03/04/2026
2 अप्रैल 2026 को राजकीय स्नातक उत्तर महाविद्यालय रानीखेत में वर्ल्ड ऑटिज्म डे के अवसर पर यूथ रेड क्रॉस द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमे छात्र-छात्राओं को ऑटिज्म के विषय में जानकारी प्रदान की गई. छात्र-छात्राओं के ज्ञान वर्धन के लिए ऑटिज्म पर आधारित मूवी दिखाई गई.
ऑटिज्म डे पर अपने वक्तव्य में डॉ किरण चौहान ने ऑटिज्म से ग्रस्त व्यक्तियों के लक्षण एवं इनकी मानसिक एवं शारीरिक लक्षणों के विषय में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि महिलाओं को विशेष ध्यान देने कि आवश्यकता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं कों गर्भवस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य पपरीक्षण करना चाहिए. ताकि गर्भस्थ शिशु कि सही स्थिति ज्ञात हो सके. डॉ कमला ने अपने वक्तव्य में कहा की आज ऑटिज्म से ग्रस्त व्यक्तियों को दया की नहीं, बल्कि प्रेम और सहानुभूति की आवश्यकता है. ऐसे बच्चों कों भावत्मक स्पोर्ट्स की विशेष आवश्यकता होती है.
डॉ आस्था अधिकारी द्वारा ऑटिज्म से ग्रस्त बच्चों के व्यवहार कों समझने पर बल दिया गया.
कार्क्रम में फ़िल्म देखने के बाद रेडक्रॉस के स्वयंसेवियों के साथ एक परिचर्चा की गई. जिसमें स्वयंसेवियों ने ऑटिज्म पर अपने-अपने विचार रखे और ऑटिज्म से संबंधित जपने अनुभवों को वह विचारों को साझा किया.
इस कार्यक्रम का संचालन रेड क्रॉस प्रकोष्ठ द्वारा किया गया.
कार्यक्रम में इतिहास विभाग से डॉ दीपा पांडे समाजशास्त्र विभाग से डॉ सत्यम मित्र सिंह राजनीति शास्त्र से डॉ वी के जोशी, डॉ पूजा बोरा अर्थशास्त्र विज्ञान से डॉ पारुल भारद्वाज एवं रेड क्रॉस के स्वयं से उपस्थित रहे|