12/05/2024
#328 ( confession by Mr. Vinu)
हेलो दोस्तों तो दोस्तों आपका वही वीनु खान मोहल्ला हरदासपुरा से आज आपके सामने एक नई सच्चाई आपके सामने रखना चाहता हूं तो दोस्तों बात है 14 सितंबर की और पिछले साल २०२३ को मैं अपना 13 साल पुराना कैसे जो मेरे ऊपर 2010 में अपने पापा के हाथ को काटने के जुर्म में लगाया गया था उससे बरी होकर अपने घर आ गया हूं 1 महीने की सजा काटने के बाद! दोस्तों लेकिन मैंने जेल बहुत बार काटी मगर इस बार जो मेरा अनुभव रहा वह सबसे अलग रहा मैं कहीं प्रकार के लोगों से मिला जिनमें मर्डर खून बलात्कार रेप और 420 और नशा बेचने वालों को सजा दी गई है लेकिन कुछ लोग वहां ऐसे हैं जो सोचते रहते हैं कि यह सजा हमें जज ने करी है और जज ही हमें इस केस में बरी करेगा लेकिन उन्हें यह सोच नहीं की सजा सिर्फ रब देता है और उसे सजा से आजादी भी परमात्मा देता है तुम उसे अल्लाह बोलो भोलेनाथ बोलो जो भी बोलना है वह बोल सकते हो लेकिन आपके दिल में होना चाहिए दोस्तों क्योंकि हर चीज मोहताज है उसकी वह किसी का नहीं लेकिन मैं सिर्फ अपनी बात करूंगा कि मेरा सफर और अनुभव इस बात पर कैसा रहा कि जिस दिल से मैं उसे जेल में रहकर याद करता था वैसा आजाद होकर नहीं कर पा रहा मेरा दिल अंदर से ज्यादा बाहर बेचैन है क्योंकि वहां सिर्फ एक बेचैनी होती है कि अपने नहीं मिलते वरना क्यों ऐसा होता कि मैं कोई बुरा काम ना करता और ना ही मुझे यह जेल काटनी पड़ती ले देके जो भी करतूत थे वह मेरे हाथों के ही करतूत थे अल्लाह पाक ने मुझसे कभी गलत नहीं किया और ना ही वह अपने बंदे का बुरा करता है जो मैंने जेल काटी उसमें भी मोरल शिक्षा या फिर कुछ ना कुछ अल्लाह पाक की हिकमत थी मैं अपने बारे में और भी बयान करूंगा कि मैं किन-किन बुराइयों से घिरा हुआ हूं पहले तो जो मुझे इनाम में आने से रुकती है वह है मेरा खुद के नक्श पर काबू न होना यह मुझे बुराई की तरफ ज्यादा मुतवजह अर्थात धकेलने का काम करता है और इंसान से हैवान बना देता है अर्थात शैतान ही बना देता है यह बातें में इसलिए लिखता हूं या लिख रहा हूं क्योंकि मुझे पक्के ईमान वाला बना है मुझे मेरा अल्लाह पाक तमाम बुराइयों से बचाए रखें बेशक उसके सिवा कोई है ही नहीं जो मुझे अपनी जिम्मेदारी में ले ले उसको मिटाने वाला आज तक पैदा नहीं हुआ और ना ही होगा और अल्लाह पाक की जिम्मेदारी से निकल गया अगर मैं तो पूरी दुनिया मुझे बचाने में आ जाए और अल्लाह पाक सजा देने में आ जाए तो मुझे कोई नहीं बचा सकता और अगर वह बचाने में आ जाए मुझे तो दुनिया का शातिर से शातिर बड़े से बड़े इंटेलिजेंट जीनियस टैलेंटेड जो मर्जी हो मार नहीं सकता अच्छा अब अगर इन बातों पर भी गौर करें की अल्लाह पाक ने तंग दस्ती का भी हिसाब रखा और कसरत का होने में भी मतलब यह है कि जब इंसान के पास ज्यादा माल धन दौलत इख्तियार होता है तो उसमें वह अल्लाह