27/04/2026
*IIA उत्तराखंड की सक्रिय भागीदारी, IIT रुड़की में आयोजित “विजन 2047” अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उद्योग–शिक्षा सहयोग पर दिया विशेष जोर*
*भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की* एवं स्वदेशी शोध संस्थान, नई दिल्ली द्वारा आयोजित *“विजन 2047: समृद्ध और महान भारत 2.0”* अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ।
इस कार्यक्रम में *उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जी* की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस सम्मेलन में IIA उत्तराखंड चैप्टर की महत्वपूर्ण भागीदारी रही। *IIA उत्तराखंड के चेयरमैन श्री तरुण गोयल जी को पैनलिस्ट के रूप में आमंत्रित किया* गया, जहां उन्होंने उद्योग और अकादमिक जगत के बीच समन्वय को भारत के भविष्य की प्रगति का आधार बताया।
कार्यक्रम में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) की ओर से *राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रमोद सदाना जी, श्री अजय दिगंबर जैन जी (स्टेट काउंसिल सदस्य एवं हेड – PR कमेटी), रुड़की चैप्टर से श्री दीपमणि मिश्रा जी एवं श्री सुंदरम चौधरी जी* सहित अन्य गणमान्य सदस्य भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में *“One Nation One Research (Policy) Act 2026”* की अवधारणा प्रस्तुत की गई, जिसका उद्देश्य देशभर में शोध गतिविधियों को एकीकृत कर नवाचार को नई दिशा देना है।
उन्होंने Investor Summits में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान में प्रोजेक्ट्स की सफलता दर 50–70% तक सीमित है, जिसे बेहतर बनाने के लिए Industry–Academia mentoring, proper handholding और “One Stop Support System” की आवश्यकता है।
उन्होंने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए Reverse Engineering एवं Backward Integration को आवश्यक बताते हुए आयात पर निर्भरता कम कर घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल दिया।
साथ ही उन्होंने Academia–Industry के बीच Patent showcasing और commercialization को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई, जिससे नवाचार को सीधे बाजार से जोड़ा जा सके।