06/02/2026
संपूर्ण राष्ट्र, संपूर्ण मिथिला, और पोखराम गाँव के लिए यह क्षण अत्यंत गौरवपूर्ण, आनंददायक और भाव-विभोर करने वाला है। आज श्री जगन्नाथ मंदिर, हौज खास में ओड़िया संस्कृति, सभ्यता, साहित्य और जीवन-दर्शन के केंद्रबिंदु महाप्रभु श्री जगन्नाथ पर आधारित अनुपम कृति “भगवान जगन्नाथ: अध्यात्म एवं विज्ञान के विलक्षण संगम” के हिंदी एवं अंग्रेज़ी संस्करणों का विधिवत विमोचन केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान जी के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। यह अवसर हम सभी के लिए निश्चय ही एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
इस श्रेष्ठ ग्रंथ के लेखक शिक्षा-जगत में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे प्रख्यात शिक्षाविद, गहन अध्येता एवं प्रकांड विद्वान, तथा पोखराम ग्राम के गौरव—श्री भागीरथ झा जी हैं। उनकी यह कृति मात्र एक पुस्तक नहीं, बल्कि अध्यात्म और विज्ञान के सार्थक समन्वय के माध्यम से सनातन चेतना को समझने का एक गंभीर, मौलिक और दूरदर्शी बौद्धिक प्रयास है, जो श्री जगन्नाथ परंपरा की दार्शनिक गहराइयों को समकालीन संदर्भों में प्रभावशाली ढंग से उद्घाटित करती है।
यह रचना ओड़िया संस्कृति की आत्मा, भारतीय सभ्यता की अविच्छिन्न परंपरा तथा सनातन जीवन-मूल्यों की वैज्ञानिक और आध्यात्मिक व्याख्या प्रस्तुत करती है, जो पाठकों, शोधार्थियों और भावी पीढ़ियों के लिए समान रूप से प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी।
इस पावन एवं दूरदर्शी प्रयास के लिए समस्त सनातन धर्मावलंबियों, महाप्रभु श्री जगन्नाथ के अनन्य भक्तों तथा करोड़ों राष्ट्रवासियों एवं नवभारत युवा सामाजिक संगठन की ओर से आदरणीय श्री भागीरथ झा जी को कोटि-कोटि साधुवाद, हार्दिक अभिनंदन एवं मंगलकामनाएँ।
महाप्रभु श्री जगन्नाथ आपकी लेखनी को सदैव लोकमंगल और राष्ट्रहित के पथ पर प्रेरित करते रहें—यही हमारी विनम्र प्रार्थना है।