13/05/2026
जद राजस्थानी लोग एकठै मिलै है, तो अपनायत, प्रेम अर मिठास आपे ही घुल जावै है।
म्हारो राजस्थान केवल धरती नी, इयो संस्कार, संस्कृति अर भाईचारे री पहचान है।
इसी अपनायत नै जिंदा राखण रो काम,
प्रवासी राजस्थानी फाउंडेशन कर रह्यो है, जिको हर प्रवासी राजस्थानी नै एक डोर में बांध राख्यो है।
आज हर राजस्थानी नै गर्व है कि अब राजस्थान री हर स्कूल में मायड़ भाषा री गूंज सुनाई देवैगी।
मायड़ भाषा सिरफ बोली नी, इयो म्हारा संस्कार, म्हारी आत्मा अर म्हारी पहचान है।
आवो, आपण सब मिलकै आपणी मायड़ भाषा अर संस्कृति नै नई पीढ़ी तक पहुंचावां।
“मायड़ो राजस्थान…
मायड़ री बोली…
म्हारो गौरव, म्हारी शान।” ❤️