30/06/2026
श्रीमद्भागवत—भगवान् को प्रसन्न करने का सरलतम साधन -
स्वयं श्रीहरि ने ब्रह्माजी से कहा है—
श्रीमद्भागवतं नाम पुराणं लोकविश्रुतम्।
श्रृणुयाच्छ्रद्धया युक्तो मम संतोषकारणम्॥
भावार्थ :
जो भक्त भगवान् को प्रसन्न करना चाहता है, उसे चाहिए कि वह संसार में विख्यात श्रीमद्भागवत महापुराण का प्रतिदिन श्रद्धा, भक्ति और एकाग्रता के साथ श्रवण करे।
श्रीमद्भागवत का श्रवण केवल कथा सुनना नहीं है, बल्कि भगवान् के श्रीचरणों में अपने हृदय को समर्पित करने का दिव्य अवसर है। जहाँ श्रीमद्भागवत का श्रवण होता है, वहाँ भक्ति जागृत होती है, मन निर्मल होता है और जीवन में ईश्वर की कृपा का प्रकाश फैलता है।
आइए, प्रतिदिन कुछ समय श्रीमद्भागवत के श्रवण और मनन के लिए निकालें। यही भगवान् को प्रसन्न करने का सरल, सहज और कल्याणकारी मार्ग है।
॥ जय श्रीराधाकृष्ण॥ जय श्री हरि।।
- अनंताचार्य
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