जरूरमंद बच्चों के शिक्षा के प्रति अपना जीवन समर्पित करने वाले अपने सपने एनजीओ के संस्थापक अध्यक्ष अरुण कुमार यादव 13 सालो से स्वयं ऐसे बच्चो को शिक्षित करने में लगे है यही नहीं आज से नौ साल पहले अपने सपने नाम से जो एनजीओ स्थापित किये वह आज यह पौधे से बरगद के वृक्ष रूपी हौसलों में स्थापित हुआ है | उत्तरप्रदेश जिला जौनपुर के केराकत तहसील में जन्मे अरुण कुमार यादव सन 2001 में देहरादून तकनीकी शिक्षा
ग्रहण करने आये वक्त दर वक्त तब से यानी 22 सालो से अब देहरादून में अपना कर्म भूमि बनाने वाले अरुण कुमार यादव जहाँ अब पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके है वही जरूरतमंद बच्चों के सपने को अपना सपना बना चुके है | 2 सितम्बर 2014 को स्थापित हुए अपने सपने एनजीओ विगत 9 वर्षों से देहरादून में असहाय एवम जरूरतमंद बच्चों के जीवन शैली एवम उनके शिक्षा पर कार्य करता आ रहा है | अपने सपने एनजीओ वर्तमान समय में 130 से अधिक बच्चो की पढाई और सामाजिक उत्थान में कार्यरत है | अपने सपने संस्था द्वारा बहुत से बच्चो के लिए अधिकाधिक प्रशंसनीय कार्य किये गए जिनमे संस्था को समाज में सबसे ज्यादा प्रोत्साहन मिला
: अजय नामक बच्चा जो आज से छह साल पहले सड़को पर कूड़ा बीनता था संस्था द्वारा उसको स्कूल में दाखिला दिलवाया गया, अजय प्राथमिक विद्यालय भारूवाला ग्रांट सुभाषनगर देहरादून में अपने कक्षा चौथी एवं पाँचवी में प्रथम स्थान प्राप्त किया . वही दून एकेडमी स्कूल में भी अजय छठी सातवीं कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया , वही देवानंद बच्चा जो आज से 6 साल पहले अपनी पढाई छोड़कर आर्थिक मजबूरी के लिए दुकानों में काम करने लगा जब यह बात अपने सपने संस्था को पता चला तो देवानंद के परिवार को संकट से उभारने की कोशिश किया गया | देवानंद पुनः पढाई के पथ पर अग्रसित हो गया | यही देवानंद 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत रिजल्ट लाकर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बना , वर्तमान में देवानन्द 11 वीं कक्षा में पढ़ाई करने के साथ साथ आईआईटी प्रवेश के लिए भी तैयारी कर रहा है |
: मनीषा नामक बच्ची जो किसी समय लोगो के घरो में साफ़ सफाई करने जाती थी संस्था के सदस्यों द्वारा एक बदलाव रूपी प्रयास से अब वही मनीषा वर्तमान समय में पढ़ाई के साथ साथ कंप्यूटर रुपी शिक्षा प्रदान कर रही है,अब पढ़ाई के साथ साथ मनीषा शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मदद प्रदान कर रही है | वर्तमान में मनीषा एमकेपी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है . अपने सपने संस्था में ऐसे बहुत से बच्चों का हौसला रूपी उदाहरण है जो अन्य बच्चों लिए प्रेरणास्रोत बने हुए है
इन्ही बच्चों रूपी सामाजिक बदलाव के क्रम में अपने सपने संस्था फेस टू फेस नामक अभियान शुरू किया है जिनमे पहले अभियान के तहत देहरादून के बिंदाल पुल के नीचे स्थित मलिन बस्तियों के बच्चों की शारीरिक स्वच्छता के साथ उनके वेष -भूषा में बदलाव लाया गया | वार्ता के दौरान उन्होंने कहा यह अभियान दूसरे चरण में अन्य मलिन बस्तियों की ओर रुख करेगा | इस अभियान के तहत उन बच्चों के परिवार को ईनाम स्वरूप 1000 रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी जो परिवार अपने बच्चों को निरन्तर उनके शारीरिक स्वच्छता व वेष- भूषा में बदलाव स्थिर रखे रहेंगे | अभियान के तहत मलिन बस्तियों के बच्चों की स्वच्छता एवम स्वास्थ्य में एक अच्छा बदलाव आ सके जिससे समाज उनको अपना सके |संस्था द्वारा भूख "हर पेट मे रोटी " नामक अभियान चला रही है जागरूकता के तहत लोगो को खाना बर्बाद ना करने को लेकर अपील करती आ रही है.