17/10/2026
इस वक़्त दुनिया के चार देशों में Gen-Z के नाम पर प्रदर्शन चल रहे हैं।
फ्रांस,भारत, चिली और स्पेन
संयोग से इन चारों देशों ने ट्रंप की नीतियों का विरोध किया था और चारों पर ट्रंप ने मनमाना टैरिफ लगाया, लेकिन झुके नहीं।
संयोग से इन चारों देशों में आंदोलन शिक्षा में सुधार के नाम पर ही शुरू हुए और बाद में शिक्षा पीछे छूट गया और दूसरे मुद्दे हावी हो गए। भारत को छोड़ बाकी तीन देशों में प्रदर्शन हिंसक हो चुका है और आशंका है कि आज न कल भारत में भी हिंसा होगी ही। माहौल उसी तरह का बन रहा है।
इन चारों देशों में प्रदर्शन के पीछे एक और बात समान है, वो है अमेरिकी सोशल मीडिया। इन सभी देशों में प्रदर्शनकारियों के पास कोई संगठन नहीं था, न कोई नेता था, न ही कोई specific मांग थी, लेकिन था तो अमेरिकी सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर (X), इंस्टाग्राम जैसे हथियार।
ये पहले भी भारत के आसपास के देशों में हो चुका है। तख्तापलट वाले एक Keyword उठाते हैं, जैसे नेपाल में था NepoKids, बांग्लादेश में Razakars और भारत में Coackroach। फिर उसी शब्द के सहारे पूरा का पूरा ecosystem तैयार किया जाता है। बेहिसाब फंडिंग होती है।
दीपके की पूरी टीम स्पेशल चार्टर प्लेन से मुंबई से बेंगलुरु गई, फ़िर वहां से दिल्ली आई। इनकी पार्टियां 5 स्टार होटलों में होती है, 08 अक्टूबर को ध्रुव राठी का जन्मदिन मनाया भी तो 5 स्टार होटल में।
सुप्रीम कोर्ट में 15 वकील इनके लिए खड़े थे, जिनकी एक हियरिंग की fee करोड़ डेढ़ करोड़ है। सिर्फ़ एक दिन में वकीलों पर 15 करोड़ रुपए फूंक दिए गए।
ये क्रांति नहीं हो रही, अमेरिका का Plan है, वो भी American सोशल मीडिया app के सहारे।
एलन मस्क बिलबिला रहा है, राहुल गांधी उसका समर्थन कर रहे हैं। मार्क जुकरबर्ग अचानक से Gen Z Protest का समर्थक बन गया है। यही दोनों ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप्प और फेसबुक के मालिक हैं आगे क्या होगा यह तो भविष्य बताएगा लेकिन देश की जनता को बहुत सोचना है समझना है और देश के विरुद्ध कार्य करने वालों को खदेरना है ताकि हम अपने देश को सुरक्षित और प्रगतिशील बना सके।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इस देश को आगे ले जाने के लिए मेहनत कर रहे हैं, हमें उनका साथ देना है और इस देश को विकसित देशों की श्रेणी में लाकर खड़ा करना है।
जय हिंद, जय भारत !