Nirvana Foundation

Nirvana Foundation Nirvana Foundation is a Not for Profit - Non Government Organization based out of Chhatarpur, Madhya Pradesh, India.

Nirvana Foundation is a Not for Profit - Non Government Organization that aims to
provide shelter to destitute Children, underprivileged Women and Senior Citizens of
our society, regardless of their religion, caste or social status

"सीता राम चरण रति मोरे, अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरे"परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा एक और लावारिस...
17/01/2026

"सीता राम चरण रति मोरे, अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरे"

परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा एक और लावारिस, अनाथ, मानसिक विक्षिप्त महिला का घर परिवार खोजकर उसे सुरक्षित उसके तीन साल के बच्चे और माँ के पास जिला वारंगल, तेलंगाना पंहुचा दिया गया |

दिनांक 18/9/2025 को ग्राम टटम, थाना महाराजपुर, जिला छतरपुर द्वारा एक अनाथ, लावारिस, मानसिक विक्षिप्त महिला जो की अपना नाम शालिनी बता रही थी, जिसे लावारिस हालत में आश्रय हेतु निर्वाना फाउण्डेशन संस्था छतरपुर में लाया गया था | महिला को जब लाया गया था तब उसके शरीर एवं कपड़ो से बहुत ज्यादा बदबू आ रही थी, बालो में जटाए पड़ी हुई थी, गले में रुद्राक्ष की माला और बहुत सारी तुलसी जी की माला डाल राखी थी | हाथ में एक छोटा सा बैग था जिसमे एक समोसा, एक सेब और कुछ कांच की टूटी हुई चूड़िया डली हुई थी |महिला को संस्था में प्रवेश देने के बाद तुरंत नहला – धुलाकर साफ़ कपड़े पहनाकर और भोजन करवाया गया | तीन दिनों तक लगातार उसकी देखभाल करने के बाद जब शालिनी के बताये अनुसार मोबाइल नंबर पर जब उसके भाई श्रीनिवास से बातचीत की गई तब पता चला की महिला का नाम सुनीता रामेश्वरम है (उम्र 34 वर्ष) और वह लोग इसाई धर्म को मानते है, जो की थाना गाँधी नगर, हैदराबाद की रहने वाली है | सुनीता के पिता का स्वर्गवास आठ साल पहले हो गया था और सुनीथा के पति ने भी उसे दो साल पहले छोड़ दिया था, सुनीथा का एक तीन साल का बेटा है जो की अपनी नानी के पास रहता है | पति से रिश्ता टूटने के बाद सुनीता की मानसिक स्तिथि ख़राब होती गई और वह अपने बेटे के साथ अपनी माँ के घर पर रहने लगी |

दिनांक 10 मई 2025 को सुनीता की माँ, सुनीता और उसके बेटे को लेकर हैदराबाद के पास एक बहुत बड़े चर्च में प्रार्थना करने के लिये ले गई और वहां पर चर्च में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण सुनीता अपने परिवार से बिछड़ गई और बहुत खोजेने के बाद भी जब सुनीता नहीं मिली, तो परिवार ने दिनांक 13/05/2025 को थाना धर्मासागर, जिला हनुमाकोंडा, तेलंगाना में जाकर सुनीता की गुमशुदगी की रिपोर्ट (FIR) करवाई |

पूरा परिवार और पुलिस प्रशासन सुनीता को पिछले चार महीने से खोज रहा था और जब सुनीता के बारे में फ़ोन द्वारा परिवार जन को जानकारी मिली तो सभी बहुत खुश हो गए और फ़ोन पर बहुत रोने लगे |

सुनीता का परिवार ग़रीब और आर्थिक कमज़ोर होने के कारण वह लोग आने में अस्मर्थ थे, जिस कारण थाना धर्मासागर, जिला हनुमाकोंडा, तेलंगाना पुलिस को संपर्क किया गया और उन्हें छतरपुर आकार सुनीथा को ले जाने के लिये निवेदन किया गया और उन्हें छतरपुर आने का रास्ता बताया गया |

