16/07/2025
प्रकृति के प्रति सम्मान, हरियाली के प्रति संकल्प और जीवन के प्रति संवेदना ही हरेला पर्व का असली संदेश है।”
हरेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक परंपरा ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक-पर्यावरणीय चेतना का पर्व है। यह दिन हमें यह स्मरण कराता है कि धरती माँ की सेवा ही मानवता की सच्ची सेवा है।
आज जब जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और प्रदूषण जैसे संकट हमारे सामने खड़े हैं, तब हरेला हमें एक नई दिशा देता है — हरियाली के रास्ते विकास की।
आइए, इस अवसर पर हम एक नहीं, अनेक वृक्ष लगाएं, उनका संरक्षण करें, और अगली पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध, और हरित भविष्य सौंपने का संकल्प लें।
🌱 “एक पौधा लगाना, केवल हरियाली नहीं बढ़ाना है,
बल्कि जीवन को बचाना है।” 🌱
💚 Social Justice Foundation आप सभी से आग्रह करते हैं कि इस हरेला पर्व पर आप भी इस हरित आंदोलन में सहभागी बनें —
“वृक्ष लगाएं, पर्यावरण बचाएं।”
हरियाली ही सुरक्षा है,
प्रकृति ही समृद्धि है।
🙏 हरेला पर्व की शुभकामनाओं सहित…
— Social Justice Foundation परिवार