04/04/2026
अन्नदाता की मेहनत पर व्यवस्था की मार!
उत्तर प्रदेश के सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद पूरी तरह ठप है। कारण बताया जा रहा है— 'बारदाने की कमी'।
ईरान के रास्ते आने वाले केमिकल की आपूर्ति न होने का बहाना बनाकर किसानों को अधर में छोड़ दिया गया है। क्या शासन-प्रशासन को इस संकट का पूर्वानुमान नहीं था? समय रहते तैयारी क्यों नहीं की गई?
आज हालात यह हैं:
• किसान केंद्रों पर रातें बिताने को मजबूर है।
• ₹2585 प्रति क्विंटल की MSP का लाभ किसानों तक नहीं पहुँच पा रहा।
• मजबूर किसान बिचौलियों को कम दाम में फसल बेचने पर विवश है।
हम सरकार से मांग करते हैं कि तत्काल बारदाने की व्यवस्था की जाए और पारदर्शिता के साथ खरीद शुरू हो। किसान का धैर्य अब जवाब दे रहा है!
अमनदीप सिंह संधू (अध्यक्ष)
क्रांतिकारी किसान समिति
📍केंद्रीय कार्यालय: ग्राम शाह नगर, लखीमपुर खीरी (U.P.)
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