28/04/2023
बात तब की है जब सूबे में अखिलेश सरकार थी, तब एक अभियान जोरों पर था,
नाम था "ODOM (वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया) काम हर जनपद में एक
गरीबों की जमीन पर कब्जा, तहबाजारी, व्यापारी माफिया वसूली
लाचार जनता के पास कोई अवसर नही था।
बदायूँ में एक माफिया पहले विधायक बना फिर मंत्री विकास का या विनास का आज भी कोई नही जानता है,
हिन्दू गरीब तो क्या कहते है मुसलमान भी सुरक्षित नही था शहर के बीचों बीच कसाई घर के पास विरोध कर रहे एक युवक को दौड़ा दौड़ा कर मार दिया जाता है।
जनता द्वारा चुनी गई ओम प्रकाश मथुरिया जी की नगर निकाय सरकार को वंधक बना लिया गया 3 साल भी ठीक से न चलने दिया,
इसी कसमकस में आदरणीय मथुरिया जी का स्वगवास हो गया।
माफिया ने मध्यावधि चुनाव करवा कर अपनी रानी को नगर पालिका की कुर्शी पर बैठा दिया,
और शुरू किया लूट का खेल,
बाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारियों में दहशत का माहौल व्याप्त था माफिया ही कर्मचारियों को नियंत्रित करने लगा।
इसी बीच 2017 का वो समय आता है जब एक मठ में बैठा सामान्य कदकाठी का योगी निकल का प्रदेश का मुख्यमंत्री बन जाता है
माफिया को प्रदेश से मिलने वाला सहयोग बन्द हो जाता है माफिया की पत्नी अपनी ही पार्टी के मुख्यमंत्री के भाई सांसद पर अपने पति की हत्या की साजिस का इल्जाम लगती है जो सिर्फ अंडर ग्राउंड बिजली केबिल घोटाले के कमीशन न मिल पाने के कारण था।
इसी वर्ष होने वाले नगर पालिका के चुनाव में एक सामान्य महिला कार्यकर्ता माफिया की पत्नी को बड़े अंतराल से कुर्सी से हटा कर खुद नगर पालिका चेयरमैन बनती है।
योगी जी के नेतृत्व पर माफिया के साम्राज्य पर बुलडोजर चलता है पूरे दिन बुलडोजर माफिया की दीवारों को हड्डी और अकड़ की तरह धीरे धीरे तोड़ता है माफिया को घर में दुबकने को मजबूर कर देती है आपके वोट से जीती ये महिला,
फिर शुरू होती है विकास की दास्तां
अगला भाग :- पार्ट 2 जल्द ही।।