Our Daily Bread

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आपने कब अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव किया है और वह कैसा था? यीशु आपको विनम्रता पूर्वक दूसरों की सेवा करने में कैसे सहाय...
25/08/2026

आपने कब अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव किया है और वह कैसा था? यीशु आपको विनम्रता पूर्वक दूसरों की सेवा करने में कैसे सहायता करता है?

29 जून, 1955 को संयुक्त राज्य अमेरिका ने अन्तरिक्ष में उपग्रह स्थापित करने के अपने उद्देश्य की घोषणा की l इसके तुरंत बाद...

o 1 पतरस 2:9-12सोमवार | अगस्त 24तुम . . . परमेश्वर की प्रजा हो l [ 1 पतरस 2:10 ]नये सिरे से चलनाजब स्कूल के शीर्ष छात्रो...
24/08/2026

o 1 पतरस 2:9-12सोमवार | अगस्त 24

तुम . . . परमेश्वर की प्रजा हो l [ 1 पतरस 2:10 ]

नये सिरे से चलना

जब स्कूल के शीर्ष छात्रों को शैक्षिक उपलब्धि के लिए श्रेष्ठता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ तो तालियाँ गूंज उठीं l लेकिन कार्यक्रम समाप्त नहीं हुआ था l अगले पुरस्कार में उन छात्रों को सम्मानित किया गया जो स्कूल के “सर्वश्रेष्ठ” नहीं थे, बल्कि उनमें सबसे अधिक सुधार हुआ था l उन्होंने असफ़ल ग्रेड को सुधारने, अव्यवस्थित व्यवहार ठीक करने, या बेहतर उपस्थिति के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए कड़ी मेहनत की थी l उनके माता-पिता मुस्कराए और तालियाँ बजायीं, यह स्वीकार करते हुए कि उनके बच्चे उच्च पथ की ओर बढ़ रहे हैं—अपनी पिछली कमियों पर नहीं बल्कि उनके नए तरीके से चलने की उनकी राह को देख रहे थेI
हृदय को छू लेने वाला दृश्य इस बात की एक छोटी सी तस्वीर पेश करता है कि हमारे स्वर्गिक पिता हमें कैसे देखते हैं—हमारे पुराने जीवन में नहीं बल्कि अब, मसीह में, अपने बच्चों के रूप में l यहुन्ना ने लिखा, “परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया” (यहुन्ना 1:12) l
कितना प्रेमपूर्ण दृष्टिकोण है! इसलिए पौलुस ने नए विश्वासियों को याद दिलाया कि एक समय “[तुम] अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे”(इफिसियों 2:1) l लेकिन वास्तव में, “हम उसके बनाए हुए है, और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिए सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहले से हमारे करने के लिए तैयार किया [है]” (पद.10) l
इस प्रकार, पतरस ने लिखा, हम “एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा [हैं], इसलिए कि जिसने [हमें] अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट [करें]”(1 पतरस 2:9-10) l परमेश्वर की दृष्टि में, हमारे पुराने मार्ग का हम पर कोई दावा नहीं है l आइये स्वयं को परमेश्वर की दृष्टिकोण से देखें—और नए सिरे से चले l पेट्रीशिया रेबॉन

परमेश्वर आपको कैसे देखता है? उसमें आपको कैसे चलना चाहिए?

हे पिता, कृपया मेरे विषय अपने दृष्टिकोण से मुझे प्रेरित करें l

एक वर्ष में सम्पूर्ण बाइबल | भजन संहिता 116-118; 1 कुरिन्थियों 7:1-19

जब स्कूल के शीर्ष छात्रों को शैक्षिक उपलब्धि के लिए श्रेष्ठता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ तो तालियाँ गूंज उठीं l लेकिन...

परमेश्वर आपको कैसे देखता है? उसमें आपको कैसे चलना चाहिए?
24/08/2026

परमेश्वर आपको कैसे देखता है? उसमें आपको कैसे चलना चाहिए?

