28/08/2026
इनके बाप-दादाओं ने हार मान ली, अब ये मैदान में उतरे हैं। हर दूसरे दिन पुलिस की कार्रवाई झेलते हैं, फिर भी अगले दिन वही जोश लेकर लौट आते हैं। गज़ब का आत्मविश्वास है—सुबह पिटते हैं, शाम को फिर पीठ आगे कर देते हैं। और खुद को “सुवर्ण का नया मसीहा” बताने में भी पीछे नहीं रहते। 😂😂