बेबाक

बेबाक सब मोह माया है

06/03/2026

22/02/2026

10/02/2026

आस्था जी इतनी सुंदर है कि वो गलत हो ही नहीं सकती है।।

05/02/2026

देश के प्रधानमंत्री देश के सबसे सुरक्षित भवन देश की संसद में भी सुरक्षित नहीं हैं! अब प्रधानमंत्री को कहां छुपाया जाए कि वह वहां पूरी तरह सुरक्षित रहें?

03/02/2026

आप हिन्दू धर्म को भले बुरा भला कहिये, पर फैक्ट है कि इससे उदार धर्म कोई नही है । इस धर्म ने अपने विस्तार के लिए कभी हिंसा का सहारा नही लिया । इस धर्म में ईशनिंदा जैसी कोई अवधारणा नही है ।

आप किसी ईश्वर की निंदा भी कीजिये कोई आपका गला नही रेत देगा । कोई फांसी पर नही लटका देगा । आलोचना को हिन्दू धर्म सहर्ष स्वीकार कर लेता है ।

यह खासियत दुनिया के किसी धर्म में नही है ।

आप राम को मानिए, आपको सुकून मिलेगा । नही मानिए कोई जबरी नही । आप शिव को मानिए, आपकी मर्जी । नही मानिए वह भी आपकी मर्जी । कोई शिव भक्त आपके छाती पर तलवार रख कर शिव को मानने को विवश नही करेगा ।

आप कर्मकांड को नही मानिए, कोई तलवार लेकर आपको विवश नही करेगा । आप एकादशी का व्रत नही रखिये, कौन आपको जबरदस्ती कर रहा है कि आप एकादशी को उपवास रखिये ही ।

यदि इस उदारतापूर्ण धर्म में आपको कुछ बुरा लगता है, खुल कर आलोचना कीजिए । यहां सब उतना ही धर्माधिकारी है जितना कोई तथाकथित शंकराचार्य । आप खुद के नाम में जगतगुरु जोड़ लीजिये, खुद को जगतगुरु कह लीजिए, किसी को कोई फर्क नही पड़ेगा ।

@प्रोफेसर

29/01/2026

बात ये है कि विश्व की टॉप 200 में भारत का कोई विश्वविद्यालय नही है, इसलिए UGC ने ये नए नियम बनाए हैं। अर्थात् ये नया एक्ट आया है।
अब होगा ये कि Top 10 में हमारे सारे विश्वविद्यालय आ जाएंगे।
लेकिन तुम लोगों को शिक्षा के स्तर में सुधार व प्रगतिशील समाज से चिढ़ है, इसलिए विरोध कर रहे हो।
ये विरोध निरर्थक है।
खैर आज सुप्रीम कोर्ट ने भी इन नियमो पर रोक लगा दी है।

20/01/2026

500 रुपया पेट्रोल हो जाए महंगाई आसमान फाड़ हो जाए तो भी वोट मोदी को दूंगा बोलने वाले मात्र एक UGC बिल आने से हल्कान हुए जा रहे है

17/01/2026

‘बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही उल्लू काफ़ी है, हर शाख पे उल्लू बैठे हैं अंजाम ऐ गुलिस्तां क्या होगा।’

मणिकर्णिका घाट में मूर्तियों को तोड़े जाने पर इनका तर्क गुनिए।
कण कण में शंकर वाली अविनाशी काशी के ये बीजेपी प्रतिनिधि हैं!!

16/01/2026

ये कहानी तुम्हारी है, हो सके तो कमाल लिखना.

©️बेबाक

15/01/2026

उत्तरायण का सूर्य आपके स्वप्नों को नई ऊष्मा प्रदान करे, आपके यश एवं कीर्ति में उत्तरोत्तर वृद्धि हो। मकर संक्रांति का यह पावन पर्व आपके जीवन में सुख, समृद्धि और ढेरों खुशियाँ लेकर आए। । 🙏

