इस मंच के कुछ प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं—
१.भारतीय भाषाओं की वर्तमान स्थिति तथा उसमें सुधार के उपाय ।
२.भारतीय भाषाओं को संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, अपेक्षित स्थान पर प्रतिष्ठापित कराना तथा रोजगार से जोड़ना ।
३.केंद्र में हिंदी और राज्यों में उनकी राजभाषाओं के प्रयोग को बढ़ाने के लिए अभियान चलाना एवं जन-जागरण करना।
४.भारतीय भाषाओं के लिए काम करने वाले सभी व्यक्तियों, भाषा-प्रेमियों और संस्थ
ाओं को एक मंच पर लाना तथा उनके मध्य सौहार्द एवं समन्यव स्थापित करना ।
५.केंद्र और राज्यों की राजभाषा नीति और नियमों के अनुसार सरकारी काम-काज में हिंदी और प्रादेशिक भाषाओं का प्रयोग किये जाने के लिए सरकारों से आग्रह करना व आवश्यकता पड़ने पर दबाब बनाना, राजभाषा अधिनियमों और नियमों को कड़ाई से लागू कराना ।
6.प्राथमिक, माध्यमिक, उच्चशिक्षा में चिकित्सा और तकनीकी सहित सभी स्तरों पर शिक्षा का माध्यम भारतीय भाषाएँ हों, —इस दिशा में प्रयास करना ।
७.छोटी-बड़ी सभी प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं का माध्यम हिंदी और भारतीय भाषाओं को बनवाना एवं अंग्रेजी के अनिवार्य प्रश्न पत्र को हटवाना ।
८.विधि, न्याय और प्रशासन, सूचना प्रोद्योगिकी ( ई.गवर्नेंस) डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन सेवा आदि उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में भारतीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ाना/बढ़वाना।
९.उच्चतम न्यायालय में हिन्दी और उच्च न्यायालयों में राज्य की राजभाषाओं के प्रयोग की अनुमति दिए जाने हेतु प्रयास करना ।
१०.भारतीय भाषाओं से संबंधित उन सभी बिन्दुओं पर विचार जो भारतीय भाषाओं के सम्वर्धन के लिए आवश्यक हैं।