दिनांक 22/09/2025 को प्रधान आरक्षक (988) श्री बी. श्रीनाथ और महिला आरक्षक (3236) श्रीमती एम्. यमुना तेलंगाना से रेल द्वारा सतना होते हुए छतरपुर पहुचे और सारी कागजी कार्यवाही करने के बाद सुनीथा रामेश्वरम (शालिनी) को घर सुरक्षित उसके परिवार तक पहुचाने हेतु तेलंगाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया |

जय हिन्द.....जय भारत.......🙏🙏🙏

29/10/2025

“ जा पर कृपा राम की होई, ता पर कृपा करहिं सब कोई ”

कल बागेश्वर धाम पर पूज्य गुरुदेव महाराज पीठाधिश्वर पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के जन्मस्थली पर सत्यनारायण भगवान की कथा के दौरान, गुरुदेव महाराज जी के मुखारबिंद से निर्वाना फाउण्डेशन के प्रति उनके प्रेम और भाव को सुनकर एवं देखकर मन बड़ा भावुक हो गया और आखोँ से आँसू बहने लगे I

निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा पिछले लगभग नो वर्षो से दिन रात निस्वार्थ मानव सेवा के इस महापर्व की यात्रा को गुरुदेव महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ.....अभी तो बहुत सारा काम करना बाकि है.....लाखो प्रभु जी असहाय, लावारिस, भूखे प्यासे सड़को पर पड़े हुए है, जिनके लिए बालाजी सरकार के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से निर्वाना फाउण्डेशन का नया घर बनाया जा रहा है, ताकि कोई भी प्रभु जी भूखा प्यासा, बेसहारा और अनाथ ना रहे, सबके लिए निर्वाना फाउण्डेशन उनका घर परिवार हो, जहाँ पर वह सम्मान और प्यार से रह सके और उनको एक नया जीवन दिया जा सके I

जय हिन्द.....जय भारत.......जय श्री राम.....🙏🙏🙏

परम पिता परमेश्वर का एक बार फिर से धन्यवाद की उन्होंने एक लाचार और बेबस पिता की खोई हुई बिटिया को ढाई वर्ष के बाद जिंदा ...
12/10/2025

परम पिता परमेश्वर का एक बार फिर से धन्यवाद की उन्होंने एक लाचार और बेबस पिता की खोई हुई बिटिया को ढाई वर्ष के बाद जिंदा मिलवा दिया......!!

सोनिया चौहान, उम्र 24 वर्ष, जो की ग्राम तारा, कोशियारा, पलागु थाना हैदरनगर, झारखंड की रहने वाली है, जिसका पिता विजय चौहान परिवार के भरण पोषण के लिये सिंगरोली और धनबाद में कोयले की खदान में काम करता है, सोनिया की माँ का बीमारी के कारण 2009 में स्वर्गवास हो गया था, जब सोनिया सिर्फ आठ साल की थी, उसके बाद वह अपने दादा दादी के पास रही, 2015 तक दादा दादी का भी स्वर्गवास हो गया, तब उसके पिता ने सोनिया को उसके नाना नानी के पास पंहुचा दिया, जहाँ से उसने अपनी 9वी कक्षा की पढाई पूरी की और 10वी कक्षा तक आते आते 2021 में उसके नाना नानी भी खत्म हो गये, जिस कारण वह अपनी 10वी कक्षा की परीक्षा नहीं दे पाई थी I

एक मजबूर पिता थक हार कर अपनी बेटी को वापस गाँव लेकर आ गया और उसे अपने भाई और सगे सम्बन्धी के भरोसे छोड़ कर बाहर काम करने चला गया I सोनिया के चाचा चाची और रिश्तेदार सभी लालची प्रवर्ती के थे I घर, सम्पति और ज़मीन जायजाद के लालच में उसे अकेला पाकर उन लोगो ने सोनिया को जादू टोना, झाड़फूँक कर मानसिक तौर पर उसे प्रताड़ित करने लगे और उसे मानसिक बीमार करके घर पर जो भी गहने और पैसे थे वह सब लूट लिया I सोनिया के पिता को जब यह सब पता चला तो वह गाँव आकर अपनी बेटी को मिला और उसकी हालत देखकर बहुत दुखी हुआ और उसे इलाज़ हेतु रांची के मानसिक आरोग्यशाला ले कर गया, जहाँ पर कुछ दिनों तक सोनिया का इलाज़ करवाने के बाद वह उसे शहडोल जिला के एक बड़े मनोचिकित्सक (Psychiatrist) को भी दिखाया, परन्तु सोनिया को ज्यादा कुछ आराम नहीं मिला I

