31/05/2026
"हम लड़के वाले हैं..." ये सुनकर हमेशा एक सवाल मन में आता है।
जब एक लड़की अपना घर, परिवार, शहर और पहचान तक छोड़कर एक नए घर में जाती है, तो आखिर लड़के वाले ऐसा क्या दे रहे होते हैं कि खुद को इतना बड़ा समझते हैं?अगर लड़की आपके घर आएगी, आपकी जिम्मेदारियां निभाएगी, आपके परिवार के साथ एडजस्ट करेगी, तो सम्मान और बराबरी का व्यवहार उसका अधिकार है, एहसान नहीं।शादी कोई सौदा नहीं, दो परिवारों और दो इंसानों का सम्मानजनक रिश्ता है।आपकी क्या राय है? Comment में जरूर बताइए