18/08/2026
जैसी भूमि और जैसा बीज, वैसा ही उसका फल; वैसे ही जैसे संस्कार, वैसा ही जीवन।
गुरु जंभेश्वर भगवान की यह वाणी हमें सिखाती है कि संतान के संस्कारों को सही दिशा देना माता-पिता और समाज की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बुरे स्वभाव को देखकर निराश होने के बजाय प्रेम, उत्तम संगति और पवित्र संस्कारों से जीवन को संवारा जा सकता है।
अच्छे संस्कार ही श्रेष्ठ जीवन की नींव हैं। 🙏