13/10/2025
महामहिम राष्ट्रपति एवं भारत सरकार से National Crime and Forensic Bureau का विनम्र अनुरोध है कि – देश में बढ़ते फर्जी मुकदमों के शिकार परिवारों एवं व्यक्तियों के संरक्षण हेतु शीघ्र ही “पीड़ित संरक्षण अधिनियम” बनाया जाए। इस अधिनियम में यह प्रावधान हो कि यदि कोई व्यक्ति/ संस्थान/ पुलिस या अन्य सरकारी अधिकारी किसी व्यक्ति या संस्थान पर झूठा मुकदमा या FIR दर्ज कराता है और वह आरोप अदालत द्वारा असत्य सिद्ध होता है, तो ऐसे व्यक्ति पर दोगुना आर्थिक दंड एवं कारावास का प्रावधान हो, ताकि निर्दोष नागरिक की प्रतिष्ठा, अधिकार एवं न्याय में विश्वास की रक्षा हो सके।
President of India Prime Minister of India's Office (Pmo), New Delhi