आरक्षण यह शब्द उनको बहुत अच्छा लगता है जिन्हे यह मिलता है, और उन लोगो के लिए एक तीर की तरह है जो हमेशा उनके दिल में चुभता है जिन्हे यह चाहिए नहीं लेकिन वो उन लोगो से प्रतिभावान होने के बावजूद पीछे रह जाते है, जिन्हे आभाव न होने के बावजूद भी आरक्षण के नाम पर तमाम तरह की सहूलियतें मिल जाती है। और एक सवर्ण गरीब बेचारा बन के रह जाता है। गुड ( जनरल्स यूनिटी फॉर डेवलपमेंट ) एक कोशिश है इस आरक्षण प्रथा क
ा विरोध करने की। जिस तरह से आरक्षण लागू करने वालो ने जाती प्रथा और छुआ छूत प्रथा का जबरदस्त विरोध करके स्वर्ण तबके को उस हालत में ला दिया है जहाँ किसी वक़्त आज पिछड़े कहे जाने वाले हुआ करते थे। आरक्षण का समर्थन करने करने वाले कहते है कि यह व्यवस्था सभी को समानता का अधिकार दिलाने के लिए है, जबकि सत्य यह है के एक काबिल व्यक्ति की समानता आप सिर्फ अथक परिश्रम करके ही कर सकते है, न की आरक्षण के बूते पर यह सब अपनी निर्बलता छुपाने के लिए है। इस लिए सभी दोस्त गुड से जुड़ें और आरक्षण की वजह से आपको किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा इस प्लेटफॉर्म के जरिये सभी दोस्तों से शेयर करें और तब तक विरोध करें जब तक यह व्यवस्था सभी वर्गों के लिए सामान रूप से लागू न की जाये आखिर हम सवर्ण ही इस देश का वो हिस्सा हैं जो सबसे पहले देश की खातिर जान देने को तैयार होते हैं।