दिनांक 1 मई 2023 को सोनिया अपने पिता के साथ जिला उमरिया के पाली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतज़ार कर रही थी, तब उसके पिता को नींद आ गयी और सोनिया की मानसिक अवस्था ठीक न होने के कारण वह वहा से निकल गयी, जिसके बाद उसके पिता ने उसे हर जगह खोजा, दो तीन बार कटनी और सिंगरोली भी खोजने गये लेकिन सोनिया कही भी नहीं मिली I

दिनांक 10 मई 2023 को सोनिया चौहान लावारिस और मानसिक विक्षिप्त हालत में खजुराहो रेलवे स्टेशन पर मिली थी, जिसकी सुचना बमीठा थाने को दी गयी और पुलिस एवं चाइल्डलाइन की मदद से सोनिया को मननिर्वाना फाउण्डेशन संस्था, छतरपुर में लाया गया था I जब सोनिया को संस्था में लाया गया था, तब उसकी मानसिक हालत बहुत ख़राब थी, शरीर से बहुत ज्यादा बदबू आ रही थी, एक जोड़ी कपड़े पहने हुए थी, इसके अलावा उसके पास कोई भी सामान नहीं था I एक साल तक सोनिया ने बहुत तंग किया, दिन भर चिल्लाती रहती थी, गालिया देती थी, सारे कपड़े फाड़ देती थी, दांत काटती थी, कभी पेड़ पर तो कभी दिवार पर चढ़ जाती थी, हर रोज उसे पकड़ कर मना कर खाना खिलाना पड़ता था I फिर धीरे धीरे प्यार, सेवा और मानसिक इलाज़ के द्वारा सोनिया में बदलाव आने लगा और वह ठीक होने लगी और उसे सब कुछ याद आने लगा I उसने अपने गाँव, घर परिवार और पिता का नाम बताया और उसके बाद संस्था द्वारा थाना हैदरनगर, झारखण्ड को संपर्क किया गया और मदद मांगी गयी I शीघ्र ही पुलिस द्वारा उसके घर परिवार को खोज लिया गया और उसके पिता से बात करवाई गयी, तब जाकर सोनिया के बारे में सब कुछ पता चल सका I

आज ढाई वर्ष के बाद 10 अक्टूबर 2025 को, सोनिया के पिता विजय चौहान ने जब अपनी खोई हुई बेटी को देखा तब वह अपने आंसूओं को रोक नहीं पाए और दोनों पिता बेटी एक दूसरे के गले लगकर ख़ूब रोये और बेटी को जीवित और एकदम स्वस्थ देखकर, उसे एक नया जीवन देने के लिए निर्वाना फाउण्डेशन संस्था का बहुत बहुत धन्यवाद और आभार व्यक्त किया I

ढाई वर्ष तक सोनिया बिटिया की सेवा और परवरिश करने के बाद आज बिटिया को निर्वाना फाउण्डेशन परिवार, जो की उसका माइका था, सारी कागज़ी कार्यवाही करने के बाद उसे बिदा कर दिया......ईश्वर हमेशा उसे खुश और स्वस्थ रहे I

जय हिन्द......जय भारत......🙏🙏

आखिरकार सुशीला को मिल ही गया अपना खोया हुआ परिवार.........!! सुशीला, उम्र 25 वर्ष, जो की एक मानसिक विक्षिप्त महिला है, ज...
01/08/2025

आखिरकार सुशीला को मिल ही गया अपना खोया हुआ परिवार.........!!

सुशीला, उम्र 25 वर्ष, जो की एक मानसिक विक्षिप्त महिला है, जो की नेपाल जिला रोल्पा की रहने वाली है, पिछले 22 सालों से सुशीला के माता पिता और पूरा परिवार पानीपत, हरियाणा में रहता है और अपना भरण पोषण करता है | पिता दिनेश बहादुर, माँ सरिता पानीपत के पास पोल्ट्री फार्म में कई सालो से काम करते हैं | सुशीला की एक छोटी बहन, दो छोटे भाई हैं जो पानीपत में ही रहते है | सुशीला की छोटी बहन की शादी हो गई है, दोनों छोटे भाई पढाई करते हैं | सुशीला का विवाह छ: वर्ष पहले सोनू श्रेष्ठ से हुआ था, जो की पानीपत मे पोल्ट्री फार्म मे काम करता है | सुशीला के दो छोटे बेटे जो की चार वर्ष और दो वर्ष के हैं, एक छोटी बेटी जो कि अभी सिर्फ छ: माह की है| बिटिया के जन्म के पश्चात् पिछले छ: माह से सुशीला की मानसिक अवस्था धीरे धीरे बिगड़ने लगी थी, जिस कारण वह आयदिन अपने घर वालो पर चिल्लाती थी और झगड़ा करती थी |

