29/07/2026
प्रदेश के शहरी विकास विभाग में प्रभारी अधिशासी अधिकारी हटाने एवं सीधी भर्ती के माध्यम से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने की माँग को लेकर मा० मुख्यमंत्री एवं निदेशक शहरी विकास विभाग को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। प्रदेश में वर्ष 2019 से पहले अधिशासी अधिकारी श्रेणी-3 और श्रेणी-2 के पदों पर सीधी भर्ती का प्रावधान था। लेकिन शहरी विकास विभाग के उच्चाधिकारियों ने अपने "कमीशन के मीट-भात" के चक्कर में कुछ लोगों को निजी फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में फेरबदल कर इन्हें सिर्फ पदोन्नति का पद बना दिया गया। यह फेरबदल कोई साधारण प्रशासनिक निर्णय नहीं था बल्कि यह उन बाबुओं, सफाई निरीक्षकों और कर्मचारियों की गहरी साजिश थी, जिन्होंने पैसा देकर नियम बदलवाए। अपने निजी स्वार्थ के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के रोजगार के रास्ते बंद करा दिए गए। इस साजिश का घातक परिणाम आज हम सबके सम्मुख है। प्रदेश में लगभग 45 अधिशासी अधिकारी के पद आज भी रिक्त पड़े हुए हैं, नियमित भर्ती की जगह प्रभारी व्यवस्था थोप दी गई है, युवा बेरोजगार घूम रहे हैं और नगर निकाय बिना नियमित अधिकारियों के चल रहे हैं। प्रदेश का युवा अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता है। मा० मुख्यमंत्री जी, मा० मंत्री राम सिंह कैड़ा जी तत्काल 2019 से पहले वाली व्यवस्था तुरंत वापस लें जिससे इन पदों पर सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सके तथा प्रदेश के बेरोजगारों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो पाएं क्योंकि प्रदेश के बेरोजगार युवा किसी की साजिश का दंश नहीं झेल सकता उन्हें सिर्फ रोजगार चाहिए। प्रदेश के नगर निकायों को जिम्मेदार अधिकारी चाहिए, प्रभारी नहीं। प्रभारी व्यवस्था तत्काल बंद होनी चाहिए तभी प्रशासन पारदर्शी बनेगा। इसलिए हमारी साफ और स्पष्ट मांग है:-
प्रभारी हटाओ, सीधी भर्ती लाओ।
लड़ेंगे और जीतेंगे।✊
#शहरीविकासविभाग
#उत्तराखंडबेरोजगारसंघ