Jan Kalyan Shikshan Prasar Samiti

Jan Kalyan Shikshan Prasar Samiti Establishment of a society in which every individual regardless of caste, creed and religion can live a life of self-reliance free from poverty and fear.

27/03/2026

जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति चित्रकूट द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के फोटो तथा वीडियो ग्राफ्स

24/03/2026

बाल विवाह मुक्त भारत मिशन 2030

24/03/2026

संस्था द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न कार्यक्रमों के फोटोग्राफ्स तथा वीडियो

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने दी कौशाम्बी जनपद से बाल विवाह के खात्मे के प्रयासों को रफ्तार• जागरूकता का संदेश देने के लिए कौ...
09/03/2026

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने दी कौशाम्बी जनपद से बाल विवाह के खात्मे के प्रयासों को रफ्तार

• जागरूकता का संदेश देने के लिए कौशांबी जिले के गांवों और कस्बों में घूमा ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’

• बाल विवाह के खिलाफ तीन चरणों में चले अभियान में धर्मगुरुओं, छात्रों, पंचायतों व वैवाहिक समारोहों में सेवाएं देने वालों को जोड़ा

• लोगों को दिलाई बाल विवाह के खिलाफ शपथ और दी कानूनी पहलुओं की जानकारी

• बाल विवाह बच्चों से बलात्कार है और कानून की नजर में दंडनीय अपराध

भारत सरकार के केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की पहल पर चले 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के तहत कौशांबी जिले के गांवों व कस्बों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहे ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की यात्रा के समापन के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के कार्यक्रम में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति ने कहा कि हमारे प्रयासों को मिली प्रतिक्रिया से हम आश्वस्त हैं कि बाल विवाह मुक्त कौशाम्बी और बाल विवाह मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करते के बेहद करीब हैं। जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति बाल अधिकारों की सुरक्षा ‌व संरक्षण के‌ लिए जमीन पर काम कर रहे 250 से भी ज्यादा नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है।
कौशाम्बी जिले में बाल विवाह मुक्ति रथ को *कौशाम्बी सांसद माननीय पुष्पेन्द्र सरोज* ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इन 30 दिनों में बाल विवाह मुक्ति रथ ने पूरे जिले के प्रमुख स्थलों की यात्रा की। यह रथ 80 से अधिक गांवों तक पहुंचा और हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ अभियान से जोड़ा।
‘बाल‌ विवाह मुक्त भारत’ अभियान के साल भर पूरा होने के अवसर पर भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने चार दिसंबर, 2025 को देशव्यापी ‘100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान’ का एलान किया था। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठनों ने इस अभियान‌ की मोर्चे से अगुआई करते हुए देश के 439 जिलों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश‌ देने‌ के लिए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ निकाले। इस रथ ने कौशांबी जिले के तमाम गांवों और कस्बों में घूम-घूम कर लोगों को बाल विवाह के स्वास्थ्य, शिक्षा व आजीविका पर दुष्परिणामों से अवगत कराया और इसके कानूनी पहलुओं की जानकारी देते हुए समझाया कि बाल विवाह दंडनीय अपराध है। प्रमुख सड़कों और बेहतर पहुंच वाले मार्गों से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ गुजरे, जबकि संपर्क के लिहाज से मुश्किल सुदूर गांवों तक मोटरसाइकिल व साइकिल कारवां के जरिए पहुंचा गया ताकि बाल विवाह मुक्त कौशाम्बी का संदेश सबसे आखिरी छोर तक पहुंच सके।
जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति के सचिव शंकर दयाल ने बाल विवाह के खिलाफ इस 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान और इसके तहत निकाले गए ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा, “यह कोई प्रतीकात्मक यात्रा नहीं थी। यह पहियों पर बदलाव का संदेश था जिसे लोगों ने स्वीकार किया और सराहा। अब लगभग पूरी सभ्य दुनिया ने हमारी यह बात मान ली है कि बाल विवाह कोई सामाजिक कुप्रथा नहीं बल्कि विवाह की आड़ में बच्चों से बलात्कार है। यह एक अपराध है और कानूनन दंडनीय है। बाल विवाह किसी भी बच्ची के जीवन के पुष्पित-पल्लवित होने की संभावनाओं को ही खत्म कर देता है और बच्चियों को कुपोषण, अशिक्षा व गरीबी के दुष्चक्र में धकेल देता है।”
उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से यह अभियान एक व्यापक जनभागीदारी वाले जन अभियान में तब्दील हो गया। सभी के सहयोग से बाल विवाह के खात्मे के लिए कानून, सुरक्षा और जवाबदेही के संकल्प को हम जनसमुदाय तक ले गए ताकि बाल विवाह मुक्त कौशांबी का लक्ष्य वास्तविकता में बदल सके।
तीन चरणों में चले इस अभियान के पहले चरण में शैक्षणिक संस्थानों व दूसरे चरण में धर्मगुरुओं को जोड़ा गया और उनसे अनुरोध किया गया कि वे विवाह संपन्न कराने से पूर्व आयु की जांच कर लें और बाल विवाह संपन्न कराने से इनकार करें। साथ ही, कैटरर्स, सजावट वालों, बैंक्वेट हाल मालिकों व विवाह में सेवाएं देने वाले बैंड वालों, घोड़ी वालों से संपर्क कर अनुरोध किया गया कि वे बाल विवाह में अपनी सेवाएं नहीं दें क्योंकि बाल विवाह में किसी भी रूप में शामिल होने या सहयोग देने पर उन्हें सजा हो सकती है। तीसरे चरण में जिले की पंचायतों में जागरूकता अभियान चलाया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का समापन किया गया।