दिनांक 1 मई 2025 को उसकी छोटी बहन शर्मीला और जीजा विक्रम राणा और पति सोनू श्रेष्ठ उसे मंदिर के दर्शन करवाने कुरुक्षेत्र लेकर गए थे | दर्शन के बाद चारो ने कुरुक्षेत्र से खजुराहो आने वाली ट्रेन को पकड़ा, जो की पानीपत होते हुए आती हैं | पानीपत स्टेशन आने पर छोटी बहन शर्मीला, जीजा विक्रम राणा, पति सोनू श्रेष्ट तीनो रेल गाड़ी से उतर गये, और सुशीला को उतारने की बहुत कोशिश की लेकिन बहुत गुस्से मे होने के कारण सुशीला अपने पति और बहन से लड़ाई झगड़ा करने लगी, और जोर जोर से चिल्लाने लगी, और मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण बहुत ज़ोर जबरजस्ती करने पर भी वह ट्रेन से नही उतरी | इतने में ट्रेन पानीपत स्टेशन से चल पड़ी, और उसके परिवार वाले सुशीला को ट्रेन से नहीं उतार पाये | उसके तुरंत बाद परिवार वाले टैक्सी से अगले स्टेशन तक पहुचें लेकिन तब तक ट्रेन वहाँ से भी निकल चुकी थी | उसके बाद परिवार वाले थक हार कर रेलवे पुलिस के पास रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँचे, परन्तु रेलवे पुलिस ने यह कह कर कि वह तीन बच्चों की माँ है, अपने आप वापस आ जायेगी, रिपोर्ट दर्ज नहीं की |

सुशीला उसी ट्रेन में बैठकर दिनांक 2 मई की सुबह छतरपुर आ गई थी, और दिनभर छतरपुर स्टेशन में लावारिस हालत में घूमने के बाद रात को लगभग 10 बजे स्थानीय लोगों द्वारा थाना सिविल लाईन को सुशीला के बारे में सूचित किया गया | पुलिस द्वारा सुशीला को लावारिस हालत में छतरपुर रेलवे स्टेशन से
थाने ले जाया गया | बहुत पूछताछ करने के बाद भी सुशीला को अपने घर परिवार वालो के बारे में कुछ भी याद नहीं था | जिसके पश्चात थाना सिविल लाईन द्वारा सुशीला को आश्रय हेतु वनस्टॉप सेंटर छतरपुर पंहुचा दिया गया था | तीन दिन वनस्टॉप सेंटर छतरपुर मे रहने के बाद मानसिक विक्षिप्त होने के कारण वनस्टॉप सेंटर छतरपुर द्वारा सुशीला को रखने में असमर्थता जताई गई, जिस कारण सिविल लाईन थाना द्वारा दिनांक 6.05.2025 को सुशीला को आश्रय हेतु निर्वाना फाउण्डेशन संस्था में लाया गया |

निर्वाना फाउण्डेशन संस्था मे आने के बाद सुशीला जो की एक मानसिक विक्षिप्त महिला थी, जिस कारण शुरू के 10-15 दिन उसने बहुत ज्यादा तंग किया| सुशीला दिन भर गाली ग़लोज करती थी, चिल्लाती थी और बार-बार भागने की कोशिश करती थी| सुशीला की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल में पदस्थ मनो चिकित्सक डॉ आनंद त्रिपाठी जी को दिखाया गया और दवाईयां शुरू की गई, जिसके पश्चात धीरे- धीरे सुशीला में बदलाब आने लगा और वह शांत रहने लगी | थोड़ा ठीक होने के पश्चात सुशीला ने अपने घर परिवार और बच्चो के बारे में बताया, कि वह पानीपत के सिवा बस स्टैंड के पास गढ़ी गाँव में अपने परिवार के साथ रहती है और उसने कुछ कुछ रास्ते भी बताये | उसका जीजा विक्रम राणा धागे की फैक्ट्री में काम करता है, और पति सोनू पोल्ट्री फार्म में काम करता है, बार-बार वह अपने तीनो छोटे बच्चो को याद करके बहुत रोती थी और अपने घर पानीपत जाने की बहुत जिद करती थी | सुशीला को अपने घर परिवार वालो में से किसी का भी मोबाइल नंबर याद नहीं था

