क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ HMS बोकारो

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क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ HMS बोकारो KIMS/HMS BOKARO

15/08/2026
हक और न्याय के लिये अब होगा  आर पार का संघर्ष :- राजेंद्र सिंह आज दिनांक 21 मई 2026 (गुरुवार) को सेल/बोकारो इस्पात संयंत...
21/05/2026

हक और न्याय के लिये अब होगा आर पार का संघर्ष :- राजेंद्र सिंह

आज दिनांक 21 मई 2026 (गुरुवार) को सेल/बोकारो इस्पात संयंत्र के कोक-ओवन में 40 प्रतिशत ठेका मजदूरों की छँटनी, ग्रेडिंग सिस्टम के द्वारा कर्मियों की छँटनी की मंशा तथा कोक-ओवन प्रबंधन की भ्रष्टाचारी नीति के खिलाफ क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ सम्बद्ध हिन्द मजदूर सभा द्वारा मुख्य महाप्रबंधक कोक-ओवन एवं कोक केमिकल्स कार्यालय पर विशाल आक्रोश प्रदर्शन किया गया। मजदूरो की भारी संख्या जुलूस के रूप में बैट्री होते हुये मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पहुँच कर विशाल सभा में तब्दील हो गई। हाँलाकि संघ के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह स्वास्थ लाभ हेतु मुम्बई प्रवास के कारण प्रदर्शन से अनुपस्थित थे बावजूद इसके वर्चुअल रूप से प्रदर्शन में लगातार बने रहे तथा अपने लिखित सम्बोधन द्वारा मजदूरो को सम्बोधित किया।

वक्ताओ ने श्री सिंह के लिखित सम्बोधन को मजदूरो के बीच रखा। लिखित संबोधन मे श्री सिंह ने कहा कि सरकार की भ्रष्ट नीति और प्रबंधन की तानाशाही सारी सीमाएँ पार कर चुकी हैं।40 प्रतिशत ठेका मजदूरो की छँटनी तथा ग्रेडिंग के द्वारा बी एस एल कर्मियों की छँटनी की सोच इनकी मजदूर विरोधी कुंठित मानसिकता का जीता जागता उदाहरण है।प्रबंधन के शीर्ष अधिकारीगण एक बात बिल्कुल गांठ बांध लें मजदूर जब संघर्ष पर उतरता बड़े से बड़े तानाशाह को घुटने पर ला देता है। पी एस यु के गठन का उद्देश्य बेरोजगारो को नौकरी उपलब्ध कराना है ना कि नौकरी कर रहे युवाओ को बेरोजगार करना है।

कोक-ओवन प्रबंधन पर बरसते हुये श्री सिंह ने अपने लिखित सम्बोधन में कहा कि विगत लगभग एक वर्ष से कोक-ओवन की स्थिति बेहद अराजक बन चुकी है।महीने भर कार्य करने के बावजूद मजदूरो को कोई वेतन सुरक्षा नहीं, वेतन कभी 20, कभी 25 तारीख तो किसी महीने गायब, निदेशक प्रभारी को सरेआम गाली देने वाले ठेका कम्पनी के सुपरवाइजर को मुख्य महाप्रबंधक अपने चेम्बर में चाय पकौड़े परोसते हैं। मेडिकल मे जान बूझकर देरी कर मजदूरो को महीनो बैठाया जा रहा है।अनस्किल्ड के वेतन और गेट-पास पर मजदूरो से जबरन स्किल्ड का काम कराया जा रहा है।सुरक्षा तो मानो नगण्य है पी पी ई तो दूर की बात हानिकारक गैस के शिकायत के बावजूद मजदूरो को धमका कर काम कराया जा रहा है।

अब बहुत हुआ मजदूर याचना कर-कर के थक चुके हैं आज इस विशाल प्रदर्शन से मजदूर अपने हक और न्याय के संघर्ष का आह्वान करते हैं।आज के बाद अगर स्थिति और व्यवहार मे सुधार नहीं हुआ तो मजदूर कभी भी किसी भी दिन कोक-ओवन का धुआँ करने को मजबूर होंगें तथा मजदूरो के संघर्ष से उत्पन्न तमाम औद्योगिक अशान्ति की जवाबदेही कोक-ओवन प्रबंधन की होगी।

प्रदर्शन को सफल बनाने मे जुम्मन खान,संतोष कुमार, हरेराम सिंह, आनन्द कुमार, नितेश कुमार, टुनटुन सिंह, अभय शर्मा,अमित यादव, राजेश तिवारी,उज्जवल कुमार, सिराज अहमद,पाण्डव बाऊरी,अनिल कुमार, दिगम्बर कुमार, लाल बाबु सिंह,बासुदेव कुम्भकार आदि की मुख्य भुमिका रही।