जब स्कूल के शीर्ष छात्रों को शैक्षिक उपलब्धि के लिए श्रेष्ठता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ तो तालियाँ गूंज उठीं l लेकिन...

o यिर्मयाह 4:1-4रविवार | अगस्त 23यहोवा की यह वाणी हैं, हे इस्राएल, यदि तू लौट आये, तो मेरे पास लौट आ l [ यिर्मयाह 4:1 ]ए...
23/08/2026

o यिर्मयाह 4:1-4रविवार | अगस्त 23

यहोवा की यह वाणी हैं, हे इस्राएल, यदि तू लौट आये, तो मेरे पास लौट आ l [ यिर्मयाह 4:1 ]

एक पश्चातापी हृदय

एक मित्र ने अपने विवाह की प्रतिज्ञा का उल्लंघन किया था l उसे अपने परिवार को नष्ट करते हुए देखना दर्दनाक था l जैसे ही उसने अपने पत्नी के साथ सुलह का प्रयास किया, उसने मुझसे सलाह मांगी l मैंने उससे कहा कि उसे शब्दों से अधिक कुछ देने की आवश्यकता है; उसे अपनी पत्नी से प्रेम करने और पाप के किसी भी स्वरुप को दूर करने में सक्रीय होने की ज़रूरत थी l
नबी यिर्मयाह ने उन लोगों को भी ऐसी ही सलाह दी थी जिन्होंने परमेश्वर के साथ अपनी वाचा को तोड़ दिया था और अन्य देवताओं का अनुसरण किया था l उसके पास लौटना पर्याप्त नहीं था (यिर्मयाह 4:1), हालांकि वह सही शुरुआत थी l उन्हें अपने कार्यों को वे जो कह रहे थे उसके अनुरूप बनाने की ज़रूरत थी l इसका अर्थ था अपनी “घिनौनी वस्तुओं” से छुटकारा पाना (पद.1) l यिर्मयाह ने कहा कि यदि उन्होंने “सच्चाई और न्याय और धर्म से” प्रतिबद्धताएं निभायीं, तो परमेश्वर राष्ट्रों को आशीष देगा(पद.2) l समस्या यह थी कि लोग खोखले वादे कर रहे थे l उनका हृदय इसमें नहीं था l
परमेश्वर केवल शब्द नहीं चाहता; वह हमारा ह्रदय चाहता है l जैसा कि यीशु ने कहा, “जो मन में भरा है, वही मुँह पर आता है” (मत्ती 12:34) l यही कारण है कि यिर्मयाह उन लोगों को प्रोत्साहित करता है जो अपने हृदय की बंजर भूमि को तोड़ने और काँटों के बीच बीज न बोने की बात नहीं सुनते थे (यिर्मयाह 4:3) l
अफ़सोस की बात है कि बहुत से लोगों की तरह, मेरे मित्र ने बाइबल की उचित सलाह पर ध्यान नहीं दिया और परिणामस्वरूप उसका विवाह टूट गया l जब हम पाप करते हैं, तो हमें उसे स्वीकार करना चाहिए और उससे विमुख होना चाहिए l परमेश्वर खोखले वादे नहीं चाहता; वह ऐसा जीवन चाहता है जो वास्तव में उसके अनुरूप हो l मैट लूकस

आपके जीवन के किन क्षेत्रों में आपके शब्द आपके कार्यों से मेल नहीं खाते?
आपको कौन से स्वरूप बदलने की जरूरत है?

हे पिता, कृपया मुझे क्षमा करें जब मेरे कार्य मेरे विश्वास से मेल नहीं खाते l

एक वर्ष में सम्पूर्ण बाइबल | भजन संहिता 113-115; 1 कुरिन्थियों 6

एक मित्र ने अपने विवाह की प्रतिज्ञा का उल्लंघन किया था l उसे अपने परिवार को नष्ट करते हुए देखना दर्दनाक था l जैसे ही उ...

