22/09/2024
यह कहना कि वर्तमान समय में राजा (सांसद और विधायक ) का चयन जनता द्वारा होता तथ्य हीन बात है वास्तविकता यह है कि प्रत्येक राजा (सांसद और विधायक ) चाहता है कि उसका बेटा/बेटी/पारिवारिक सदस्य ही अगला राजा (सांसद और विधायक ) बने और वह अपने मकसद में कामयाब भी हो जाता है क्योंकि वर्तमान समय की राजनैतिक परिस्थिति है ऐसी बनाई गई है, राजनैतिक पार्टियों के अघोषित राजनैतिक MONOPOLY (एकाधिकार) स्थापित कर रखा है।
वर्तमान राजनेताओं और राजनेतिक पार्टियों के एकाधिकार को तोड़ना भारतीय राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए अति आवश्यक है क्योंकि यदि ऐसा संभव नहीं हुआ तो आने वाले समय में भारतीय लोक तंत्र मात्र एक दिखावा ही रह जाएगा वैसे वर्तमान समय मे भी देश सभी तंत्र पर राजनैतिक दलों का अघोषित कब्जा हो गया है और आम जनता वोट बैंक बन कर रह गई है।
जनता किसी न किसी राजनैतिक पार्टी की कार्यकर्ता/ सपोर्टर या सही शब्दो मे कहे तो बंधुआ मजदूर बन कर रह गई है और राजनेतिक पार्टियां चंद पूंजीपतियों की गुलाम बन गई है यदि देश का युवा इस गठजोड़ को समझ नही पाया तो आने वाले समय में भारतीय राजनीति चंद लोगों की बपौती बन जायेगी और लोक तंत्र अपना आत्महत्या करने को मजबूर हो जायेगा।
अंत में समाधान केवल जनता के हाथ मे है अब जनता यदि लोक तंत्र, संविधान और अपना अधिकार बचना चाहती है तो स्वतंत्र विचार और मानसिकता के पढ़े लिखे गैर पूंजीवादी युवाओं को देश की संसद और विधान सभाओं में भेजना शुरू करे अन्यथा देश को राजनेतिक दलों और पूंजीपतियों के कब्जे से बचाना मुश्किल ही नहीं असंभव होगा।
*विनोद गुप्ता भारतीय*
*राजनीति का विद्यार्थी*
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