सुशीला के बताये अनुसार संस्था द्वारा पानीपत पुलिस से संपर्क किया गया और सिवा बस स्टैंड के नजदीकी पुलिस थाने में मोबाइल द्वारा सुशीला की फोटो और सारी जानकारी भेजी गई ताकि उसका घर परिवार मिल जाये, लेकिन एक सप्ताह के बाद भी पानीपत पुलिस द्वारा सुशीला के घर परिवार के बारे में कोई भी जानकारी नहीं मिल पाई, जिस कारण संस्था द्वारा यह निर्णय लिया गया की उसे अपनी स्वयं की गाड़ी से पानीपत ले जाया जाये और वहाँ पर पहुँचने के बाद वह शायद अपने घर परिवार को खोजने में हमारी मदद कर पाये |

तीन दिन पहले परिवारिक मित्र श्री बी.एस. गोचर जी , जो की नेशनल फ़र्टिलाइज़र लिमिटेड (NFL) पानीपत में कार्यरत है, जिनसे सुशीला के घर परिवार को खोजने की मदद मांगी गई और उन्हें मोबाइल द्वारा सुशीला की फोटो एवं अन्य जानकारी भेज दी गई |

तीन दिन तक सफलता न मिलने के कारण कल सुबह दिनांक 20.06.2025 को निर्वाना फाउण्डेशन के संस्थापक श्री संजय सिंह और श्रीमति अपराजिता सिंह अपने स्वयं की गाड़ी से सुबह 6 बजे सुशीला को लेकर पानीपत के लिये निकल पड़े | जैसे ही वह लोग झांसी के समीप पहुचे तभी पानीपत से श्री बी.एस. गोचर जी का सुबह आठ बजे फोन आया कि सर मै गढ़ी गाँव में एक बार फिर से सुशीला का घर परिवार खोजने आया हूँ | तब तुरंत दिमाग में यह विचार आया कि क्यों न विडिओ कॉल के माध्यम से सुशीला के घर परिवार को खोजा जाए और तुरंत ही श्री गोचर जी को विडिओ कॉल से संपर्क किया गया और लगभग एक घंटे की मेहनत के पश्चात, सुशीला द्वारा बताये गए जगह और रास्ते के माध्यम से ईश्वर ने सुशीला की छोटी बहन शर्मीला का घर मिलवा दिया | डेढ महिने के बाद अपने घर परिवार वालो से बातचीत करने के बाद सभी लोग बहुत रोने लगे और उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा | जिसके लिए श्री .बी.एस. गोचर जी का कोटि-कोटि धन्यवाद, जिन्होंने सुशीला के घर परिवार को खोजने में हमारी मदद की |

पिछले डेढ महीने तक लगातार सुशीला के घर परिवार द्वारा सुशीला को हर जगह बहुत खोजा गया, और कोई भी जानकारी न मिलने के कारण सुशीला के परिवार वाले बहुत निराश हो गए थे | सुशीला के माता पिता, छोटी बहन और सुशीला के तीनो बच्चे, सुशीला के लिए दिन रात बहुत रोते रहते थे | छः माह की छोटी सी बिटिया को माँ का दूध भी नसीब नहीं था |

परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद और निर्वाना फाउण्डेशन की सेवा और प्रार्थना के माध्यम से आखिर में सुशीला का घर परिवार मिल ही गया और आज दिनांक 21.06.2025 को सुशीला की माँ, छोटी बहन और जीजा उसे छतरपुर से पानीपत हमेशा के लिए अपने साथ ले जाने के लिए आये थे और सारी कागजी कार्यवाही करने के पश्चात सुशीला को उनके घर परिवार वालो को पानीपत ले जाने के लिए सुपुर्द कर दिया गया |

