24/04/2026
*दिल्ली हाई कोर्ट में INTUC की ऐतिहासिक विजय – हर मजदूर के लिए गर्व का क्षण*
प्रिय साथियों,
कल का दिन देश के प्रत्येक मेहनतकश साथी के लिए गर्व, सम्मान और विजय का ऐतिहासिक दिन था। कल माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने INTUC के पक्ष में एक ऐतिहासिक और निर्णायक फैसला सुनाया, जिसने सत्य, न्याय और मजदूर एकता की ताकत को पुनः सिद्ध कर दिया है।
यह जीत केवल INTUC की नहीं, बल्कि हर उस मेहनतकश साथी की जीत है जो न्याय, प्रतिनिधित्व और श्रमिक अधिकारों में विश्वास रखता है।
फैसले की मुख्य बातें:
✅ *अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों का अंत*
वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने आंतरिक विवादों का हवाला देते हुए INTUC को सरकारी बैठकों एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों से बाहर कर दिया था। माननीय न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि उक्त पत्र का अब कोई महत्व या वैधता नहीं है।
✅ *INTUC के वास्तविक नेतृत्व को मान्यता*
सरकार ने स्वयं न्यायालय में स्वीकार किया कि CLC जांच समिति ने डॉ. जी. संजीवा रेड्डी के नेतृत्व वाली INTUC को सत्यापन हेतु पात्र पाया, जबकि अन्य गुटों के दावों को अस्वीकार कर दिया गया। यह वैध और वास्तविक नेतृत्व की स्पष्ट मान्यता है।
✅ *माननीय न्यायालय का केंद्र सरकार को सशक्त निर्देश*
माननीय न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने भारत सरकार को निर्देश दिया है कि वह 8 सप्ताह के भीतर वर्ष 2017 के उस आदेश की समीक्षा करे, जिसके तहत INTUC की भागीदारी रोकी गई थी।
✅ *JBCCI एवं समितियों में प्रतिनिधित्व का मार्ग प्रशस्त*
कोल इंडिया (CIL) से संबंधित मामलों में अब स्थिति पूर्णतः स्पष्ट हो गई है। यह निर्णय JBCCI तथा विभिन्न द्विपक्षीय समितियों में INTUC की सम्मानजनक वापसी का मार्ग प्रशस्त करता है, जहाँ मजदूरों की आवाज सुनी जानी चाहिए।
*सत्य, एकता और मजदूर शक्ति की विजय*
यह निर्णय एक सशक्त संदेश देता है:
*एकजुट मजदूरों की आवाज को कोई शक्ति दबा नहीं सकती।*
*सत्य के सामने अन्याय कभी टिक नहीं सकता।*
*मजदूर एकता जिंदाबाद*
*INTUC जिंदाबाद*
*डॉ. जी. संजीवा रेड्डी जिंदाबाद*
*डॉ. संजय कुमार सिंह ज़िंदाबाद*
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