All india democratic women association uttarakhand

All india democratic women association uttarakhand The All India Democratic women association {AIDWA}is an independent left oriented Women Organisation

जनवादी महिला समिति का आठवां राज्य सम्मेलन यहाँ देहरादून के जैन धर्मशाला स्थित सभागार में तीन सदस्यीय अध्यक्षमण्डल की अध्...
16/11/2025

जनवादी महिला समिति का आठवां राज्य सम्मेलन यहाँ देहरादून के जैन धर्मशाला स्थित सभागार में तीन सदस्यीय अध्यक्षमण्डल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई अध्यक्ष मण्डल में सुनीता पाण्डेय, इन्दुनौडियाल ,मालागुरूंग शामिल रही ।सम्मेलन की राजनैतिक ,सांगठनिक तथा कार्य रिपोर्ट महामंत्री दमयंती नेगी ने रखी जिसपर विभिन्न जनपदों से आये प्रतिनिधियों ने चर्चा की ।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुऐ समिति की राष्ट्रीय अध्यक्ष पी के श्रीमती ने कहा है कि हम चाहे पहाड़ से हो या मैदान से या फिर दक्षिण से हम सब एक हैं ,उन्होंने कहा कि जनवादी महिला समिति का गठन सन् 1981 में हैं तबसे हम निरंतर संघर्षरत हैं ,उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश से अलग होने के बावजूद उत्तराखण्ड का विकास नहीं हो पाया जो कि चिन्ता का बिषय है ,हाल ही में राज्य में आपदा के कारण हुए नुकसान के चलते आम आदमी काफी दुखी है क्योंकि सरकार ने जनता की‌ समुचित मदद करनी थी वह नहीं कर रही है ।उन्होंने कहा आज भी महिलाएं विकास के सबसे निचले पायदान पर हैं,केरल में महिलाओं की स्थिति देश में सबसे बेहतर है कारण वहां की सरकार निरन्तर महिलाओं के कल्याण का कार्य कर रही जबकि पूरे देश में
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा कि उत्तराखंड राज्य उत्तर प्रदेश से अलग होने के बावजूद बहुत पिछड़ा है विकास में हाल ही में आपदा में बहुत नुकसान हुआ है जिन परिवारों ने अपने लोगों को खोया है हमारी संवेदनाएं उनके साथ हैं हम महिलाएं विकास के सबसे निश्चय शिर्डी पर हैं हमारे देश का संविधान बहुत महत्वपूर्ण है केरल में महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक है आजादी के बाद आज भी महिलाओं की स्थिति खराब है 76 साल बाद भी भारतीय महिलाओं को आज भी बराबरी के हक नहीं मिले हैं हालांकि यहां पर समानता का दावा किया जाता है महिलाओं को ले जाने के लिए बीजेपी ने 33% आरक्षण दिया है जो एक खेल है जिसे लागू नहीं किया जा रहा है 57% पंचायत में महिला प्रतिनिधियों की संख्या है हमारे राज्य में चीनी हुई महिलाएं बड़ी संख्या में हमारे सम्मेलनों में होती हैं इसलिए संभव हुआ है कि वहां वामपंथी सरकार है इसलिए आरक्षण से अधिक महिलाएं चुनकर आई हैं महिलाएं 18 घंटे काम करती हैं घरेलू महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं और रात में देर से सोती हैं वामपंथी सरकार ने ग्रहणियों के लिए ₹1000 पेंशन का प्रावधान किया है और घर से बाहर भी हिंसा होती है वर्तमान बीजेपी सरकार मातृशक्ति का नारा देती है जबकि 4000 स्कूल यहां पर बंद कर दिए गए हैं जिनका सीधा असर बेटियों पर पड़ता है पलायन के बारे मे इन महिलाओं को मुकाबला करना होगा डबल इंजन की सरकार बोलना ही लोकतंत्र विरोधी है सरकार चाहती है कि हम चुप रहे क्योंकि थोड़ा लाइव छोड़ो क्या हम चुप्पी तोड़ने के लिए तैयार हैं महिला समिति के हम सब एक हैं बजरंग दल रस आदि महिलाओं पर हमला कर रहे हैं केरल में 60000 सदस्यता है 14 जिले में संगठन है इस सम्मेलन को हमें अवसर की तरह लेते हुए हर मोहल्ले की महिलाओं की पीड़ा को अपनी पीड़ा बनाएंगे
सम्मेलन में देहरादून, चमोली, अल्मोड़ा, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी के 100से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सम्मेलन में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा, बस्ती बचाओ, एलिवेटेड रोड परियोजना वापस लेने, आपदा त्रासदी, छुटे हुए राज्यं दोलनकारियों के चिन्हीकरण, एम एफ आई पर प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, शोक संदेश दिया गया, सांगठनिक सत्र पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पर्यवेक्षक जगमति सांगवान ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए जन संघर्षों को तेज करने पर बल दिया, करीब 20प्रतिनिधियों ने रिपोर्ट पर चर्चा कर बहुमूल्य सुझाव दिए। सम्मेलन में 17 सदस्यीय नई कमेटी का गठन किया गया, जिसमें राज्य अध्यक्ष सुनीता पाण्डे, राज्य महामंत्री दमयंती नेगी, उपाध्यक्ष इन्दु नौडियाल ,राज्य कोषाध्यक्ष माला गुरूंग, सह सचिव गीता बिष्ट सर्व सम्मति से पदाधिकारी चुने गए। हैदराबाद में जनवरी में आयोजित अखिल भारतीय सम्मेलन के लिए ऑब्जर्वर समेत 4 लोगों का प्रतिनिधि मंडल चुना गया।