आज दिनांक 29/01/2026 (गुरुवार) अपराह्न 1:00 बजे सेल/बोकारो इस्पात प्रबंधन के निरंकुश नीतियों, शोषण, बन्धुआ मजदूरी और दास...
29/01/2026

आज दिनांक 29/01/2026 (गुरुवार) अपराह्न 1:00 बजे सेल/बोकारो इस्पात प्रबंधन के निरंकुश नीतियों, शोषण, बन्धुआ मजदूरी और दास प्रथा के खिलाफ आक्रोशित मजदूरों ने संयंत्र के अधिशासी निदेशक संकार्य (ई.डी.वर्क्स) कार्यालय पर क्रान्तिकारी इस्पात मजदूर संघ सम्बद्ध हिन्द मजदूर सभा/ स्टील, मेटल एंड इंजीनियरिंग वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व में विराट आक्रोश प्रदर्शन किया।आक्रोश प्रदर्शन में प्लान्ट के विभिन्न विभागो से भारी संख्या में उपस्थित मजदूरों ने सेल और बोकारो प्रबंधन के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे संघ के महामन्त्री सह-सदस्य एनजेसीएस श्री राजेंद्र सिंह ने विराट आक्रोश प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुये कहा कि केन्द्र सरकार विदेशी दवाब और मित्र औद्योगिक घरानो को खुश करने के लिये जो नया श्रम कानून लायी है सीधे तौर पर मजदूर वर्ग को गुलाम बनाने की साजिश है।

वहीं श्री सिंह ने सेल और बोकारो प्रबंधन को आड़े हाथ लेते हुये कहा कि एक ओर मजदूर राष्ट्र निर्माण हेतु रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन कर रहें हैं वहीं दूसरी ओर प्रबंधन शोषण और तानाशाही में अंग्रेजी शासन काल के सारे रिकार्ड तोड़ने को तत्पर है।चोरों ने वेज रिवीजन के एम ओ यू में चोरी से हेरफेर की और अब अफोर्डेबलिटी क्लाउज का रोना रो रही है।रेटेड क्षमता से अधिक उत्पादन लक्ष्य तय कर इन्सेंटिव रिवॉर्ड लगभग खत्म कर चुकी है।डायरेक्टर पर्सनल के निर्देश तथा माननीय सहायक श्रमायुक्त के समक्ष युनियन के हड़ताल नोटिस पर वार्ता में इन्होंने लिखित स्वीकार किया था कि नई इन्सेंटिव रिवॉर्ड स्कीम के लिये कमिटी बन चुकी है दिसम्बर 2025 तक नई स्कीम लागू हो जायेगी।मगर जनवरी खत्म होने को है स्कीम तो दूर की बात कमिटी का भी अता-पता नहीं है।मजदूर विरोध में अंधी प्रबंधन को ना तो वरीय अधिकारियों के निर्देश से कोई सरोकार है ना हीं संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष समझौते की वैधानिकता की गरीमा।

मेनपावर की घोर कमी के बावजूद बीस प्रतिशत मेनपावर कम करने के लिये ए. बी. सी. ग्रेडिंग के तहत हर वर्ष हक और अधिकार को संघर्षरत मजदूरों को चिन्हित कर सी ग्रेड देकर सी.आर देने की योजना है इतना हीं नहीं कर्मियों के चार वर्ष के प्रमोशन एवं तीन फीसदी इन्क्रिमेन्ट पर भी कैंची की साजिश अन्दर अन्दर रची जा चुकी है।हमें ग्रेडिंग सिस्टम कतई मंजूर नहीं है 240 दिन उपस्थिति पर प्रमोशन की पात्रता हमने संघर्ष और बलिदान से हासिल किया है अगर छेड़ छाड़ की कोशिश भी हुई तो प्रबंधन अंजाम भुगतने को तैयार रहे।

ठेका मजदूरों के शोषण में तो इन्होंने सारे रिकार्ड तोड़ दिये हैं।ई एस आई सी से बाहर हो चुके मजदूरों के परिवार सहित ईलाज पर माननीय सहायक श्रमायुक्त के समक्ष युनियन के साथ वार्ता में इन्होंने लिखित वादा किया था कि नवंबर 2025 के अन्त तक हम मजदूर के परिवार सहित ईलाज के लिये वैकल्पिक हेल्थ इंश्योरेंस की व्यवस्था करेंगे मगर अब जाकर जनवरी में इन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था किया भी तो क्या सिर्फ कार्यरत मजदूर के लिये पूरे वर्ष में सिर्फ ₹2000/= का ओ पी डी। अब बताईये इतने रकम मे पूरे वर्ष का ईलाज संभव है ।ठेका मजदूरो के प्रमोशन की बात तो दूर अनस्किल्ड के वेतन और पदनाम पर स्किल्ड का काम लिया जा रहा है।एक तरफ ई एस आई सी में ये ए डब्लु ए को वेज का पार्ट मानते हैं मगर जब पी एफ अंशदान की बात आती है तो ए डब्लु ए को वेतन का भाग मानने से इंकार करते हैं।यानि अंधेर नगरी चौपट राजा।

