17/01/2026
"सीता राम चरण रति मोरे, अनुदिन बढ़उ अनुग्रह तोरे"
परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से निर्वाना फाउण्डेशन द्वारा एक और लावारिस, अनाथ, मानसिक विक्षिप्त महिला का घर परिवार खोजकर उसे सुरक्षित उसके तीन साल के बच्चे और माँ के पास जिला वारंगल, तेलंगाना पंहुचा दिया गया |
दिनांक 18/9/2025 को ग्राम टटम, थाना महाराजपुर, जिला छतरपुर द्वारा एक अनाथ, लावारिस, मानसिक विक्षिप्त महिला जो की अपना नाम शालिनी बता रही थी, जिसे लावारिस हालत में आश्रय हेतु निर्वाना फाउण्डेशन संस्था छतरपुर में लाया गया था | महिला को जब लाया गया था तब उसके शरीर एवं कपड़ो से बहुत ज्यादा बदबू आ रही थी, बालो में जटाए पड़ी हुई थी, गले में रुद्राक्ष की माला और बहुत सारी तुलसी जी की माला डाल राखी थी | हाथ में एक छोटा सा बैग था जिसमे एक समोसा, एक सेब और कुछ कांच की टूटी हुई चूड़िया डली हुई थी |महिला को संस्था में प्रवेश देने के बाद तुरंत नहला – धुलाकर साफ़ कपड़े पहनाकर और भोजन करवाया गया | तीन दिनों तक लगातार उसकी देखभाल करने के बाद जब शालिनी के बताये अनुसार मोबाइल नंबर पर जब उसके भाई श्रीनिवास से बातचीत की गई तब पता चला की महिला का नाम सुनीता रामेश्वरम है (उम्र 34 वर्ष) और वह लोग इसाई धर्म को मानते है, जो की थाना गाँधी नगर, हैदराबाद की रहने वाली है | सुनीता के पिता का स्वर्गवास आठ साल पहले हो गया था और सुनीथा के पति ने भी उसे दो साल पहले छोड़ दिया था, सुनीथा का एक तीन साल का बेटा है जो की अपनी नानी के पास रहता है | पति से रिश्ता टूटने के बाद सुनीता की मानसिक स्तिथि ख़राब होती गई और वह अपने बेटे के साथ अपनी माँ के घर पर रहने लगी |
दिनांक 10 मई 2025 को सुनीता की माँ, सुनीता और उसके बेटे को लेकर हैदराबाद के पास एक बहुत बड़े चर्च में प्रार्थना करने के लिये ले गई और वहां पर चर्च में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण सुनीता अपने परिवार से बिछड़ गई और बहुत खोजेने के बाद भी जब सुनीता नहीं मिली, तो परिवार ने दिनांक 13/05/2025 को थाना धर्मासागर, जिला हनुमाकोंडा, तेलंगाना में जाकर सुनीता की गुमशुदगी की रिपोर्ट (FIR) करवाई |
पूरा परिवार और पुलिस प्रशासन सुनीता को पिछले चार महीने से खोज रहा था और जब सुनीता के बारे में फ़ोन द्वारा परिवार जन को जानकारी मिली तो सभी बहुत खुश हो गए और फ़ोन पर बहुत रोने लगे |
सुनीता का परिवार ग़रीब और आर्थिक कमज़ोर होने के कारण वह लोग आने में अस्मर्थ थे, जिस कारण थाना धर्मासागर, जिला हनुमाकोंडा, तेलंगाना पुलिस को संपर्क किया गया और उन्हें छतरपुर आकार सुनीथा को ले जाने के लिये निवेदन किया गया और उन्हें छतरपुर आने का रास्ता बताया गया |
दिनांक 22/09/2025 को प्रधान आरक्षक (988) श्री बी. श्रीनाथ और महिला आरक्षक (3236) श्रीमती एम्. यमुना तेलंगाना से रेल द्वारा सतना होते हुए छतरपुर पहुचे और सारी कागजी कार्यवाही करने के बाद सुनीथा रामेश्वरम (शालिनी) को घर सुरक्षित उसके परिवार तक पहुचाने हेतु तेलंगाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया |
जय हिन्द.....जय भारत.......🙏🙏🙏