निर्वाना फाउण्डेशन संस्था के निस्वार्थ मानव सेवा एवं मेहनत के कारण एक मानसिक विक्षिप्त, लावारिस महिला सुशीला एकदम ठीक हो गयी और उसको अपना खोया हुआ घर परिवार और तीनो छोटे बच्चे वापस मिल गये |

न्यूज़ चैनल पेपटेक टाइम का बहुत बहुत आभार और धन्यवाद इस कहानी को देश दुनिया तक पहुचाने के लिये |

जय हिन्द.......जय भारत........🙏🙏🙏

Sanjay Singh

27/12/2024

निर्वाना फाउण्डेशन संस्था के भूमि पूजन एवं शिलान्यास महायज्ञ कार्यक्रम में दिनांक 11-12-2024 (बुधवार) को एकादशी के दिन श्री बागेश्वर धाम पीठाधिश्व्वर पूज्य गुरुदेव श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी ने अपने अनुबोधन में निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा पिछले आठ वर्षों से की जा रही निस्वार्थ मानव सेवा, त्याग और तपस्या के भाव को एक माला के रूप में पिरो कर दुनिया और पुरे समाज तक पहुचाया |

पूज्य गुरुदेव महाराज जी ने यहाँ तक अपने भाव व्यक्त किए की, जब तक उनके शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक श्री बागेश्वर धाम पीठ और निर्वाना फाउण्डेशन संस्था एक ही परिवार रहेगा, जिससे मानवता और आध्यात्म का समागम होगा और दोनों एक साथ मिल कर सेवा का कार्य करेंगे, जिसके लिये हम पूज्य गुरुदेव महाराज जी के चरणों में कोटि कोटि नमन करते है, की उन्होंने निर्वाना फाउण्डेशन संस्था द्वारा की जा रही निस्वार्थ मानव सेवा को ज़मीन से उठा कर, श्री बागेश्वर धाम बालाजी सरकार के चरणों तक पंहुचा दिया |

निर्वाना फाउण्डेशन के पिछले आठ वर्षो की कठिन यात्रा में पुरे देश और छतरपुर समाज के सभी लोगो का स्नेह, आशीर्वाद और सहयोग शामिल है, जिसके लिये निर्वाना फाउण्डेशन परिवार आप सभी का सदेव आभारी और कृतज्ञ रहेगा |

श्री अलोक चतुर्वेदी (पज्जन चाचा), श्री अजय पाल सिंह परमार (राव साहब) और श्री अंकुर यादव (चीफ़ ब्यूरो – पेपटेक टाइम्स) का हम सदेव ऋणी रहेंगे, जिन्होंने निर्वाना फाउण्डेशन संस्था द्वारा की जा रही मानव सेवा से पूज्य गुरुदेव श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज जी को जोड़ने में एक अहम भूमिका निभाई है |

श्री सीता राम......श्री बागेश्वर धाम सरकार की जय....सन्यासी बाबा की जय......🙏🙏🙏

जय हिन्द......जय भारत

21/12/2024

निर्वाना फाउण्डेशन संस्था द्वारा पिछले आठ वर्षों से की जा रही निस्वार्थ मानव सेवा के फलस्वरूप दिनांक 11-12-2024 (बुधवार) को एकादशी के दिन श्री बागेश्वर धाम पीठाधिश्व्वर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गुरुदेव महाराज जी के कर कमलों से वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा निर्वाना फाउण्डेशन आश्रम के आठ एकड़ ज़मीन पर भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया, जहाँ पर समाज के हर वर्ग, धर्म, सम्प्रदाय आदि के लोगों ने इस महायज्ञ में आकर अपना स्नेह और आशिर्वाद प्रदान किया, जिसके लिए हम उनका कोटि-कोटि धन्यवाद् और उनके प्रति आभार व्यक्त करते है |

भूमि पूजन के बाद, पूज्य गुरुदेव महाराज जी ने निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा पिछले आठ वर्षों से की जा रही निस्वार्थ मानव सेवा की हार्दिक प्रशंसा की और संस्था का संरक्षक बन कर हर संभव मदद करने की घोषणा की | उन्होंने यहाँ तक अपने भाव व्यक्त किए की, जब तक उनके शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक श्री बागेश्वर धाम पीठ और निर्वाना फाउण्डेशन संस्था एक ही परिवार रहेगा, जिससे मानवता और आध्यात्म का समागम होगा, और दोनों एक साथ मिल कर सेवा का कार्य करेंगे |

