कुड़मि 81

Directions Website Contact the organization

कुड़मि 81 Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from कुड़मि 81, Community Center, Chas Bokaro, Bokaro Steel City.

Department of Kudmali
@कुड़मि 81- Kudmi :- Mahato/Mahata/Mohanta
जय ग्राम देवता
कुड़मियो को अपना परब , त्योहार,
अपनी संस्कृति परब को बचाने हेतु इस पेज का निर्माण गया है किसी की आहत को ठेस पहुंचाने का हमे कोई मकशद नही है |

बहुत ही दुखद समाचार झूमर जगत को अपूरणीय क्षति: झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की लोकप्रिय लोकगायिका रजनी पात्रा महतो का प...
26/08/2026

बहुत ही दुखद समाचार झूमर जगत को अपूरणीय क्षति: झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की लोकप्रिय लोकगायिका रजनी पात्रा महतो का प्रसव के बाद निधन

झारग्राम: झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की लोकप्रिय झूमर लोकगायिका रजनी पात्रा महतो का प्रसव के बाद निधन हो गया। इस दुखद खबर से झूमर संगीत जगत, कुड़मी समाज और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जानकारी के अनुसार, रजनी पात्रा महतो ने झारग्राम के एक सरकारी अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया। प्रसव के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

घटना के बाद कुड़मी समाज के लोगों, झूमर कलाकारों और बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

रजनी पात्रा महतो ने अपनी मधुर आवाज़ और बेहतरीन झूमर गीतों से झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलग पहचान बनाई थी। उनके कई गीत आज भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। उनका निधन लोक संस्कृति और झूमर संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है, जबकि अस्पताल प्रबंधन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
Sima Banuar

"KOROM " is nothing but a vow about "Learning by Doing " & "How to be Social"Deepak Kumar Punuriar
26/08/2026

"KOROM " is nothing but a vow about "Learning by Doing " & "How to be Social"

Deepak Kumar Punuriar

Simply,KOROM:I'll do!(Sister's Vow)DHOROM:I'll keep !!(Brother's Vow)✍️Deepak Deepak Kumar Punuriar
26/08/2026

Simply,
KOROM:I'll do!
(Sister's Vow)
DHOROM:I'll keep !!(Brother's Vow)

✍️Deepak Deepak Kumar Punuriar

आप सभी को चड़क,भोक्ता बिशु परब की ढेर सारी शुभकामनाएं।जोहार बूढ़ा बाबा 🙏 #चड़क  #परब  #भोक्ता  #परब
14/04/2026

आप सभी को चड़क,भोक्ता बिशु परब की ढेर सारी शुभकामनाएं।
जोहार बूढ़ा बाबा 🙏
#चड़क #परब
#भोक्ता #परब

भगता_परब : कुंढ़ा-नाड़ा का अंतिम नेग(लेख: महादेव डुंगरियार |  )भगता परब के तीसरे दिन, यानी संक्रांति के दिन, "भगता घुरा"...
14/04/2026

भगता_परब : कुंढ़ा-नाड़ा का अंतिम नेग
(लेख: महादेव डुंगरियार | )

भगता परब के तीसरे दिन, यानी संक्रांति के दिन, "भगता घुरा" होता है। और अगले दिन तेल-हरइद तथा पुरखों को कुंढ़ा देने की परंपरा के साथ भगता परब का समापन होता है, जिसे कुड़मालि में "कुंढ़ा-नाड़ा" कहा जाता है।

इस दिन माँ या पत्नी उपवास रखती हैं और नहा-धोकर सात प्रकार के अनाज—
चावल, गेहूँ, चना, सेम, मकई, अरहर, मूंग—
को भूनकर ढेंकी में कूटती हैं। इससे बनने वाले कुंढ़ा में महुआ और आम भी मिलाया जाता है।

घर के बुजुर्ग पुरुष डुभा (मिट्टी का पात्र) में यह कुंढ़ा लेकर नदी या तालाब जाते हैं और अपने *पुरखों को जल में अर्पित* करते हैं। यह घर के भुत-पिंढ़ा और घर भीतर में भी अर्पित किया जाता है।