23/02/2026
जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश)बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ यात्रा का शुभारंभ तहसील परिसर कर्वी स...
22/02/2026

जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश)
बाल विवाह मुक्ति जागरूकता रथ यात्रा का शुभारंभ तहसील परिसर कर्वी से*
चित्रकूट, दिनांक 21 फरवरी 2026
जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) द्वारा बाल विवाह मुक्त भारत के सन्दर्भ में जागरूकता बैठक का आयोजन सांसद श्रीमती कृष्णा देवी पटेल जी की अध्यक्षता में तहसील परिसर कर्वी चित्रकूट में किया गया।*
कार्यक्रम की रुपरेखा एवं पृष्ठभूमि रखते हुए संस्था के सचिव शंकर दयाल ने बाल विवाह मुक्त भारत अभियान जस्ट राईट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोग से पूरे भारत वर्ष में संचालित किया जा रहा है, जनपद चित्रकूट में जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति द्वारा इस कार्यक्रम को पिछले 1 वर्ष से जनपद में और विशेषकर विकासखण्ड रामनगर में बाल विवाह जागरूकता पर कार्यक्रम संचालित कर रही है।
शंकर दयाल ने यह बताया कि भारत सरकार द्वारा बच्चों के अधिकारों की रक्षा हेतु विभिन्न मंत्रालयों एवं सामाजिक संगठनों के सहयोग से अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जनपद में जिलाधिकारी महोदय जी द्वारा विकासखण्ड मानिकपुर के ग्राम पंचायत कोठिलिहाई से शुरुआत की गई और महोदय के कुशल मार्गदर्शन पर ग्रामीण सुदूर अंचलों में जन चौपालों के माध्यम से सघनरूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहा है। इन्हीं प्रयासों की कड़ी में “100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति चित्रकूट उत्तर प्रदेश द्वारा प्रारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर व्यापक जनजागरूकता फैलाकर बाल विवाह की घटनाओं को रोकना एवं ग्राम पंचायतों में विशेष अभियान चलाकर 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) से कुछ पंचायतों को चिन्हित करके 'बाल विवाह मुक्त पंचायत' घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई बार सरकारी योजनाओं और कानूनों की जानकारी लोगों तक नहीं पहुँच पाती। ऐसे में जागरूकता हेतु बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा एक सशक्त माध्यम के रूप में उभरती है। बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा के माध्यम से गाँव-गाँव जाकर जनसंवाद, पोस्टर, पम्पलेट, ऑडियो संदेश, शपथ कार्यक्रम तथा सामुदायिक बैठकें आयोजित की जायेंगी, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक संदेश पहुँच सके। जागरूकता रथ यात्रा सामाजिक परिवर्तन की दिशा में सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का एक प्रभावी प्रयास है। यह अभियान केवल कानून की जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में मानसिकता परिवर्तन, बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने तथा शिक्षा और सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद महोदया ने कहा कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है, जो बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती है। इसे समाप्त करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक एवं सक्रिय भूमिका निभानी होगी और सांसद जी द्वारा बाल विवाह न करने, न शामिल होने के सन्दर्भ में उपस्थित सभी लोगों को शपथ भी दिलाई गई।
उप जिलाधिकारी महोदया सुश्री पूजा साहू जी ने कहा कि प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की सूचना मिलने पर त्वरित कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की सूचना तत्काल प्रशासन अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें।
जिला प्रोबेशन अधिकारी महोदया ने बताया कि जनपद में पहली बार दिनांक 20 फ़रवरी 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन, नीति आयोग जिला समन्वयक सुश्री पूजा जी और जन कल्याण शिक्षण प्रसार समिति के सहयोग से जिला न्यायालय से बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम अन्तर्गत बाल विवाह के सन्दर्भ में इंजेक्शन आर्डर जारी करवाया गया है।
संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि रथ यात्रा के माध्यम से विभिन्न ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति समुदाय को जागरूक करना, बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना। यह रथ यात्रा आगामी दिनों में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर बाल विवाह उन्मूलन के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करेगी।
बैठक के पश्चात् बाल विवाह मुक्त भारत के संकल्प को साकार बनाने हेतु रथ यात्रा को *तहसील परिसर कर्वी से लोकप्रिय सांसद श्रीमती कृष्णा देवी पटेल जी द्वारा हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया गया।*
इस अवसर पर माननीय पूर्व मंत्री श्री शिवशंकर सिंह जी सहित उप जिलाधिकारी सुश्री पूजा साहू, तहसीलदार श्री चन्द्रकान्त तिवारी जी, जिला प्रोबेशन अधिकारी श्रीमती प्रगति गुप्ता जी, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री राकेश माथुर, क्षेत्राधिकारी नगर कर्वी श्री अरविन्द कुमार वर्मा जी, खंड विकास अधिकारी कर्वी श्रीमती महिमा विद्यार्थी, चाइल्ड हेल्पलाइन से परियोजना समन्वयक श्री विशेष त्रिपाठी जी एवं जिला प्रोबेशन कार्यालय से श्री सौरभ सिंह, श्रीमती प्रिया माथुर, वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी श्रीमती अर्चना साहू जी तथा संस्था के कार्यकर्ता श्री कमला शंकर शुक्ला, श्री आदित्य कुमार, श्री मुदित कुमार एवं श्री पुष्पेंद्र सिंह जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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