05/07/2026
भोली आँखों वाला दिख रहा ये शख्स "आयुष मलिक"! इसकी मासूमियत पर मत जाइए, ये लौंडा पूरा घाघ है।
एक साज़िश के तहत ये हमज़ा अली मज़ारी बनकर दुश्मन खेमे में उतरता है। उनके रस्मो-रिवाज, तौर-तरीके अपनाकर उनका दिल जीत लेता है। उनकी लड़की से निकाह कर लेता है। दो साल तक उनकी हसीन लड़की के साथ खाट-कबड्डी का गुप्त खेल खेलता है। 💕
फिर एक दिन अचानक ये और इसके लोग बड़ा खुलासा करते हैं। ये सीना ठोककर कहता है कि मैं मोमिन हो गया हूँ दोस्तों। आज से मेरा नाम मोहम्मद अली माना जाए। मोमिन हो जाना इस दुनिया का सबसे बड़ा, अज़ीज़, महान और सबाब का काम है। 😎😍🥰
मोमिन खेमे में खुशी, जोश और उत्साह की लहर दौड़ जाती है। कुछ मोमिन कपड़े निकालकर सड़क पर नं@गे नाचने लगते हैं। एक ही दिन में ये मोमिनों का हीरो और का@फिरों का दुश्मन नंबर 1 बन चुका था। 🔥
उन दिनों का@फिर खेमे में मची अफरा'तफरी और भगदड़ से खुश मोमिन अल्लाह का शुक्रिया अदा ही कर रहे होते हैं कि तभी एक भूचाल आ जाता है।😱
ये भोली आँखों वाला का@फिर और इसके का@फिर खेमे के लोग मामला पुलिस तक ले जाते हैं। विवाद बढ़ता है, पर ये भोली आँखों वाला शख्स फिर भी अपने दावे पर अड़ा रहता है कि मैं मोमिन हो गया तो बस हो गया। अब मोमिन ही रहूँगा भाईजान । ☺️💕🥰
कुछ मोमिन लोग पुनः कपड़े निकाल सड़क पर नं@गे हो नाचने लगते हैं। 🤡😍
पुलिस इसकी बीवी, उसके अब्बा समेत 10 मोमिन लोगों को जेल में धर लेती है। लाइन में लगा सबके चबूतरे पर झाड़ू फिरा देती है।
तभी ये भोली आँखों वाला शख्स अपना आख़िरी दांव खेलता है। अचानक ये मोमिन खेमे को अकेला छोड़कर वापस का@फिर खेमे में कूद दलबदल कर लेता है। बाल मुंडवाकर, दाढ़ी कटवाकर पुनः सनातनी बन जाता है। 😎
आज इसकी वजह से 10-12 मोमिन जेल में चबूतरे पर झाड़ू फिरवा रहे हैं। एक मासूम हसीन मोमिन लड़की इस सड़ी गर्मी में जेल में बंद त्राहिमाम कर रही है। 😭
मगर ये भोली आँखों वाला शख्स अपने गंजे सिर में नवरत्न तेल रगड़कर, मस्त खा-पीकर अपने घर में AC के सामने पड़ा हुआ जम्हाइयाँ ले रहा है।😌
मोमिन खेमें में जो लोग कपड़े निकाल कर नं@गे नाच रहे थे वो अचानक हुए इस हमले से आहत हैं। दोनों हाथों से अपनी आबरू ढके, अपने कपड़े तलाश कर रहे हैं।😭
आयुष मलिक उर्फ हमजा अली मज़ारी।
जाट मरा तब जानियो, जब तेरहवीं हो जाए। 💀🔥