पूरे प्लान्ट में अनस्किल्ड के गेट पास और वेतन पर स्किल्ड का काम कराया जा रहा है,वर्षो से यही मनमानी चली आ रही, मगर अब मजदूर जाग चुके हैं।ठेका मजदूरो को भी हर हाल में समयबद्ध ग्रेड प्रमोशन देना हीं होगा।ना नाइट शिफ्ट एलाउंस, ना शिक्षा, ना आवास भत्ता शोषण बदस्तूर जारी है।इतना हीं नहीं ग्रेच्युटी जैसे कानूनी अधिकार से वंचित रखना ठेका मजदूरो के प्रति इनकी घृणा का जीता जागता उदाहरण है।रिकॉर्ड उत्पादन में अहम भूमिका के बावजूद ना कोई प्रोत्साहन भत्ता ना हीं इनके लिये कोई इन्सेंटिव रिवॉर्ड स्कीम, ले दे के देते हैं तो क्या झारखंड सरकार के भवन निर्माण और बीडी पत्ता का मिनिमम वेज उसमे भी ठेकेदार की लूट।नाम एवं जन्म तिथी में सुधार हेतु मजदूर रोजाना सी एल सी का चक्कर काट रहें हैं अकारण मजदूरों प्रताड़ित किया जा रहा है,मानव संसाधन विभाग चैन की बंशी बजा रहा है।अब बहुत हुआ अब अंग्रेजी शासन की बंधुआ मजदूरी और दास प्रथा नहीं चलेगी,अपनी मांगो के लिये हम अब आर-पार के संघर्ष का संकल्प ले चुके हैं।

नगर प्रशासन पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त है,पूरा शहर मूलभूत सुविधाओ से वंचित है और ये नगर सेवा भवन के इर्द-गिर्द सड़क को चमकाने में लगे हैं। कर्मचारी अपने आवास पर एक रूम बना ले तो पूरा टी ए डिपार्टमेंट लाव लश्कर के साथ उसे तोड़ने तथा कर्मचारी को धमकाने पहुँच जाता है।वहीं हजारो एकड़ भूमि का अवैध अतिक्रमण इनके लिये कानूनी है।सैकड़ो खाली पड़े आवास को अवैध रूप से भाड़े पर चढ़ाकर दलालो के मातहत अधिकारी मजे लूट रहें हैं।

अस्पताल की हालत तो और भी दयनीय है।स्पेशलिस्ट डाक्टर, पारा मेडिकल कर्मचारी के अभाव में एक समय झारखंड का नम्बर एक अस्पताल हेल्थ सेन्टर बन कर रह गया है।यहाँ भी मजदूर घृणा की पराकाष्ठा तो देखिये अधिकारियों के लिये साफ सुथरी वातानुकूलित वार्ड और कर्मियों के लिये वातानुकूलित वार्ड तो दूर बात साफ सफाई भी ऐसी की बीमार ठीक होने बजाय और बीमार हो जाये।कर्मचारी अब बी जी एच में मामूली मामूली बीमारी के ईलाज से भी डर रहें हैं।मेडिकल सुविधा लगभग नगण्य हो चुकी है।कभी स्कुली शिक्षा में नम्बर एक बोकारो की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो चुकी है।निजी विद्यालय जमीन से लेकर पानी बिजली सब बी एस एल का उपयोग कर रहें हैं।मगर कर्मचारियों के बच्चो को एडमिशन में कोई छूट नहीं उल्टे डोनेशन और अत्यधिक फीस वसूली कर कर्मियों का आर्थिक दोहन लगातार जारी है।

अन्त में श्री सिंह ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुये कहा कि अब पानी सर के ऊपर जा चुका है,कुम्भकर्णी निन्द्रा त्याग कर तथा माननीय सहायक श्रमायुक्त के समक्ष लिखित स्वीकृति के मद्देनजर मजदूरो के अधिकारों को ससम्मान लागू कीजिये अन्यथा 09 फरवरी को सहायक श्रमायुक्त के वार्ता के बाद अगर आपने शोषण की नीति का त्याग नहीं किया तो मजदूर सीधी कार्रवाई को विवश होंगें।

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