पाक को भूल जाता है लेकिन जो इंसान गरीब हो वह अल्लाह पाक का खास बांदा होता है क्योंकि वह उसे मांगता रहता है बल्कि मैं कहना चाहूंगा कि जो सख्त इम्तिहान है वह माल का इंसान के पास मतलब पैसा ज्यादा कसरत तादाद में होना है, समझने वाली बात इसमें यह है की खुशी में इंसान अल्लाह पाक को भूल जाता है मगर गरीबी और गम दुख में वह अल्लाह पाक को याद रखता है, करते रहता है इसलिए ज्यादा सख्त इम्तिहान जिसके पास माल दौलत शोहरत है का होना है अल्लाह पाक बचाए रखें ऐसी लानत से अल्लाह पाक ने इंसान को रो ऑफ मटेरियल से बनाया लेकिन इस जिस की रूह को उसने खास अमृ अर्थात जो मरे नहीं ना ही उसे दबाया जा सकता है ना ही उसे जलाया जा सकता है ना ही उसे कोई कैद करके रख सकता है जो सीधी सी बात है कभी मरे नहीं उसकी आत्मा या रूह सोल का नाम दिया गया है, यह रूह पाक होती है लेकिन शैतान ने हमारे जिस्म पर काबू हमारे नफ्स को काबू करने से करा है अर्थात इच्छा!
रुक तो अंदर से पाक होती है यही तो इंसान को बुराई करने पर रोकती है मगर नफ़्स की मान कर चलने पर मतलब अपनी इच्छा की मान कर चलने पर यह हमसे नफरत करने लगती है बड़ा से बुरा इंसान भी अकेले में अल्लाह पाक को याद करके रोता है बल्कि वह नहीं रोता उसकी रूह नदामत आई मीन सॉरी फील करती है मगर अफसोस कि हम इन चीजों को मानने के लिए तैयार ही नहीं है जब हमारे सभी की रूहो को यानी कि जो दुनिया का आखिरी मरने वाला इंसान की रुह को भी जो आलम ए अरवाह जिस जगह अल्लाह पाक ने आत्माओं रूहों को एक प्रकार का कोल्ड स्टोरेज पर रखा है, शैतान को इंसान को बर्गलाने में पूरे 12 साल लग जाते हैं तब जाकर जब हम 12 साल के होते हैं तो हमारे गुना हा मतलब पाप लिखे जाते हैं आप इस चीज का ही हिसाब लगा लो कि इस रूप में जो मर्जी है मतलब नफ्स जो है इसको शैतान 12 साल लगातार मुसलसल बुराइयों के बारे में माइल करता रहता है सबसे पहले तो यह जीना की और मुतवजह आई मीन सेक्स की ओर इंसान को बरगलाता है, फिर उसके बाद इंसान को लालच चोरी घमंड और नशा वगैरा करने के लिए दिमाग में नेगेटिव थिंकिंग को भर देता है फिर इंसान हैवान बन जाता है और उसे अपने गुनाहों पर अफसोस भी नहीं होता तब जाकर वह शैतान बनता है आप इस बात का ही हिसाब लगा लो की जिस इंसान को अल्लाह पाक ने अपनी तमाम नियामतों से नवाज कर अशरफुल मखलूकात बनाया इसका मतलब यह है कि इंसान ने हर चीज पर काबू पा लिया है आप देख सकते हो कि खूंखार से खूंखार जानवर भी हमारे गुलाम हो जाते हैं और हमें नुकसान नहीं देते इंसान ही दुनिया में ऐसा है कि अगर यह काम कर्म अच्छे करें तो इसको देवताओं अर्थात फरिश्तों से भी और जीनातौ से भी ऊंचा दर्जा है बसरते वह कोई गुना ह न करें बुरा काम ना करें क्योंकि पैगंबर प्रॉफिटस जिनको हिंदुस्तान में अवतार बताया गया है इंसान ही होते हैं और भी अच्छे कर्म करने वाले इंसान ही होते हैं