25/08/2025
"गरिमामय जीवन, महिला अधिकार" विषय पर आज दिनांक 8मार्च 2025को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का गोष्टी कार्यक्रम का आयोजन  नगर...
08/03/2025

"गरिमामय जीवन, महिला अधिकार" विषय पर आज दिनांक 8मार्च 2025को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का गोष्टी कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम सभागार में अयोजित हुआ। सम्मेलन मै बतौर मुख्य अतिथि ख़गमरा कोट वार्ड की नव निर्वाचित पार्षद श्रीमती मधु बिष्ट, अध्यक्षता जनवादी महिला समिति की राज्य अध्यक्ष सुनीता पाण्डे,, महिला समिति अल्मोड़ा की सचिव सुश्री मंजू पंत, आशा फेसिलेटर ममता वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता , पी एल वी आशा भारती, मंचासीन रही।
कार्यक्रम में बोलते हुए वक्ताओं ने कहा की समाज में सम्मानजनक ज़िंदगी महिला का अधिकार है, जिसके लिए भूख, ग़रीबी , मंहगाई बेरोज़गारी ,हिंसा से मुक्ति पाखंड और अंधविश्वास से मुक्ति* विशेष रूप से जरूरी है।
आज पंचायत और स्थानीय निकायों की तरह संसद और विधान सभा में महिला आरक्षण बिल लागू न कर पाना सत्ता की महिला विरोधी नीति को दिखाता है। वर्तमान बजट मे भी जेंडर बजट और सार्वजनिक क्षेत्र मे बजट कटौती आम जनता और महिला विरोधी है।तब से अब तक पूरी दुनिया में महिलाओं ने तमाम लड़ाइयां लड़ीं भी और जीतीं भी.. इन्हीं लड़ाइयों के कारण औरतों को कुछ हद तक एक इंसान और एक नागरिक के रूप में पहचाना भी गया।
किंतु यह लड़ाई आज भी जारी है ...
किन्तु सही मायने में महिलाएं एक सम्मानजनक जीवन का हक़ पाने की लड़ाई आज भी लड़ रहीं हैं ।‌
भूख , ग़रीबी , मंहगाई और बेरोज़गारी ने महिलाओं की कमर तोड़ दी है वहीं हिंसा की वीभत्स घटनाओं ने उन्हें घर बाहर हर जगह असुरक्षित कर दिया है ।‌ उपभोक्तावादी संस्कृति ने औरत को भी एक "चीज़" के रूप में बदल दिया है । आये दिन अपनी बहन बेटियों पर बर्बर हिंसा की घटनाओं को लेकर हम खौफ में रहते हैं ।‌आज की सबसे भयानक तस्वीर है कि अपराधियों को भी उनकी जाति मज़हब और उनके राजनैतिक पक्ष के मुताबिक देखा जाता है ।‌ बलात्कार के अपराधी सज़ायाफ्ता बाबाओं का पैरोल पर जेल से बाहर आकर चुनाव प्रचार करना या प्रवचन करना जैसे एक आम बात होती जा रही है ।‌ एक ओर नई टेक्नोलॉजी से विकास के मापदंड तय हो रहे हैं वहीं दूसरी ओर पाखंड और अंधविश्वास के दल-दल में महिलाओं को धकेलने की साजिश हो रही है ।‌ आजकल पाखंडी बाबाओं का धंधा खूब फल-फूल रहा है जिनकी सबसे आसान शिकार महिलाएं हैं जिन्हें भ्रमित कर उनकी बुनियादी मुद्दों की असली लड़ाई को ये बाबा कमज़ोर कर रहे हैं ।‌धार्मिक आस्था हर व्यक्ति का अपना व्यक्तिगत अधिकार का इस्तेमाल राजनैतिक लाभ लेकर भीड़ तंत्र की की राजनीति को जन्म मिला है। उत्तराखंड में लागू यूसीसी कानून जिसे महिला हितैषी बताया गया है जबकि वह महिला के व्यक्तिगत स्वतंत्रता को खत्म कर उसकी निजता पर हमला है, आदिवासी समाज , सम लेगिंग वर्ग को भी इससे दूर रखा गया है। जिसे से खारिज़ किया जाना जरूरी है। विभिन्न मांगों कर एक मांग पत्र जारी किया गया।
गोष्ठी में लघु उद्यम से जुड़ी तिलु रौतेली पुरस्कार प्राप्त अल्पसंख्यक वर्ग कि महिला श्रीमती रेशमा, वन संरक्षण में सराहनीय कार्य करने वाली वन अग्नि प्रबंधन समिति कलेत ताकुला की फायर फाइटर रुचि भंडारी, एवं नव निर्वाचित ख़गमरा कोट पार्षद श्रीमती मधु बिष्ट, बार असोसिएशन महिला उपाध्यक्ष श्रीमती भावना जोशी को सम्मानित किया गया।
गोष्टी कार्यक्रम की मुख्य वक्ता मुख्य अतिथि पार्षद मधु बिष्ट,सुनीता पाण्डे , राधा नेगी,आशा, अंजुम, मंजू पंत भावना जोशी, ऋतु रावत, कांता नेगी हर्षिता जोशी, बीना कर्नाटक , ममता वर्मा, इंदु राज, भोजन माता हेमा अधिकारी, रेशमा, जया पाण्डे , सरस्वती, मंजू रौतेला, पद्मा गोस्वामी, दीपा जोशी ने सम्बोधित किया, एवं संचालन जनवादी महिला समिति की अनीता कनवाल एवं भानु पाण्डे ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में सैकड़ों महिलाओं ने भागेदारी की और महिला एकजुटता दिखाई।

Address

81, New Park Road Gandhigram, Kanwali
Dehra Dun
248001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when All india democratic women association uttarakhand posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to All india democratic women association uttarakhand:

Share