Champawat - Uttarakhand Jankalyan Sangathan

Champawat - Uttarakhand Jankalyan Sangathan Official page For Champawat Distt. Uttarakhand of Uttarakhand Jankalyan Sangathan (Regd.), Handling by www.ukjankalyan.org Team.

*15 सितंबर चंपावत स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🌺..*उत्तराखंड की धरती देवभूमि कहलाती है, और इस देवभूमि के ...
15/09/2025

*15 सितंबर चंपावत स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🌺..*

उत्तराखंड की धरती देवभूमि कहलाती है, और इस देवभूमि के हृदय में बसा है चम्पावत जिला। इतिहास, संस्कृति, आध्यात्मिकता और प्राकृतिक सौंदर्य से ओतप्रोत यह जिला 15 सितंबर को अस्तित्व में आया, उसी दिन ने इसके लोगों को एक नई पहचान दी। यही कारण है कि स्थापना दिवस का महत्व केवल प्रशासनिक दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक दृष्टि से भी अत्यंत विशेष है।

चम्पावत का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। यह वही भूमि है, जहाँ कुमाऊँ के चंद वंश ने अपनी राजधानी स्थापित की थी। चंद राजाओं ने यहां से शासन करते हुए कुमाऊँ की संस्कृति और परंपराओं को नई दिशा दी। चम्पावत न केवल सत्ता का केंद्र था, बल्कि यहां धार्मिक और सामाजिक गतिविधियाँ भी उत्कर्ष पर रहीं। बालेश्वर मंदिर, नागनाथ मंदिर के प्राचीन अवशेष और काली कुमाऊँ की भूमि उस गौरवशाली अतीत की गवाही देते हैं।

स्थापना दिवस इस गौरव को याद करने का अवसर है। यह हमें सिखाता है कि हमारे पूर्वजों ने कितनी दूरदर्शिता और मेहनत से इस क्षेत्र को विकसित किया और हमारी संस्कृति को संजोकर रखा।

चम्पावत का नाम आते ही आस्था से जुड़े अनेक स्थल स्मृति में ताज़ा हो जाते हैं। पूर्णागिरि धाम, बालेश्वर महादेव, ब्यानधुरा, मानेश्वर मंदिर, बराही मंदिर, झूमाधुरी मंदिर, गोलू देवता मंदिर जैसे पावन धामों ने इस जिले को धार्मिक दृष्टि से महान बनाया है। हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं।

स्थापना दिवस पर यह धार्मिक परंपरा और भी सशक्त रूप से सामने आती है। लोग भजन-कीर्तन, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और लोकनृत्य-लोकगीतों के माध्यम से अपनी आस्था को व्यक्त करते हैं। यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारी संस्कृति और परंपराएँ हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं।

चम्पावत की वादियाँ, नदियाँ और जंगल इसे प्राकृतिक रूप से अनुपम बनाते हैं। यहाँ के जंगलों में विभिन्न प्रजातियों के वन्य जीव पाए जाते हैं। बाणासुर का किला, लोहाघाट, मायावती आश्रम, अद्भुत दृश्यों से भरा पाटी क्षेत्र और बाराकोट और पूर्णागिरि तहसील जैसे स्थल इसे पर्यटन का केंद्र बनाते हैं।

Address

Champawat

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Champawat - Uttarakhand Jankalyan Sangathan posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to Champawat - Uttarakhand Jankalyan Sangathan:

Share