MoveBold Foundation एक गैर सरकारी और अलाभकारी चैरिटेबल संस्थान हैं। यह अपनी स्थापना के बाद से जटिल सामाजिक राजनीतिक माहौल में हाशिए पर हर समुदाय, क्षेत्र व भाषाई आधार बिना के भेद के सभी के प्रति संवेदनशील है। यह लोगों की भागीदारी के माध्यम से विकास के लिए प्रयासरत है।
अलाभकारी संस्था MoveBold Foundation कंपनी एक्ट 2013 (18 of 2013), CIN: U85100DL2022NPL401121 के तहत पंजीकृत है इसका कार्यक्षेत्र पू
रे भारत में है। यह संस्था 80G(URN: AAPCM9516MF20221) के तहत भी पंजीकृत है जिससे संस्था में दान की राशि का दानदाता द्वारा की गई कर अदायगी में नियम के तहत छूट प्राप्त है।
समग्र समाज के लिए कृत संकल्पित समाज एक से अधिक लोगों व समुदायों की वृहद समूह है। इसके अंतर्गत कई मानवीय क्रियाकलाप जैसे सामाजिक आर्थिक बराबरी नागरिक अधिकार शामिल हैं परंतु इसके विपरीत समाज में ही कहीं ऐसे और मानवीय कृत्य भी शामिल हैं जैसे महिला और सुरक्षा घरेलू हिंसा जातीय प्रताड़ना बाल श्रम बाल यौन शोषण जैसे कई और सामाजिक क्रियाकलापों ने समाज में एक जगह बना ली जो एक समग्र समाज की स्थापना और संरचना के लिए बड़ी चुनौती है। हमारी संस्था इन तमाम चुनौतियों के प्रति गंभीर है और इसके निराकरण के लिए जनभागीदारी प्रशासन कानून नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामूहिक सहयोग से प्रयासरत है ताकि एक सामाजिक संगठन के रूप में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।
सामाजिक दायित्व हमारी संस्था एक गैर सरकारी धर्मार्थ संस्थान है और एक समग्र समाज के स्थापना को कृत संकल्पित हैं सामाजिक दायित्व को भली-भांति जानते हैं समझते हैं। समग्र समाज के लिए निरंतर कोशिश रहेगी कि हम अपनी गतिविधियों के सकारात्मक प्रभाव बढ़ाएं और सुनिश्चित करें कि हमारे सभी साझेदारों तक पहुंचे यह हमारा दृढ़ विश्वास है कि समग्र समाज व समावेशी विकास ही हमारे संस्थान की स्मिता के लिए महत्वपूर्ण है। इसके तहत जाति धर्म लिंग भाषा के बिना किए बिना भेदभाव के हम शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के लिए कौशल विकास जैसे कार्यक्रम के तहत समाज के साझेदारों के लिए सुनिश्चित करवाने के लिए प्रयासरत हैं और समग्र समाज के साझेदारों के लिए सामाजिक दायित्व का निर्वहन कर सकें।
समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण कला एवं संस्कृति का प्रसार भारत की सांस्कृतिक विरासत कला क्रमशः बहुआयामी व जीवंत है। इसका इतिहास विलक्षण भूगोल शामिल है। हमारे पूर्वजों ने सदियों से हमारी सांस्कृतिक विरासत कला वॉइस के प्रसार के लिए कार्य करते रहें यह जरूरी है क्योंकि यही हमें जड़ से जोड़कर जड़ों से जोड़कर हमारे जीवन में का संचार करता है जो हमारे वर्तमान को जीवन व भविष्य को मार्गदर्शन सहित भूत का विश्लेषण करता है। इसलिए समृद्ध सांस्कृतिक विरासत कला के प्रसार में हमें प्रयासरत रहने की जरूरत है क्योंकि जड़ों के बिना पौधा अस्तित्व विहीन हो जाता है।