14/04/2026
संविधान निर्माता,विश्वरत्न,बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के 135 वें जन्म जयंती के अवसर पर उनके अनमोल विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने से न सिर्फ आपका उद्धार होगा बल्कि संपूर्ण राष्ट्र का उद्धार होगा !!
उनके विचार शिक्षा, समानता, और सामाजिक न्याय पर केंद्रित हैं। उनके प्रमुख विचार हैं: "शिक्षित बनो, संगठित रहो, और संघर्ष करो," "शिक्षा शेरनी का दूध है," और "जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए।" बाबा साहेब ने महिलाओं की प्रगति, जाति उन्मूलन और संविधान के माध्यम से अधिकारों की वकालत की !!
शिक्षा और ज्ञान पर विचार:
"शिक्षा वह शेरनी का दूध है जो इसे पीएगा वह दहाड़ेगा"।
"शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो"।
"शिक्षा स्वतंत्रता के सुनहरे दरवाजे को खोलने की कुंजी है"।
समानता और अधिकारों पर विचार:
"छीने हुए अधिकार भीख में नहीं मिलते, उन्हें वापस लेना पड़ता है"।
"मैं किसी समुदाय की प्रगति का आकलन इस आधार पर करता हूं कि महिलाओं ने कितनी प्रगति हासिल की है"।
"मनुष्य नश्वर है, उसी तरह उसके विचार भी नश्वर हैं. एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की"।
समाज और धर्म पर विचार:
"मैं उस धर्म को नहीं मानता जो मनुष्य को मनुष्य से अलग करता हो"।
"राजनीति में हिस्सा ना लेने का सबसे बड़ा दंड यह है कि अयोग्य व्यक्ति आप पर शासन करने लगता है"।
"जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए"।
अन्य प्रेरक कथन:
"जो लोग अपने इतिहास को भूल जाते हैं, वे कभी नया इतिहास नहीं बना सकते"।
"बंदूक से ज्यादा विचार घातक होते हैं"।
ये विचार आज भी समाज में समता और न्याय की प्रेरणा देते हैं।
#भारतीय_विद्यार्थी_मोर्चा