आपके जीवन के किन क्षेत्रों में आपके शब्द आपके कार्यों से मेल नहीं खाते? आपको कौन से स्वरूप बदलने की जरूरत है?
23/08/2026

आपके जीवन के किन क्षेत्रों में आपके शब्द आपके कार्यों से मेल नहीं खाते?
आपको कौन से स्वरूप बदलने की जरूरत है?

एक मित्र ने अपने विवाह की प्रतिज्ञा का उल्लंघन किया था l उसे अपने परिवार को नष्ट करते हुए देखना दर्दनाक था l जैसे ही उ...

o भजन संहिता 55:16-23शनिवार | अगस्त 22अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे संभालेगा l [ भजन संहिता 55:22 ]परमेश्वर की थाली म...
22/08/2026

o भजन संहिता 55:16-23शनिवार | अगस्त 22

अपना बोझ यहोवा पर डाल दे वह तुझे संभालेगा l [ भजन संहिता 55:22 ]

परमेश्वर की थाली में रख दें

वर्षों तक, एक माँ ने प्रार्थना की और अपनी व्यस्क बेटी को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का मार्ग निर्देशन करने और परामर्श और सर्वोत्तम दवाएं खोजने में सहायता की l उसके जीवन के उतार -चढ़ाव दिन-ब-दिन उसकी माँ के हृदय पर भारी पड़ता जा रहा था l अक्सर उदासी से थक जाने पर उसे एहसास हुआ कि उसे अपना भी ख्याल रखना होगा l एक मित्र ने सुझाव दिया कि वह अपनी चिंताओं और जिन चीज़ों को वह नियंत्रित नहीं कर सकती, उन्हें कागज़ के छोटे टुकड़ों पर लिखकर उन्हें अपने सिरहाने “परमेश्वर की थाली” पर रखें l इस सरल अभ्यास से सारा तनाव समाप्त नहीं हुआ, लेकिन उस थाली को देखकर उसे याद आया कि ये चिंताएं परमेश्वर की थाली में हैं, उसकी नहीं l
एक तरह से, दाऊद के कई भजन संहिता उसकी परेशानियों को सूचीबद्ध करने और उन्हें परमेश्वर की थाली में रखने का उसका तरीका था (भजन संहिता 55:1,16-17) l यदि बेटे अबशालोम द्वारा तख्तापलट के प्रयास का वर्णन किया जा रहा है, तो दाऊद के “घनिष्ठ मित्र” अहितोपेल ने वास्तव में उसे धोखा दिया था और उसे मारने की साजिश में शामिल था (2 शमूएल 15-16) l इसलिए “सांझ को, भोर को, और दोपहर को [दाऊद] दोहाई [देता रहा] और कराहता [रहा],” और [परमेश्वर ने उसकी] प्रार्थना सुन [ली]” (भजन संहिता 55:1-2, 16-17) l उसने “अपना बोझ यहोवा पर डाल [देने]” का निर्णय लिया और उसकी देखभाल का अनुभव किया (पद.22) l
हम प्रामाणिक रूप से स्वीकार कर सकते हैं कि चिंताएं और भय हम सभी को प्रभावित करते हैं l हमारे मन में भी दाऊद जैसे विचार आ सकते हैं: “भला होता कि मेरे कबूतर के से पंख होते तो मैं उड़ जाता और विश्राम पाता” (पद.6) l परमेश्वर निकट है और केवल वही है जो परिस्थितियों को बदलने की सामर्थ्य रखता है l सब उसकी थाली में रख दें l एनी सिटास

आपकी चिंताएं कहाँ हैं—परमेश्वर की थाली में या आपकी? अभी आप उसे क्या देंगे?
हे परमेश्वर, मेरे हृदय में अक्सर चिंताएं रहती हैं l मैं उन सभी को फिर से आप पर छोड़ता हूँ l मैं अपनी थाली खाली कर रहा हूँ और आपकी थाली भर रहा हूँ l

एक वर्ष में सम्पूर्ण बाइबल | भजन संहिता 110-112; 1 कुरिन्थियों 5

वर्षों तक, एक माँ ने प्रार्थना की और अपनी व्यस्क बेटी को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का मार्ग निर्देशन करने और परामर्श .....

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