कुंढ़ा शब्द आज लुप्त होता जा रहा है। बहुत लोग इसे सत्तू कहने लगे हैं और 'सतुआ' शब्द प्रचलन में आ गया है।
याद रखें, यह भगता परब हमारे पुरखों की याद और सम्मान का पर्व है, जब उनके घाट उठते हैं। यही कुड़मालि संस्कृति की परंपरा है।

परंतु अब कुछ कुड़मी घराने पितृपक्ष के आर्य कर्मकांडों की ओर झुकने लगे हैं, जिससे हमारी मूल सांस्कृतिक पहचान खतरे में है।

अब समय है लौटने का...
अपने नेगाचारि (परंपरा) की ओर, अपने असल जड़ों की ओर।

नयी पीढ़ी को जोड़िए,
कुड़मालि संस्कृति को बचाइए।

5 साल बाद झारखण्ड लौटेंगे सिंदरी के पूर्व विधायक इंद्रजीत महतोअच्छी खबर - सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक इंद्रज...
11/04/2026

5 साल बाद झारखण्ड लौटेंगे सिंदरी के पूर्व विधायक इंद्रजीत महतो

अच्छी खबर - सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक इंद्रजीत महतो लगभग पांच वर्षों के लंबे अंतराल के बाद झारखंड लौटने वाले हैं। आगामी 14 अप्रैल को वे हैदराबाद से एयर एंबुलेंस के जरिए रांची पहुंचेंगे।
झारखंड वापसी के बाद वे सीधे अपने घर नहीं जाएंगे, बल्कि बोकारो स्थित मेडिकेंट हॉस्पिटल & रिसर्च सेंटर में चिकित्सकीय निगरानी में ही रहेंगे।
ज्ञात हो कि श्री महतो का कोरोना संक्रमित होने के बाद 17 अप्रैल 2021 से हैदराबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें यात्रा की अनुमति दे दी है।
जानकारी के अनुसार रांची एयरपोर्ट से लेकर बोकारो अस्पताल तक उनके स्वागत के लिए समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विशेष कार्यक्रमों की तैयारी की जा रही है।
इधर इंद्रजीत महतो की वापसी की खबर से सिंदरी और धनबाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अपने नेता की वापसी को लेकर समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है...

शिवाजी समाज के संस्थापक, झामुमो के संस्थापक सदस्य एवं वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय टेकलाल महतो जी की जयंती पर उनको ...
11/04/2026

शिवाजी समाज के संस्थापक, झामुमो के संस्थापक सदस्य एवं वरिष्ठ झारखंड आंदोलनकारी स्वर्गीय टेकलाल महतो जी की जयंती पर उनको शत् शत् नमन 🙏
झारखंड आंदोलन में आपका योगदान और समाज के प्रति आपका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा।

विनम्र श्रद्धांजलि

भगता परब: एक जनजातीय परंपरा की पुकारभगता परब – पहचान के कई नामभगता परब को अलग-अलग क्षेत्रों में कई नामों से जाना जाता है...
11/04/2026

भगता परब: एक जनजातीय परंपरा की पुकार
भगता परब – पहचान के कई नाम

भगता परब को अलग-अलग क्षेत्रों में कई नामों से जाना जाता है – चइत (छुइत) परब, मड़ा (मंडा) परब, चड़क पूजा, बिसु परब, और भी कई।

🌑 यह वैदिक परंपरा से जुड़ा पर्व नहीं है,
बल्कि यह एक शुद्ध आदिवासी (जनजातीय) सांस्कृतिक आयोजन है।
इसीलिए हिंदू मुख्यधारा में इसे नहीं मनाया जाता।
हाँ, कुछ दलित (शूद्र) समुदाय के लोग जो वर्षों से आदिवासियों के साथ रहते आए हैं,
उन्होंने भी इसे आस्था और सम्मान के साथ अपनाया है।

