव, DYFI दिल्ली राज्य समिति
मृत्युंजय पांडेय, अध्यक्ष, DYFI दिल्ली राज्य समिति