30/10/2025
दान देने की आशीष!
परमेश्वर का वचन हमें देना सीखाता हैँ वचन कहता हैँ, कि तुम दिया करो ताकि तुम्हे भी दिया जाये! जिस नाप से हम परमेश्वर को या हमारे जरूरतमंद को देंगे, उसी नाप से परमेश्वर हमें हमारे जरूरत पर प्रदान करेंगे!
हम सभी को दान या पैसे लेने तो अच्छे लगते हैँ पर जब देने की बारी आती हैँ या तो हम भूल जाते हैँ या फिर देने वाला ह्रदय नहीं रखते हैँ!
याक़ूब एक जगह सो जाता हैँ और वो सपना देखता हैँ कि यहाँ एक सीड़ी हैँ जो स्वर्ग तक जाती हैँ, जहाँ से परमेश्वर आता जाता हैँ! तो वह ये वाचा बांधता हैँ, कि मेरे खाने को खाना, पहने को कपड़ा और मेरे आने जाने में सुरक्षा रहेगी तो मैं परमेश्वर को दशमा अंश जरूर दूंगा! उत्पत्ति 28:20-22
जब हम परमेश्वर को दशमा अंश देकर परमेश्वर को परखते है तो परमेश्वर हमें आकाश के भंडार को खोल कर हमें बहुतयात से आशीष देते है यही नहीं वो हमारे उपज और हमारे दशमा अंश कि रक्षा भी करते है! मलाकी 3:10-11
जब हम दशमा अंश देते है हमारे जीवन में देने कि आशीष और हमारे दशमा अंश में बरकत परमेश्वर देते है हमें कोई कमी घाटी नहीं होती.
हमें न केवल परमेश्वर को बल्कि जरूरत मंद और अपने माता पिता को भी देना चाहिए! क्योंकि परमेश्वर के बाद वही है जो परमेश्वर ने हमारे लिए रखे है!