🌑 शिव नहीं, बुढ़ाबाबा की आराधना
समकालीन समाज में कई लोग भगता परब को 'शिव पूजा' मान लेते हैं,
लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
यह 'शिव' नामक हिंदू देवता की आराधना नहीं है,
बल्कि 'बुढ़ाबाबा', यानी आदिवासी समुदाय के आदि-पुरखों की सामूहिक श्रद्धांजलि (मरखि-छुत) का पर्व है।
अगर शिव और बुढ़ाबाबा एक होते,
तो हर शिवालय में भगता परब मनाया जाता।
पर ऐसा कभी नहीं होता।

शिव की पूजा शिवालय (मंदिर) में होती है,
जबकि बुढ़ाबाबा की आराधना मड़प-थान में की जाती है।
मुगल काल के दौरान, जब ब्राह्मणों को इस क्षेत्र में बसाया गया,
तो उन्होंने राजपुरोहित बनकर धीरे-धीरे जनजातीय परबों में भी
अपनी घुसपैठ शुरू कर दी।

भगता परब में पंडित या ठाकुर का आना इसका जीता-जागता प्रमाण है। जबकि आज तक किसी ब्राह्मण को भगता परब का “भगतिआ” बनते नहीं देखा गया।
वे इसे हमेशा राड़-चुआड़ों का परब कहकर अलग मानते रहे हैं।

🌑 विश्वविख्यात मानवशास्त्री H.H. Risley ने
अपनी कृति "The Tribes and Castes of Bengal (1891), Vol-1" में जनजातीय समाज में ब्राह्मणवादी प्रभाव का सूक्ष्म विश्लेषण किया है। यह एक ऐसी पुस्तक है, जिसे हर शोधकर्ता और जनजागृत व्यक्ति को पढ़ना चाहिए।

आज कई आदिवासी परबों को
पौराणिक कथाओं और वैदिक प्रतीकों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। यह एक सुनियोजित सांस्कृतिक षड़यंत्र का हिस्सा है – जिसका उद्देश्य जनजातीय समाज को गुलाम बनाना, उनकी अस्मिता और पहचान को मिटाना है।

जाँत, करम, जितिआ, सहराइ, टुसु, भगता –
इन सभी परबों के साथ यही प्रक्रिया चलाई जा रही है।

भगता परब की विधि और परंपरा
भगता परब एक शोक-पर्व है – जहाँ पुरखों की मरखि-छुत (मृत्यु तिथि) को सामूहिक रूप से मनाया जाता है।
इसकी तैयारी 15 दिन पहले से शुरू हो जाती है,
जिसे "धुमइल" यानी छुत-सूचना कहा जाता है।

दिनों का क्रम

1. पहला दिन – फलहार:
हल्का भोजन, मांसाहार निषेध, संयम की शुरुआत।

2. दूसरा दिन – उपवास और घाट उठाना:
नदी-तालाब से घाट उठाकर, रात भर गाजन और
छऊ-नाच के साथ जागरण।

3. तीसरा दिन – भगतिआ की तपस्या:
भगता पीठ और छाती में लोहे के हुक छेदवाकर
ऊँचे खूँटे से लटककर श्रद्धा अर्पित करता है।

4. चौथा दिन – तेल-हरइद और बलि:
भगता को हल्दी-तेल लगाया जाता है,
और मड़प थान में बलिदान देकर परब की समाप्ति होती है।

भगता परब केवल एक पर्व नहीं,
बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक स्मृति, पूर्वजों की पुकार,
और हमारी पहचान की रक्षा का प्रतीक है।

✍️.... Mahadeo Dungriar

खुद जागरूक बनें, समाज को भी जागरूक करें — यही हमारी ताकत है।
11/04/2026

खुद जागरूक बनें, समाज को भी जागरूक करें — यही हमारी ताकत है।

चुआड़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो  अमर रहे।।।।।🙏chandankiyari 🙏🙏
05/04/2026

चुआड़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ महतो अमर रहे।।।।।
🙏chandankiyari 🙏🙏

Address

Chas Bokaro
Bokaro Steel City
827010

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when कुड़मि 81 posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Organization

Send a message to कुड़मि 81:

Shortcuts

Share