13/01/2026

नागरिकता पाना में कठिन देशों की सूची ये है-

🇶🇦 क़तर — 25 साल निवास, अरबी भाषा का ज्ञान जरूरी , पुरानी नागरिकता छोड़नी होगी
🇻🇦 वेटिकन सिटी — केवल पादरी और राजनयिक
🇧🇹 भूटान — 20 साल, राजा की इच्छा पर निर्भर
🇸🇦 सऊदी अरब — 10+ साल, अरबी का ज्ञान जरूरी ,बहुत चयनात्मक, लगभग नामुमकिन
🇰🇼 कुवैत — 20 साल, मुस्लिम होना ज़रूरी, दोहरी नागरिकता नहीं चलेगी
🇨🇭 स्विट्ज़रलैंड — 10 साल, स्थानीय वोट में कड़ी परीक्षा
🇨🇳 चीन — बहुत ही दुर्लभ सरकारी अपवादों में
🇰🇵 उत्तर कोरिया — लगभग असंभव
🇯🇵 जापान — 5 साल, पुरानी नागरिकता छोड़नी होगी
🇦🇪 यूएई — 30 साल, बेहद चयनात्मक
🇦🇹 ऑस्ट्रिया — 10 साल, जर्मन भाषा (B2 स्तर)

और नागरिकता पाना सबसे आसान देशों की सूची-

🇦🇷 अर्जेंटीना — 2 साल निवास, भाषा परीक्षा नहीं
🇵🇾 पैराग्वे — 3 साल, न्यूनतम रहने की शर्त
🇺🇾 उरुग्वे — 3–5 साल, लचीले निवास नियम
🇧🇷 ब्राज़ील — 4 साल, पुर्तगाली का बुनियादी ज्ञान
🇵🇹 पुर्तगाल — 5 साल, A2 स्तर की पुर्तगाली, दोहरी नागरिकता मान्य
🇲🇽 मेक्सिको — 5 साल, बुनियादी स्पेनिश
🇵🇪 पेरू — 2 साल निवास
🇨🇱 चिली — 5 साल, सीधी और स्पष्ट प्रक्रिया
🇨🇴 कोलंबिया — 5 साल (लैटिन मूल होने पर 2 साल)
🇮🇹 इटली — 3 साल (वंश के आधार पर), दोहरी नागरिकता मान्य
🇮🇪 आयरलैंड — 5 साल निवास
🇪🇨 इक्वाडोर — 3 साल निवास
🇩🇴 डोमिनिकन रिपब्लिक — 2 साल निवास
🇧🇪 बेल्जियम — 5 साल, सामाजिक/एकीकरण का प्रमाण

इस से क्या नतीजे निकलते है-

पहला-
जो देश अपनी पहचान को नस्ल, भाषा, धर्म या राजसत्ता से जोड़कर देखते हैं, वहाँ नागरिकता का दरवाज़ा जानबूझकर संकरा रखा गया है।
क़तर, सऊदी, कुवैत जैसे देशों में संदेश साफ़ है— हम में तुम घुलमिल नहीं सकते! रह लो, काम कर लो, किंतु नागरिक नहीं बनोगे!

दूसरा-
जहाँ आबादी चाहिए, वहाँ नागरिकता आसान है। यहाँ नागरिकता भावनात्मक नहीं, व्यावहारिक नीति है।

तीसरा-
निवास और नागरिकता दो अलग चीज़ें हैं। कई देशों में दशकों रहने के बाद भी नागरिकता नहीं मिलती (यूएई, क़तर),जबकि कुछ जगहों पर 2–3 साल में ही पासपोर्ट मिल जाता है (अर्जेंटीना, पेरू)।

और कुछ दिलचस्प पहलू और जानिये!

भूटान जैसा देश तक अपनी नागरिकता किसी को भी नहीं देता चाहे भूटानी महिला किसी विदेशी से विवाह क्यों ना कर ले।

इजराइल में हर यहूदी को ऑटोमैटिकली नागरिकता देने का प्रावधान है चाहे वो किसी भी देश का क्यों ना हो!

पाकिस्तान में यही पाकिस्तानी मर्द विदेशी महिला से निकाह कर ले तो महिला को नागरिकता मिल जाएगी। किंतु यदि पाकिस्तानी महिला किसी काफ़िर मर्द से विवाह करें तो मर्द को उधर की नागरिकता नहीं मिलेगी- आसानी से! ठीक यही नियम बांग्लादेश में लागू है!

अफ़ग़ानिस्तान तक में गैर-मुस्लिमों को नागरिकता मिलना लगभग असंभव है।

रही भारत की- तो किसी ने शायद कड़वा सच ऐसे बयान किया है-

सब का खून शामिल है इस मिट्टी में,
किसी के अब्बा का हिन्दुस्थान थोड़ी ही है!!

इधर बांग्लादेशी आ सकता है, रोहिंग्या आ सकता है , नागरिकता ले सकता है , बस किसी और मुल्क का हिंदू आसानी से नहीं ले सकता.

Mann Jee

11/01/2026

Address

Preetam Pura
Delhi

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when बेबाक posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share