14/05/2026
निष्ठा से जो सत्य कहें, वे गुरुवर महान,
आतमतत्त्व का दीप दे, करें जीवन कल्याण।
शब्दों में यदि भूल हो, मानवता का भाव,
उसे न समझो छल कभी, न रखो दुर्भाव।
हित की पावन भावना से, देते सत्य उपदेश,
मोह-अंधेरा मिट सके, जागे आत्मप्रदेश।
करुणा जिनकी दृष्टि में, निर्मल जिनका ज्ञान,
ऐसे आचार्य चरण में, शत-शत मेरा प्रणाम।
🙏 जय जिनेन्द्र
सुभाष जैन