उन्होंने अपने व्यक्तव्य के दौरान समाज के हर वर्ग और धर्म के लोगों को इस महायज्ञ में शामिल हो कर निर्वाना फाउण्डेशन आश्रम के भवन निर्माण हेतु हर संभव मदद करने की प्रार्थना की, ताकी वहाँ पर जल्द ही अनाथ, बेसहारा, निराश्रित, दिव्यांग, मानसिक विक्षिप्त बच्चे, महिलाओं, पुरुषों और वृद्धजनों के लिए भव्य भवन का निर्माण कार्य किया जा सके |

पूज्य गुरुदेव महाराज जी के आशीर्वाद से, जो सपना हमने आज से पच्चीस वर्ष (25) पहले देखा था, अब वो सच होने जा रहा है, जिसके लिये हम बागेश्वर धाम सरकार का ह्रदय से धन्यवाद् करते है |


जय श्री बागेश्वर धाम.....जय श्री बालाजी महाराज.....जय श्री सन्यासी बाबा.....🙏🙏🙏

By the grace of almighty God, with the support of all of you and our kind well-wishers, and with the blessings of our de...
08/12/2024

By the grace of almighty God, with the support of all of you and our kind well-wishers, and with the blessings of our destitute, deprived, abused, homeless, specially-abled, battered, exploited, and mentally ill beneficiaries, Nirvana Foundation is taking a step forward in the service of mankind.

On December 11, 2024, Wednesday at 1.00 p.m., on 8-acre land acquired by Nirvana Foundation located between Chhatarpur district and Khajuraho region (M.P.), under the auspices of Divine Grace Bageshwar Dham Pithadhishwar Shri Dhirendra Krishna Shastri Gurudev Maharaj Ji Bhumi Pujan and Foundation Stone Laying Ceremony is being organized for the new shelter home of Nirvana Foundation. You are cordially invited to join us with your family on this propitious occasion to add more bliss to it and to make this landmark occasion in the history of service to mankind and Nirvana Foundation even more unforgettable!

Be a part of the journey that believes in upliftment, transformation, and betterment of every human
soul…..!

We thank you for your continued support and blessings…..🙏🙏

ईश्वर की असीम कृपा से, आप सभी शुभचिंतकों के समर्थन से, और हमारे निराश्रित, वंचित, प्रताड़ित, बेघर, दिव्यांगजन, पीड़ित, शोषित और मानसिक रूप से विक्षिप्त लाभार्थियों के आशीर्वाद से, निर्वाना फाउण्डेशन मानव सेवा के पथ पर एक और कदम आगे बढ़ा रही है |

11 दिसंबर, 2024, बुधवार को दोपहर 1.00 बजे, छतरपुर ज़िले और खजुराहो क्षेत्र (म.प्र.) के बीच स्थित निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा अधिग्रहित 8 एकड़ भूमि पर, बागेश्वर धाम पीठाधीशवर श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री गुरुदेव महाराज जी के करकमलों से निर्वाना फाउण्डेशन के नए आश्रय गृह की भूमिपूजन और शिलान्यास धर्मक्रियाऍ सम्पादित की जानी है। आप से सादर निवेदन है की इस शुभ अवसर पर आप सपरिवार उपस्थित हो कर इस गरिमामय अवसर को और अधिक आनंदमय बनाए तथा मानव जाति की सेवा और निर्वाना फाउण्डेशन के इतिहास में इस स्वर्णिम पर्व को और भी अधिक अविस्मरणीय बनाए !

आइए इस यात्रा में भाग ले जो प्रत्येक मानव आत्मा के उत्थान, परिवर्तन और उन्नति में विश्वास करती है.....!

हम आपके द्वारा प्रदान किए गए निरंतर समर्थन और आशीर्वाद के लिए सदेव आभारी है…....🙏🙏🙏

Jai Hind.....!

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Nirvana Foundation, Ward No 36, Opposite Peptech City, Deri Road
Chhatarpur

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