वह भी हमारी तरह इंसान होते हैं कोई दूसरी दुनिया से आए कोई एलियंस और मखलुकात नहीं होते वह भी हमारी तरह होते हैं उल्टा उन्होंने हमसे कई गुना ज्यादा दुख तकलीफ सहन करी लेकिन अल्लाह पाक से कभी भी शिकवा नहीं रखा बल्कि वह तो अल्लाह पाक को राजी करने में लग रहे उनको उनके काम ने जलील कर और मारा भी लेकिन कुर्बान जाऊ अपने आका अहमद मुज्तबा मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जाते गिरामी पर जिन्होंने कभी किसी के लिए बद्दुआ नहीं मांगी श्राप नहीं दिया, जिस किसी ने भी उन्हें दुख तकलीफ दी उनके लिए भी मेरे आका ॷहमद मुजतबा मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने दुआ ही मांगी हम आजकल के मुसलमान किस तरफ जा रहे हैं हम दूसरों को क्या बोलें जबकि खुद के दामन में भी दाग है सब कुछ जानते होते हुए भी हम गुमराह हो चुके हैं मेरा अल्लाह पाक हमें शैतान मरदूद से अपनी पनाह में रखें आमीन सुम्मा आमीन, मेरी यह बात अभी तक खत्म नहीं हुई दोस्तों अगर मैं बोलने में आ गया तो अल्लाह पाक ने मुझे ऐसा दिमाग दिया है जिसकी अपनी मेमोरी बहुत ही ज्यादा है बिलियन ट्रिलियन से जीबी से भी ज्यादा तो दोस्तों जाते-जाते मैं आपसे एक बात और कहना चाहता हूं जो मेरे उस्ताद हैं अंकु रावत उर्फ मनिंदर सिंह बहुत ही आला किस्म के इंसान है जो हमेशा गरीबों मस्कीनों यतीमों की मदद करते रहते हैं जो जो भी इस मेरी पोस्ट को पड़ेगा उसको बहुत ही आनंद आएगा अगर नहीं भी आया तो इस पोस्ट में आपको वह वह पढ़ने में आएगा जो आपको दुनियादारी की किताबों में नहीं मिलेगा, तो जाते-जाते दोस्तों एक शिक्षा देना चाहता हूं जिंदगी के हर मोड़ पर सबर और सुलाह करना सीखो झुकता कौन है जिसमें जान होती है अकड़ता कौन है मुर्दे की पहचान होती है इंसान पैसा कमाने के लिए पूरी उम्र लगा देता है सेहत को देता है और आखिर में सेहत वापस पाने के लिए अपना पैसा भी खो देता है ले देकर इंसान हासिल कुछ नहीं कर पाता शिवाय अच्छे कर्म जो इस दुनिया में करके गया उसका 100 साल तक भी 1000 साल तक भी 5000 साल तक भी नाम रहता है और जो बुरे कर्म करेगा बुरे काम करेगा उसके मरने पर इसका खानदान भी उसे तीन दिन में भूल चुका होता है तो जिस जिस मेरे भाई मेरे फ्रेंड सर्किल और रिलेटिव ने इस पोस्ट को पढ़ा हो तो कमेंट सेक्शन में कमेंट करके बताना कि मैं यह पोस्ट अच्छाई के लिए डाली या बुराई के लिए डाली दोस्तों अपना रिस्पांस जवाब जरूर दें आपका प्यारा भाई वीनू खान मोहल्ला हरदासपुर जिला चंबा स्टेट हिमाचल प्रदेश और देश हिंदुस्तान जिंदाबाद जिंदाबाद जिंदाबाद 🙏❤️🙏 जय हिंद लेकिन एक बात में बोलना भूल गया की अल्लाह पाक हम सभी हिंदू मुसलमान को यूनिटी में कर दे एक दूसरे का हमेशा साथी बनाएं और यह कभी आपस में ना लड़े ना झगड़ा करें शुक्रिया दोस्तों अस्सलाम अलेकुम, जय श्री राम हर हर महादेव जीसस क्राइस्ट 🪘💞🪘