Vriksha

Vriksha Plants Earth jewelery as well as the sustenance of human life are important. The Bina Life is not possible. Everyone must understand the importance of forests.

Plants are destroyed, floods, drought, fire, famine and epidemic spread. (पेड़-पौधे धरती के आभूषण के साथ-साथ मानव जीवन के लिए भी अति महत्वपूर्ण हैं। इनके बीना जीवन सम्भव नहीं है। पेड़-पौधे नष्ट होते हैं तो बाढ़, सूखा, आग, अकाल व महामारी फैलती है। वनों के महत्व को सबको समझना होगा। )

24/02/2026

जिंदगी कितनी अनप्रेडिक्टेबल है इस horrifying वीडियो को देखकर सीखो हर पल संभल कर!
जिंदगी अनमोल है सतर्क रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे.

सियावर रामचंद्र की जय!सत्य, सदाचार और सनातन मूल्यों की शाश्वत विजय के प्रतीक पर्व 'विजयादशमी' की समस्त सनातन समाज को हार...
12/10/2024

सियावर रामचंद्र की जय!

सत्य, सदाचार और सनातन मूल्यों की शाश्वत विजय के प्रतीक पर्व 'विजयादशमी' की समस्त सनातन समाज को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व हमें अधर्म पर धर्म की, असत्य पर सत्य की और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है। आइए, इस विजयादशमी पर हम सभी अपने जीवन में सत्य और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

#विजयादशमी

।।एक अपील ।।वृक्षारोपण तभी करें जब आप इसके प्रति दिल से गंभीर हों ना कि सोशल मीडिया में दिखाने के लिए.बरसातों में ऐसी...
17/07/2023

।।एक अपील ।।

वृक्षारोपण तभी करें जब आप इसके प्रति दिल से गंभीर हों ना कि सोशल मीडिया में दिखाने के लिए.
बरसातों में ऐसी कई पोस्ट आपको रोज़ देखने को मिल जाएँगी जिनका मक़सद बस केवल ख़ानापूर्ति करना ही है.

मज़ा तो तब है जब आप लगाये हुए पोंधे की सेल्फ़ी बार बार डालें कि ये पोंधा इतना बड़ा हो गया है..

जिन्होंने भी वृक्षारोपण किया होगा उनमें से 80 प्रतिशत लोगों ने तो दुबारा पलट के भी नहीं देखा होगा कि लगाए हुए पेड़ ज़िंदा भी हैं या नहीं

एक प्रचलन चल चुका है दिखावा करने का इससे बचें क्यूँकि वृक्षारोपण करना तभी सार्थक है जब आप इसके लालन पालन की भी ज़िम्मेदारी उठाते हैं किसी अबोध बच्चे की ही तरह इसकी परवरिश करते हैं और इसे पाल पोस के बढ़ा करते हैं..

हर साल बरसातों में लाखों पेड़ लगायें जाते हैं अगर उनमें से ५० प्रतिशत पेड़ भी वृक्ष बन जाते तो हर साल वृक्षारोपण का रोना नहीं रोना पढ़ता क्यूँकि पेड़ लगाना तो आसान है पर उसकी परवरिश उतनी ही मुश्किल और हमें उतना समय कहाँ ..

हम तो वृक्षारोपण करके अपनी ज़िम्मेदारी पूरी कर लेते हैं, पेड़ जिये या मरे ये किसको पड़ी है और हमारी यही सोच का नतीजा है कि वृक्षारोपण के दौरान लगाये गए पोंधों में से मात्र १० प्रतिशत ही पेड़ बन पाते हैं बाक़ी देखरेख ना होने की वजह से दम तोड़ देते हैं.

हालाँकि ऐसी कई संस्थाएँ और लोग हैं जो अपनी ज़िम्मेदारी का निर्वाहन पूरे ईमानदारी से कर रहें है और लगाये/लगवाये गए पेड़ों की परवरिश भी..

ऐसे कई उदाहरण आपको मिल जाएँगे जिन्होंने उजाड़/वीरान जैसी जगह पर अपनी मेहनत के दम पर, बिना दिखावा करे सेवा भाव से जीवंत जंगल बसा दिया है.

वृक्षारोपण की आवश्यकता वहीं है जहां इसकी ज़रूरत है जंगल में वृक्षारोपण करने के क्या मायने?

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि वृक्षारोपण को एक ज़िम्मेदारी के रूप में लें ना की औपचारिकता के रूप में.
और जी भी पोधें आप लगाएँ उसके परवरिश की भी ज़िम्मेदारी उठाएँ तभी वृक्षारोपण करने के असल मायने हैं..

आप सभी को 76वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।आइए,  #स्वतंत्रता_दिवस के अवसर पर भारत को सशक्त, समृद्ध बनाने और व...
15/08/2022

आप सभी को 76वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आइए, #स्वतंत्रता_दिवस के अवसर पर भारत को सशक्त, समृद्ध बनाने और विश्वगुरु के पथ पर आगे ले जाने का संकल्प लें।

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